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इलाज कराने से दवा लेने तक कतार
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फोटो-4-गोंडा जिला अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने के इंतजार में बैठे मरीज। -संवाद
- फोटो : GONDA
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गोंडा। उमस भरी गर्मी से जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ काफी बढ़ गयी है। ऐसे में ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों को जांच व इलाज के लिए घंटों लाइन में लगने की परेशानी से जूझना पड़ रहा है। इतना ही नहीं बीते सप्ताह हुए तबादले के बाद खाली पड़ी कई चिकित्सकों की कुर्सी पर अभी तक नए डॉक्टरों के न आने का खामियाजा भी अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को ही भुगतना पड़ रहा है।
बुधवार को जिला अस्पताल में इलाज के लिए छपिया से आए राजेश कुमार ने बताया कि वह पेट दर्द की परेशानी से छुटकारे के लिए सुबह साढ़े आठ बजे ओपीडी में आया था। करीब एक घंटे के इंतजार के बाद ओपीडी में चिकित्सक ने उसे देखकर पेट संबंधी कुछ जांच कराने को कहा। जांच कराने जब वह क्षेत्रीय निदान केंद्र पहुंचा तो वहां पहले से ही लंबी लाइन लगी थी। ऐसे में जांच कराने में ही डेढ़ घंटा बीत गया। इसके बाद जांच रिपोर्ट डॉक्टर को दिखाने के बाद लिखी गयी दवा लेने के लिए फर से दवा काउंटर की लंबी लाइन में लगने के बाद दोपहर दो बजे तक ही अस्पताल से बाहर जाने को मिला।
भंभुआ से आए दीनदयाल ने बताया कि सिर दर्द की परेशानी से छुटकारे के लिए जिला अस्पताल आया था। पर्चा बनवाने से लेकर ओपीडी कक्ष में दिखाने के लिए इस उमस भरी गर्मी में डेढ़ से दो घंटे तक लाइन में खड़े होकर इंतजार करना पड़ा। अस्पताल परिसर स्थित क्षेत्रीय निदान केंद्र में अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे कराने के लिए भी मरीजों की भारी भीड़ रहती है। ऐसे में अल्ट्रा साउंड से लेकर एक्स-रे कराने तक के लिए दर्द से कराहते मरीजों को वेटिंग कक्ष में बैठकर लंबा इंतजार करना पड़ता है।
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डॉक्टरों की कमी भी बढ़ा रही परेशानी
स्वास्थ्य विभाग में हुए तबादलों का असर भी जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर दिख रहा है। अस्पताल से स्थानांतरित हुए कई डॉक्टरों की जगह नए चिकित्सकों के कार्यभार न संभालने के कारण भी ओपीडी में हृदयरोग, नेत्र रोग व बाल रोग से जुड़े मरीजों को इलाज में काफी परेशानी हो रही है। जिला अस्पताल में डॉक्टरों के 44 पद सृजित हैं। इसके इतर नयी तैनाती न होने से एक दर्जन से अधिक चिकित्सकों के पद बीते काफी समय से खाली पड़े हैं।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की इस कमी का खामियाजा इलाज कराने के लिए ओपीडी में आने वाले मरीजों को उठाना पड़ रहा है। सीएमओ डॉ आरएस केसरी का कहना है कि गर्मी व उमस के कारण सभी अस्पतालों में मरीजों की बढ़ी है। इस कारण इलाज कराने में कुछ परेशानी हो सकती है। सभी अस्पतालों में चिकित्सकों को गुणवत्ता युक्त इलाज करने के साथ ही मरीजों से अच्छा बर्ताव रखने को निर्देशित किया गया है।
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बुधवार को जिला अस्पताल में इलाज के लिए छपिया से आए राजेश कुमार ने बताया कि वह पेट दर्द की परेशानी से छुटकारे के लिए सुबह साढ़े आठ बजे ओपीडी में आया था। करीब एक घंटे के इंतजार के बाद ओपीडी में चिकित्सक ने उसे देखकर पेट संबंधी कुछ जांच कराने को कहा। जांच कराने जब वह क्षेत्रीय निदान केंद्र पहुंचा तो वहां पहले से ही लंबी लाइन लगी थी। ऐसे में जांच कराने में ही डेढ़ घंटा बीत गया। इसके बाद जांच रिपोर्ट डॉक्टर को दिखाने के बाद लिखी गयी दवा लेने के लिए फर से दवा काउंटर की लंबी लाइन में लगने के बाद दोपहर दो बजे तक ही अस्पताल से बाहर जाने को मिला।
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भंभुआ से आए दीनदयाल ने बताया कि सिर दर्द की परेशानी से छुटकारे के लिए जिला अस्पताल आया था। पर्चा बनवाने से लेकर ओपीडी कक्ष में दिखाने के लिए इस उमस भरी गर्मी में डेढ़ से दो घंटे तक लाइन में खड़े होकर इंतजार करना पड़ा। अस्पताल परिसर स्थित क्षेत्रीय निदान केंद्र में अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे कराने के लिए भी मरीजों की भारी भीड़ रहती है। ऐसे में अल्ट्रा साउंड से लेकर एक्स-रे कराने तक के लिए दर्द से कराहते मरीजों को वेटिंग कक्ष में बैठकर लंबा इंतजार करना पड़ता है।
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डॉक्टरों की कमी भी बढ़ा रही परेशानी
स्वास्थ्य विभाग में हुए तबादलों का असर भी जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर दिख रहा है। अस्पताल से स्थानांतरित हुए कई डॉक्टरों की जगह नए चिकित्सकों के कार्यभार न संभालने के कारण भी ओपीडी में हृदयरोग, नेत्र रोग व बाल रोग से जुड़े मरीजों को इलाज में काफी परेशानी हो रही है। जिला अस्पताल में डॉक्टरों के 44 पद सृजित हैं। इसके इतर नयी तैनाती न होने से एक दर्जन से अधिक चिकित्सकों के पद बीते काफी समय से खाली पड़े हैं।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की इस कमी का खामियाजा इलाज कराने के लिए ओपीडी में आने वाले मरीजों को उठाना पड़ रहा है। सीएमओ डॉ आरएस केसरी का कहना है कि गर्मी व उमस के कारण सभी अस्पतालों में मरीजों की बढ़ी है। इस कारण इलाज कराने में कुछ परेशानी हो सकती है। सभी अस्पतालों में चिकित्सकों को गुणवत्ता युक्त इलाज करने के साथ ही मरीजों से अच्छा बर्ताव रखने को निर्देशित किया गया है।