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27 लाख किताबें चाहिए, मिलीं 5.62 लाख
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फोटो-8-गोंडा के कंपोजिट स्कूल पंतनगर में आवंटित पुस्तकों का सत्यापन करते अधिकारी। -संवाद
- फोटो : GONDA
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गोंडा। जिले के परिषदीय स्कूलों के चार लाख 60 हजार छात्रों के किताबों का इंतजार अभी खत्म होने वाला नहीं है। जिले में पहली खेप में अभी सिर्फ पांच लाख 62 हजार 534 किताबें ही आईं हैं। किताबों का मिलान सत्यापन टीम ने किया तो पता चला कि 20 फीसदी किताबें ही आ सकीं हैं, जबकि 27 लाख किताबों की जरूरत है। किसी भी महत्वपूर्ण विषय की पूरी किताबें नहीं आ सकीं हैं। मंगलवार को बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि सत्यापन के बाद किताबों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी जा रही है। जैसे-जैसे किताबें आएंगी, उनका वितरण कराया जाता रहेगा।
जिले के 2611 स्कूलों के लिए मिलीं किताबों की मांग के अनुसार, बहुत ही कम हैं। बस राहत इतनी है कि किताबों का आवंटन शुरू हो गया है इस महीने सभी किताबें आ जाएंगी। सत्यापन में लगे अधिकारियों ने किताबों का मिलान किया और उनकी साइज तक का मिलान किया। बताया जा रहा है कि मिलने वाली किताबों में रेनबो-तीन, अंग्रेजी रीडर, संस्कृत सुधा, अंकों का जादू तीन, हमारी पृथ्वी हमारा जीवन, पीटर्स पास व प्रकृति पांच जैसी किताबें ही पूरी तरह आई हैं। हिंदी, गणित, विज्ञान आदि की किताबें पूरी नहीं आ सकीं हैं। विभाग की ओर से किताबों का ब्यौरा तैयार कर लिया गया है। विभाग के उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है। हर ब्लॉक को थोड़ी-थोड़ी किताबें आवंटित किए जाने की योजना बनी है।
हर स्कूल को कोई न कोई किताब मिल जाए। छात्रों को किताबें मिलनी इसी सप्ताह से शुरू हो जाएंगी। सितंबर तक पूरी तरह किताबें स्कूलों के छात्रों तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। ब्लॉकों को निर्देश दिए गए हैं कि किताबों के पहुुंचते ही स्कूलों को भिजवाने की व्यवस्था किए रहें। जिससे छह या सात अगस्त से स्कूलों में किताबें पहुंच जाएं।
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चार माह का इंतजार और ऐसा आवंटन
परिषदीय स्कूलों के संचालन को लेकर शासन के अधिकारी शोर कर रहे हैं। निरीक्षण ऐसा कि मानों सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं। स्थिति यह है कि चार माह से किताबों के आवंटन का इंतजार कराया। किताबें भी भेजी तो ऐसी कि वितरण में सबसे अधिक वक्त लगेगा। किताबें आ रहीं हैं, ऐसे में कई बार में ब्लॉकों को किताबें मिल सकेंगी। ब्लॉकों से स्कूलों को किताबें भेजे जाने मेें भी कई बार दौड़ भाग करनी होगी। संवाद
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जिले के 2611 स्कूलों के लिए मिलीं किताबों की मांग के अनुसार, बहुत ही कम हैं। बस राहत इतनी है कि किताबों का आवंटन शुरू हो गया है इस महीने सभी किताबें आ जाएंगी। सत्यापन में लगे अधिकारियों ने किताबों का मिलान किया और उनकी साइज तक का मिलान किया। बताया जा रहा है कि मिलने वाली किताबों में रेनबो-तीन, अंग्रेजी रीडर, संस्कृत सुधा, अंकों का जादू तीन, हमारी पृथ्वी हमारा जीवन, पीटर्स पास व प्रकृति पांच जैसी किताबें ही पूरी तरह आई हैं। हिंदी, गणित, विज्ञान आदि की किताबें पूरी नहीं आ सकीं हैं। विभाग की ओर से किताबों का ब्यौरा तैयार कर लिया गया है। विभाग के उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है। हर ब्लॉक को थोड़ी-थोड़ी किताबें आवंटित किए जाने की योजना बनी है।
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हर स्कूल को कोई न कोई किताब मिल जाए। छात्रों को किताबें मिलनी इसी सप्ताह से शुरू हो जाएंगी। सितंबर तक पूरी तरह किताबें स्कूलों के छात्रों तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। ब्लॉकों को निर्देश दिए गए हैं कि किताबों के पहुुंचते ही स्कूलों को भिजवाने की व्यवस्था किए रहें। जिससे छह या सात अगस्त से स्कूलों में किताबें पहुंच जाएं।
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चार माह का इंतजार और ऐसा आवंटन
परिषदीय स्कूलों के संचालन को लेकर शासन के अधिकारी शोर कर रहे हैं। निरीक्षण ऐसा कि मानों सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं। स्थिति यह है कि चार माह से किताबों के आवंटन का इंतजार कराया। किताबें भी भेजी तो ऐसी कि वितरण में सबसे अधिक वक्त लगेगा। किताबें आ रहीं हैं, ऐसे में कई बार में ब्लॉकों को किताबें मिल सकेंगी। ब्लॉकों से स्कूलों को किताबें भेजे जाने मेें भी कई बार दौड़ भाग करनी होगी। संवाद