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शहर में शामिल होते ही 27 गांवों में खत्म होगा पंचायती राज
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गोंडा। नगर पालिका में 27 ग्राम पंचायतों के शामिल होने के बाद अब वहां पर पंचायतराज व ग्राम्य विकास की योजनाएं ठप हो जाएंगी। शहरी का दर्जा तो पंचायतों को मिलेगा, लेकिन इनका अस्तित्व खत्म हो जाएगा। अंतिम अधिसूचना जारी होते पंचायत राज विभाग चल रही परियोजनाओं को बंद कर देगा। यहां के 27 पंचायतों के ग्राम प्रधानों के साथ 40 के करीब बीडीसी और 250 से अधिक पंचायत सदस्यों के पद खत्म हो जाएंगे।
झंझरी और पंडरीकृपाल ब्लॉक की 27 ग्राम पंचायतों के शहरी क्षेत्र में शामिल किए जाने की अनंतिम अधिसूचना पर आम लोगों से आपत्तियां मांगी गई हैं। नगर पालिका क्षेत्र में झंझरी ब्लॉक की ग्राम पंचायत गिर्द गोंडा, जानकीनगर, बड़गांव, इमिलिया गुरदयाल, छावनी सरकार, परेड सरकार, पथवलिया, बभनी कानूनगो, कटहामाफी, केशवपुर पहड़वा, रुद्रपुर विसेन, बूढ़ादेवर, पूरे शिवा बख्तावर, इमरतीविसेन, विमौर, झंझरी, देवरिया चूड़ामणि, लक्ष्मनपुर हरिवंश, सोनीहरलाल, उम्मेदजोत, पंडरीकृपाल ब्लॉक की ग्राम पंचायत खैरा, दत्तनगर विसेन, शेखापुर, सेमरादम्मन, रानीजोत, इंद्रापुर व धनौली ग्राम पंचायतों को शामिल किया जा रहा है।
खत्म हो जाएंगे संविदा के पद
इन पंचायतों के पंचायत प्रतिनिधियों के साथ रोजगार सेवक, पंचायत सहायक जैसे संविदा के पद खत्म हो जाएंगे। रोजगार सेवकों को तो दूसरी पंचायतों में समायोजित किया जा सकता है, लेकिन पंचायत सहायक का पद खत्म होगा। पंचायत भवनों को नगर पालिकाओं के अधिकारियों के कार्यालय के रूप में प्रयोग होगा या फिर किसी अन्य उपयोग में आएगा, इसे लेकर फैसला बाद में होगा। इसी माह नगर पालिका के विस्तार की तैयारी पूरी की जानी है।
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आसानी से पूरे हो सकेंगे यह काम
पंचायतों के शामिल होने से कई तरह की सहूलियत भी मिलेगी। नगर पालिका के पास भूमि की कमी होने से कूड़ा निस्तारण केंद्र की स्थापना नहीं हो पा रही है। सीवर लाइन, नालों जोड़े जाने के साथ ही अन्य कई कार्य के अवसर मिलेंगे। शहर के 18 स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, ऐसे में नई पंचायतों के शामिल होने से 75 के करीब परिषदीय स्कूल शहर में जुड़ जाएंगे। जिससे इन स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर हो सकेगी। इसी तरह पंचायतों में आरक्षित भूमि मिलने से नगर पालिका के कार्यालय के विस्तार व अन्य संस्थानों की स्थापना में सहूलियत भी होगी।
नगर पालिका के विस्तार की कार्रवाई की जा रही है। आपत्तियां का निस्तारण करके शासन को भेजा जाएगा। वहीं से विस्तार का निर्णय होना है। जो भी निर्देश मिलेंगे, उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। डॉ. उज्जवल कुमार, जिलाधिकारी
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झंझरी और पंडरीकृपाल ब्लॉक की 27 ग्राम पंचायतों के शहरी क्षेत्र में शामिल किए जाने की अनंतिम अधिसूचना पर आम लोगों से आपत्तियां मांगी गई हैं। नगर पालिका क्षेत्र में झंझरी ब्लॉक की ग्राम पंचायत गिर्द गोंडा, जानकीनगर, बड़गांव, इमिलिया गुरदयाल, छावनी सरकार, परेड सरकार, पथवलिया, बभनी कानूनगो, कटहामाफी, केशवपुर पहड़वा, रुद्रपुर विसेन, बूढ़ादेवर, पूरे शिवा बख्तावर, इमरतीविसेन, विमौर, झंझरी, देवरिया चूड़ामणि, लक्ष्मनपुर हरिवंश, सोनीहरलाल, उम्मेदजोत, पंडरीकृपाल ब्लॉक की ग्राम पंचायत खैरा, दत्तनगर विसेन, शेखापुर, सेमरादम्मन, रानीजोत, इंद्रापुर व धनौली ग्राम पंचायतों को शामिल किया जा रहा है।
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खत्म हो जाएंगे संविदा के पद
इन पंचायतों के पंचायत प्रतिनिधियों के साथ रोजगार सेवक, पंचायत सहायक जैसे संविदा के पद खत्म हो जाएंगे। रोजगार सेवकों को तो दूसरी पंचायतों में समायोजित किया जा सकता है, लेकिन पंचायत सहायक का पद खत्म होगा। पंचायत भवनों को नगर पालिकाओं के अधिकारियों के कार्यालय के रूप में प्रयोग होगा या फिर किसी अन्य उपयोग में आएगा, इसे लेकर फैसला बाद में होगा। इसी माह नगर पालिका के विस्तार की तैयारी पूरी की जानी है।
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आसानी से पूरे हो सकेंगे यह काम
पंचायतों के शामिल होने से कई तरह की सहूलियत भी मिलेगी। नगर पालिका के पास भूमि की कमी होने से कूड़ा निस्तारण केंद्र की स्थापना नहीं हो पा रही है। सीवर लाइन, नालों जोड़े जाने के साथ ही अन्य कई कार्य के अवसर मिलेंगे। शहर के 18 स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, ऐसे में नई पंचायतों के शामिल होने से 75 के करीब परिषदीय स्कूल शहर में जुड़ जाएंगे। जिससे इन स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर हो सकेगी। इसी तरह पंचायतों में आरक्षित भूमि मिलने से नगर पालिका के कार्यालय के विस्तार व अन्य संस्थानों की स्थापना में सहूलियत भी होगी।
नगर पालिका के विस्तार की कार्रवाई की जा रही है। आपत्तियां का निस्तारण करके शासन को भेजा जाएगा। वहीं से विस्तार का निर्णय होना है। जो भी निर्देश मिलेंगे, उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। डॉ. उज्जवल कुमार, जिलाधिकारी