फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   hospital,doctor,cold,late

डॉक्टरों की कुर्सी खाली, ठंड से कांपते रहे मरीज

Tue, 18 Jan 2022 11:24 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 18 Jan 2022 11:24 PM IST
विज्ञापन
hospital,doctor,cold,late
फोटो-11 गोंडा के जिला अस्पताल में दवा लेने के लिए लगी मरीजों की लाइन। संवाद - फोटो : GONDA
गोंडा। जिले में पड़ रही कड़ाके की ठंड से जन जीवन अस्त-व्यस्त होने लगा है। पहाड़ों की ओर से आने वाली बर्फीली हवाएं सभी की परेशानी बढ़ा रही है। ऐसे में जिला अस्पताल में डॉक्टरों की लेट लतीफी ओपीडी आने वाले मरीजों का दर्द और बढ़ा रही है। सबसे अधिक परेशानी बीमार बुजुर्गों व बच्चों को ठंड में ठिठुरते हुए घंटों ओपीडी कक्ष के बाहर डॉक्टरों का इंतजार करने में हो रही है। शिकायत के बाद भी इस पर कोई रोकथाम न लग पा रही है।
विज्ञापन

ठंड बढ़ने ने सांस, हड्डी व हृदय रोगियों की संख्या ओपीडी में तेजी से बढ़ है। इसके चलते ही जिला अस्पताल की ओपीडी से लेकर वार्डों तक में मरीजों का तांता लगा रहता है। ओपीडी के लिए शासन ने भले ही सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक का समय निर्धारित कर रखा हो लेकिन यहां के डॉक्टरों के न तो ओपीडी में आने का कोई समय है और न ही जाने का। पूछने पर साथी कर्मचारी बस यह कह कर चुप्पी साध लेते हैं कि साहब राउंड पर हैं।
विज्ञापन

ओपडी कक्ष में खाली डॉक्टरों की कुर्सी
मंगलवार को जिला अस्पताल के पर्चा काउंटर पर मरीजों की लंबी लाइन लगी थी। जबकि सुबह 10.50 बजे अधिकांश ओपीडी कक्ष में बैठने वाले डॉक्टरों की कुर्सियां खाली पड़ी थी। दोपहर साढ़े ग्यारह बजे तक कई डॉक्टर अपने ओपीडी कक्ष में नहीं पहुंचे। कक्ष संख्या-दस में बाल रोग विशेषज्ञ नदारद रहे तो कक्ष संख्या आठ में डॉक्टर की कुर्सी खाली रही। ओपीडी के बाहर ठंड में बैठे मरीज डॉक्टर का इंतजार करते दिखे। करनैलगंज से आए एक मरीज ने बताया कि सांस लेने में तकलीफ होने के बाद सुबह साढ़े आठ बजे से अस्पताल आया हूं। पूछने पर बस यह बताया जाता है कि साहब राउंड पर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोविड प्रोटोकाल का भी पालन नहीं
मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही वार्डों में तीमारदारों की भीड़ भी ज्यादा होने लगी। शनिवार को अस्पताल का मेडिकल वार्ड मरीजों व तीमारदारों से भरा था लेकिन इनमें से कोई भी कोविड प्रोटोकाल के तहत मुंह में मास्क लगाने व सामाजिक दूरी का पालन करता नजर नहीं आया। ऐसे में कोरोना संक्रमण के फैलने का खतरा भी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है।
सर्दी खांसी व निमोनिया के मरीज ज्यादा
ओपीडी में आने वाले मरीजों में अधिकांश बुजुर्ग व बच्चे शामिल हैं। इनमें बच्चों में सर्दी, खांसी, निमोनियां एवं कोल्ड डायरिया के पीड़ित और बुजुर्गों में हार्ट की परेशानी, दम फूलने एवं सांस लेने में तकलीफ के साथ हड्डी के जोड़ में दर्द की परेशानी के मरीज ज्यादा दिखे। डॉ. आरएस गुप्ता ने बताया कि ठंड में घरों में बच्चों के साथ-साथ बुजुर्गों की देखभाल भी काफी अहम हो जाती है। इससे बचने के लिए बच्चों एवं बुजुर्गों को ठंड में हमेशा गर्म कपड़ों के प्रयोग, ठंडे पानी से बचने, गर्म खाना खाने की सलाह ही कारगर साबित होती है।
बंद कमरे में आग से करें परहेज
आरएन पांडेय मेमोरियल अस्पताल के डॉ. राजेश पांडेय कहते हैं कि ठंड से बचने के लिए कमरे को गर्म करने के लिए लोग आग जलाते हैं। बंद कमरे में आग नहीं जलाना चाहिए तथा धुएं से बचाव करना चाहिए। कमरे के अंदर धुआं होने से बच्चे व बुजुर्गों को सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। बंद कमरे में लगातार रूम हीटर का प्रयोग भी नहीं करना चाहिए। इससे कमरे में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है।
बच्चों में हो रहा डायरिया व निमोनिया
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. घनश्याम गुप्ता कहते हैं कि ठंड के कारण बच्चों में कोल्ड डायरिया के साथ-साथ निमोनिया की भी शिकायत ज्यादा होती है। इससे पीड़ित कुछ बच्चे दूध पीने के साथ उल्टी भी करने लगते हैं। नवजात शिशु की मां को ठंड लगने से बच्चा भी बीमार हो जाता है।

बीपी व हृदय रोगी बरते पूरी सतर्कता
आशादेव मेमोरियल हास्पिटल के डॉ. डीएम शुक्ल कहते हैं कि ठंड में हाई ब्लड प्रेशर के मरीज के साथ-साथ हृदय रोगी व डायबिटिज के रोगी को भी पूरी तरह सतर्कता बरतने की जरूरत होती है। ठंड में ऐसे रोगियों को खानपान एवं रहन सहन के तौर तरीके पर विशेषतौर से ध्यान देना चाहिए। समय पर दवा के साथ-साथ कमरे में योगाभ्यास करते रहना बेहतर साबित होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed