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Gonda News: आबादी के बीच चल रहे कूड़ा डंपिंग जोन को लेकर हाईकोर्ट सख्त
Wed, 29 Oct 2025 11:41 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 29 Oct 2025 11:41 PM IST
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गोंडा। आबादी के बीच कूड़ा डंपिंग जोन बनाने और प्रतिदिन कूड़ा जलाने पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। नगर पालिका परिषद, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समेत अन्य अधिकारियों से कार्यवाही की रिपोर्ट मांगी गई है। पक्षकारों को 10 दिन में शपथ पत्र भी कोर्ट में दाखिल करना होगा।
शहर से सटे ग्राम पंचायत पूरे शिवाबख्तावर निवासी सर्वेश कुमार मिश्रा ने साल 2022 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में जनहित याचिका दायर कर कहा कि नगर पालिका परिषद गोंडा द्वारा कई वर्षों से अयोध्या मार्ग से गोंडा-बेलसर मार्ग को जोड़ने वाली सड़क के किनारे कूड़ा डाला जाता है। कई बार कूड़ा जलाने की शिकायत आई। इससे आसपास रहने वाले लोग गंभीर रूप से बीमार हो रहे हैं।
उन्होंने कूड़ा डंपिंग जोन को अन्यत्र स्थापित करने की मांग करते हुए संबंधित विभागों को आदेशित करने की याचना की। 15 सितंबर 2022 को याचिका की सुनवाई के बाद न्यायालय ने कूड़ा डंपिंग जोन हटाने का आदेश दिया। अदालत ने क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अयोध्या को नगर पालिका परिषद व बरात घर के खिलाफ कार्यवाही करने, जिला प्रशासन को डंपिंग जोन के लिए जमीन उपलब्ध कराने में सहयोग करने और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सहयोग करने का आदेश दिया।
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कोर्ट के आदेशानुसार सभी को अग्रिम तिथि को कूड़ा डंपिंग जोन हटाने के संबंध में की गई कार्यवाही का विवरण जरिये शपथ पत्र प्रस्तुत करना था। याची के अधिवक्ता की मानें तो अधिकारियों ने कूड़ा डंपिंग जोन हटाने के संबंध में न तो कोई कार्यवाही की और न ही कोर्ट में शपथ पत्र दाखिल किया। काफी समय बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मार्च 2023 में नगर पालिका परिषद पर 30 लाख रुपये जुर्माना लगाया और न्यायालय में शपथ पत्र दाखिल किया।
सोमवार को याचिका की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय और न्यायमूर्ति सगीता चंद्रा ने सख्त रुख अपनाते हुए 15 सितंबर 2022 के आदेश का अनुपालन करने का आदेश दिया। कोर्ट ने जिला प्रशासन, नगर पालिका परिषद और क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को 10 दिन के अंदर शपथपत्र दाखिल करने का आदेश दिया है। न्यायालय के आदेशानुसार इस मामले में प्रथम वरीयता के आधार पर सुनवाई के लिए 10 नवंबर 2025 की तिथि नियत की गई है।
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शहर से सटे ग्राम पंचायत पूरे शिवाबख्तावर निवासी सर्वेश कुमार मिश्रा ने साल 2022 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में जनहित याचिका दायर कर कहा कि नगर पालिका परिषद गोंडा द्वारा कई वर्षों से अयोध्या मार्ग से गोंडा-बेलसर मार्ग को जोड़ने वाली सड़क के किनारे कूड़ा डाला जाता है। कई बार कूड़ा जलाने की शिकायत आई। इससे आसपास रहने वाले लोग गंभीर रूप से बीमार हो रहे हैं।
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उन्होंने कूड़ा डंपिंग जोन को अन्यत्र स्थापित करने की मांग करते हुए संबंधित विभागों को आदेशित करने की याचना की। 15 सितंबर 2022 को याचिका की सुनवाई के बाद न्यायालय ने कूड़ा डंपिंग जोन हटाने का आदेश दिया। अदालत ने क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अयोध्या को नगर पालिका परिषद व बरात घर के खिलाफ कार्यवाही करने, जिला प्रशासन को डंपिंग जोन के लिए जमीन उपलब्ध कराने में सहयोग करने और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सहयोग करने का आदेश दिया।
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कोर्ट के आदेशानुसार सभी को अग्रिम तिथि को कूड़ा डंपिंग जोन हटाने के संबंध में की गई कार्यवाही का विवरण जरिये शपथ पत्र प्रस्तुत करना था। याची के अधिवक्ता की मानें तो अधिकारियों ने कूड़ा डंपिंग जोन हटाने के संबंध में न तो कोई कार्यवाही की और न ही कोर्ट में शपथ पत्र दाखिल किया। काफी समय बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मार्च 2023 में नगर पालिका परिषद पर 30 लाख रुपये जुर्माना लगाया और न्यायालय में शपथ पत्र दाखिल किया।
सोमवार को याचिका की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय और न्यायमूर्ति सगीता चंद्रा ने सख्त रुख अपनाते हुए 15 सितंबर 2022 के आदेश का अनुपालन करने का आदेश दिया। कोर्ट ने जिला प्रशासन, नगर पालिका परिषद और क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को 10 दिन के अंदर शपथपत्र दाखिल करने का आदेश दिया है। न्यायालय के आदेशानुसार इस मामले में प्रथम वरीयता के आधार पर सुनवाई के लिए 10 नवंबर 2025 की तिथि नियत की गई है।