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Gonda News: गोंडा के दही बड़ा को ओडीओसी से मिलेगी विशेष पहचान
Sun, 18 Jan 2026 11:19 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 18 Jan 2026 11:19 PM IST
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दही बड़ा। स्रोत: सोशल मीडिया
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गोंडा। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ''एक जनपद, एक उत्पाद'' (ओडीओपी) योजना की तर्ज पर अब ''एक जनपद, एक व्यंजन'' (ओडीओसी) योजना के तहत जिले के स्वादिष्ट व्यंजन दही बड़ा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की कवायद तेज हो गई है। डीएम और सीडीओ की स्वीकृति के बाद उद्योग विभाग ने इस व्यंजन को ओडीओसी में शामिल करने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। इस पहल से जहां जिले के इस पारंपरिक व्यंजन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं स्थानीय व्यवसायों और कारीगरों के लिए नए अवसर भी सृजित होंगे।
प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई ''एक जनपद, एक उत्पाद'' योजना के तहत जिले के मक्का और खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों को पहले ही पहचान मिल चुकी है। इसी क्रम में, अब ''एक जनपद, एक व्यंजन'' योजना से स्थानीय व्यंजनों को विशिष्ट पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। गोंडा के दही बड़ा का इस योजना में चयन कई मायनों में महत्वपूर्ण है। यह व्यंजन न केवल स्थानीय लोगों के बीच अत्यंत लोकप्रिय है, बल्कि इसकी अपनी एक अनूठी बनावट, स्वाद और बनाने की विधि है, जो इसे अन्य क्षेत्रों के दही बड़े से अलग बनाती है।
उद्योग उपायुक्त बाबू राम ने बताया कि दही बड़ा के चयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अधिकारियों की स्वीकृति के बाद प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस पहल से जिले के इस स्वादिष्ट व्यंजन को पहचान मिलेगी।
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स्वाद और परंपरा का संगम है दही बड़ा
गोंडा का दही बड़ा, विशेष रूप से इटियाथोक क्षेत्र का, अपनी खास बनावट और लाजवाब स्वाद के लिए जाना जाता है। इसे बनाने की विधि में विशेष प्रकार की दालों का प्रयोग किया जाता है, जिन्हें खास तरीके से पीसा जाता है। इसके बाद, बड़े को नरम और स्वादिष्ट बनाने के लिए उसे गाढ़े दही में डुबोया जाता है, जिसमें मीठे और चटपटे मसालों का मिश्रण डाला जाता है। यह संयोजन इसे एक अनूठा स्वाद प्रदान करता है जो हर किसी को पसंद आता है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
दही बड़ा को ओडीओसी के तहत विशेष पहचान मिलने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इस पहल से सीधे तौर पर गोंडा के छोटे डेयरी किसानों, दाल उत्पादकों और दही बड़ा बनाने वाले कारीगरों को लाभ होगा। जब इस व्यंजन की मांग राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ेगी, तो इन सभी वर्गों की आय में वृद्धि होगी। यह न केवल स्थानीय रोजगार के अवसरों को बढ़ाएगा, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन को भी आकर्षित करेगा, जिससे समग्र आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
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प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई ''एक जनपद, एक उत्पाद'' योजना के तहत जिले के मक्का और खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों को पहले ही पहचान मिल चुकी है। इसी क्रम में, अब ''एक जनपद, एक व्यंजन'' योजना से स्थानीय व्यंजनों को विशिष्ट पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। गोंडा के दही बड़ा का इस योजना में चयन कई मायनों में महत्वपूर्ण है। यह व्यंजन न केवल स्थानीय लोगों के बीच अत्यंत लोकप्रिय है, बल्कि इसकी अपनी एक अनूठी बनावट, स्वाद और बनाने की विधि है, जो इसे अन्य क्षेत्रों के दही बड़े से अलग बनाती है।
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उद्योग उपायुक्त बाबू राम ने बताया कि दही बड़ा के चयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अधिकारियों की स्वीकृति के बाद प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस पहल से जिले के इस स्वादिष्ट व्यंजन को पहचान मिलेगी।
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स्वाद और परंपरा का संगम है दही बड़ा
गोंडा का दही बड़ा, विशेष रूप से इटियाथोक क्षेत्र का, अपनी खास बनावट और लाजवाब स्वाद के लिए जाना जाता है। इसे बनाने की विधि में विशेष प्रकार की दालों का प्रयोग किया जाता है, जिन्हें खास तरीके से पीसा जाता है। इसके बाद, बड़े को नरम और स्वादिष्ट बनाने के लिए उसे गाढ़े दही में डुबोया जाता है, जिसमें मीठे और चटपटे मसालों का मिश्रण डाला जाता है। यह संयोजन इसे एक अनूठा स्वाद प्रदान करता है जो हर किसी को पसंद आता है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
दही बड़ा को ओडीओसी के तहत विशेष पहचान मिलने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इस पहल से सीधे तौर पर गोंडा के छोटे डेयरी किसानों, दाल उत्पादकों और दही बड़ा बनाने वाले कारीगरों को लाभ होगा। जब इस व्यंजन की मांग राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ेगी, तो इन सभी वर्गों की आय में वृद्धि होगी। यह न केवल स्थानीय रोजगार के अवसरों को बढ़ाएगा, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन को भी आकर्षित करेगा, जिससे समग्र आर्थिक विकास को गति मिलेगी।