{"_id":"6807e084a20854654c0326ca","slug":"gondas-daughter-achieved-36th-rank-without-coaching-gonda-news-c-100-1-slko1026-136392-2025-04-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: गोंडा की बेटी ने बिना कोचिंग के ही हासिल की 36वीं रैंक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: गोंडा की बेटी ने बिना कोचिंग के ही हासिल की 36वीं रैंक
Wed, 23 Apr 2025 12:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 23 Apr 2025 12:01 AM IST
विज्ञापन
यूपीएससी की परीक्षा में 36वीं रैंक प्राप्त करने वाली मुस्कान श्रीवास्तव व 436वीं रैंक प्राप्त क
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोंडा। लक्ष्य हासिल करने के लिए यदि कड़ी मेहनत की जाए तो सफलता जरूर मिलती है। इसे सच कर दिखाया है शहर के आवास विकास कॉलोनी निवासी मुस्कान श्रीवास्तव ने। वर्ष 2023 में आईपीएस पद पर चयनित हुईं मुस्कान ने आईएएस बनने के लिए मेहनत जारी रखी और प्रतिदिन 10 से 12 घंटे पढ़ाई करके यूपीएससी की परीक्षा में 36वीं रैंक हासिल की है। मुस्कान की सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है।
मुस्कान के पिता डॉ. सुधीर कुमार श्रीवास्तव पशुपालन विभाग में जॉइंट डायरेक्टर के पद पर अयोध्या में तैनात हैं। मां कंचन श्रीवास्तव गृहिणी हैं। छोटी बहन कोपल श्रीवास्तव वेटनरी की पढ़ाई कर रही हैं। मुस्कान के ताऊ व डाक विभाग से सेवानिवृत्त पर्यवेक्षक अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वह बचपन से ही पढ़ाई में तेज थीं। मुस्कान ने सरकुलर रोड स्थित फातिमा स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की। इसके बाद आईआईटी जबलपुर से बीटेक किया। फिर उन्होंने सिविल सेवा में जाने की ठान ली।
मुस्कान वर्ष 2023 में आईपीएस बनी थीं, लेकिन उनका लक्ष्य आईएएस बनना था। जिसकी तैयारी उन्होंने जारी रखी। ट्रेनिंग के दौरान वह छुट्टी लेकर घर लौट आईं। बिना कोचिंग के ही वह तैयारी करती रहीं। प्रतिदिन 10 से 12 घंटे पढ़ाई करके वह यूपीएससी की परीक्षा पास कर आईएएस बन गई हैं। मुस्कान के बाबा छोटेलाल श्रीवास्तव जिला विकास अधिकारी पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
विज्ञापन
नवनीत को मिली 436वीं रैंक
गोंडा। शहर के पंतनगर मोहल्ले के निवासी नवनीत मिश्र को यूपीएससी की परीक्षा में 436वीं रैंक प्राप्त हुई है। उनके बड़े भाई अश्वनी मिश्र ने बताया कि चार भाइयों में सबसे छोटे नवनीत 2020 से दिल्ली में रहकर तैयारी कर रहे थे। उन्होंने पांचवें प्रयास में सफलता हासिल की है। नवनीत ने हाईस्कूल व इंटर की पढ़ाई शहर के ही सिटी मांटेसरी स्कूल से की। फिर आईआईटी मुंबई से बीटेक किया। बायो फार्मा कंपनी में एक साल नौकरी करने के बाद वर्ष 2022 में इंडियन कॉर्पोरेट लॉ सर्विसेस (आईसीएलएस) में चयनित हुए। अश्वनी ने बताया कि नवनीत आईसीएलएस में ट्रेनिंग पर हैं। नवनीत के सबसे बड़े भाई रामानुज मिश्र जवाहर नवोदय विद्यालय अलीगढ़ में शिक्षक हैं। दूसरे नंबर के अश्वनी पीसीएस की तैयारी कर रहे हैं। तीसरे नंबर के भाई आलोक बहराइच के नानपारा में प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक हैं। पिता नागेंद्र प्रसाद मिश्र सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर हैं। मां भागवती मिश्रा गृहिणी हैं। नवनीत का पैतृक निवास करनैलगंज के मुंडेरवा में है।
विज्ञापन
मुस्कान के पिता डॉ. सुधीर कुमार श्रीवास्तव पशुपालन विभाग में जॉइंट डायरेक्टर के पद पर अयोध्या में तैनात हैं। मां कंचन श्रीवास्तव गृहिणी हैं। छोटी बहन कोपल श्रीवास्तव वेटनरी की पढ़ाई कर रही हैं। मुस्कान के ताऊ व डाक विभाग से सेवानिवृत्त पर्यवेक्षक अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वह बचपन से ही पढ़ाई में तेज थीं। मुस्कान ने सरकुलर रोड स्थित फातिमा स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की। इसके बाद आईआईटी जबलपुर से बीटेक किया। फिर उन्होंने सिविल सेवा में जाने की ठान ली।
विज्ञापन
मुस्कान वर्ष 2023 में आईपीएस बनी थीं, लेकिन उनका लक्ष्य आईएएस बनना था। जिसकी तैयारी उन्होंने जारी रखी। ट्रेनिंग के दौरान वह छुट्टी लेकर घर लौट आईं। बिना कोचिंग के ही वह तैयारी करती रहीं। प्रतिदिन 10 से 12 घंटे पढ़ाई करके वह यूपीएससी की परीक्षा पास कर आईएएस बन गई हैं। मुस्कान के बाबा छोटेलाल श्रीवास्तव जिला विकास अधिकारी पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
विज्ञापन
नवनीत को मिली 436वीं रैंक
गोंडा। शहर के पंतनगर मोहल्ले के निवासी नवनीत मिश्र को यूपीएससी की परीक्षा में 436वीं रैंक प्राप्त हुई है। उनके बड़े भाई अश्वनी मिश्र ने बताया कि चार भाइयों में सबसे छोटे नवनीत 2020 से दिल्ली में रहकर तैयारी कर रहे थे। उन्होंने पांचवें प्रयास में सफलता हासिल की है। नवनीत ने हाईस्कूल व इंटर की पढ़ाई शहर के ही सिटी मांटेसरी स्कूल से की। फिर आईआईटी मुंबई से बीटेक किया। बायो फार्मा कंपनी में एक साल नौकरी करने के बाद वर्ष 2022 में इंडियन कॉर्पोरेट लॉ सर्विसेस (आईसीएलएस) में चयनित हुए। अश्वनी ने बताया कि नवनीत आईसीएलएस में ट्रेनिंग पर हैं। नवनीत के सबसे बड़े भाई रामानुज मिश्र जवाहर नवोदय विद्यालय अलीगढ़ में शिक्षक हैं। दूसरे नंबर के अश्वनी पीसीएस की तैयारी कर रहे हैं। तीसरे नंबर के भाई आलोक बहराइच के नानपारा में प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक हैं। पिता नागेंद्र प्रसाद मिश्र सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर हैं। मां भागवती मिश्रा गृहिणी हैं। नवनीत का पैतृक निवास करनैलगंज के मुंडेरवा में है।