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डीएम की फटकार से आहत एसीएमओ ने दिया इस्तीफा
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गोंडा। कोरोना संक्रमण में जान की बाजी लगाकर ड्यूटी करने वाले चिकित्सक अब अधिकारियों की हनक से परेशान हैं। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एपी सिंह तो जिलाधिकारी के व्यवहार से खासे खफा हैं, और उन्होंने शाम को होने वाली बैठकों में हनक दिखाने पर अपमानित किए जाने से आहत होकर इस्तीफा दे दिया है। एसीएमओ ने कहा कि अधिकारी न तो काम को तवज्जो देते हैं और न योग्यता का कोई ध्यान रखते हैं। सेवा में रहने का कोई औचित्य नही है, अपमान सहने के लिए चिकित्सा सेवा नहीं चुना था।
जिलाधिकारी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लगातार समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर चेतावनी और कार्रवाईयों की। शाम को वह समीक्षा कर विभागीय प्रगति की जानकारी करते हैं। बुधवार को एसीएमओ डॉ. एपी सिंह ने जिलाधिकारी पर कोई अन्य आरोप तो नहीं लगाए, लेकिन उनके व्यवहार से दुखी नजर आए।
उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री समेत विभाग के आला अधिकारियों को अपने पद से इस्तीफा देते हुए कहा कि हद हो गई है। एमबीबीएस करके चिकित्सा सेवा मान- सम्मान के साथ ही गरीबों की सेवा के लिए चुना था और वह लंबे समय से यह कार्य कर रहे हैं। पहली बार उन्हें ही नहीं शासकीय चिकित्सकों को अपमानित होना पड़ रहा है। बर्दाश्त से बाहर है, इसलिए वह अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं। वहीं जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने किसी को भी अपमानित करने से इंकार किया है। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ शासकीय कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हैं।
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जिलाधिकारी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लगातार समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर चेतावनी और कार्रवाईयों की। शाम को वह समीक्षा कर विभागीय प्रगति की जानकारी करते हैं। बुधवार को एसीएमओ डॉ. एपी सिंह ने जिलाधिकारी पर कोई अन्य आरोप तो नहीं लगाए, लेकिन उनके व्यवहार से दुखी नजर आए।
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उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री समेत विभाग के आला अधिकारियों को अपने पद से इस्तीफा देते हुए कहा कि हद हो गई है। एमबीबीएस करके चिकित्सा सेवा मान- सम्मान के साथ ही गरीबों की सेवा के लिए चुना था और वह लंबे समय से यह कार्य कर रहे हैं। पहली बार उन्हें ही नहीं शासकीय चिकित्सकों को अपमानित होना पड़ रहा है। बर्दाश्त से बाहर है, इसलिए वह अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं। वहीं जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने किसी को भी अपमानित करने से इंकार किया है। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ शासकीय कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हैं।
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