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34 जूनियर स्कूलों को विज्ञान लैब की सौगात
अमर उजाला/गोंडा
Updated Mon, 26 Dec 2016 11:37 PM IST
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धूरा
- फोटो : अमर उजाला
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बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले नौनिहाल भी अब निजी विद्यालयों की तरह आधुनिक तरीके से शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। विज्ञान व गणित की शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिले के 34 जूनियर स्कूलों को राष्ट्रीय आविष्कार अभियान योजना के अंतर्गत चयनित किया गया है। इन स्कूलों में 45 हजार रुपये की लागत से विज्ञान की प्रयोगशाला का निर्माण कराया जाएगा, जिससे बच्चे प्रयोगों के माध्यम से विज्ञान की जटिलताओं को आसानी से समझ सकेंगे। साथ ही चयनित किए गए इन स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों में संसाधनों की कमी के कारण बच्चे गणित व विज्ञान जैसे विषयों में निजी स्कूलों के बच्चों के मुकाबले काफी पीछे रह जाते हैं। इस समस्या के निदान के लिए सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय ने नवाचार योजना के अंतर्गत बेसिक शिक्षा विभाग के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में राष्ट्रीय आविष्कार अभियान योजना का संचालन किए जाने के निर्देश दिए हैं।
इस योजना का उद्देश्य उच्च प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं में गणित, विज्ञान व प्रौद्योगिकी की समझ को विकसित करना, उनका प्रयोग करना, विश्लेषण करना, निष्कर्ष निकालना, मॉडल तैयार करना, खोज करना, विवेकपूर्ण तार्किकता व परीक्षण के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ विज्ञान व गणित के प्रति जिज्ञासा उत्पन्न करना है। शिक्षाविदों का मानना है कि बच्चों में इन विषयों के प्रति जब जिज्ञासा बढ़ेगी तो इसे रुचिकर व लोकप्रिय बनाया जा सकेगा।
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इस योजना के अंतर्गत जिले के प्रत्येक ब्लॉक में दो उच्च प्राथमिक स्कूलों समेत 34 स्कूलों का चयन किया गया है। चयनित किए गए इन उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विज्ञान व गणित की प्रयोगशाला का निर्माण कराया जाना है। इसके लिए प्रत्येक विद्यालय को 45 हजार रुपये की राशि का आवंटन किया गया है। इस रकम से स्कूल में प्रयोगशाला के निर्माण के साथ-साथ विज्ञान व गणित के शिक्षण में प्रयोग की जाने वाले उपकरणों की खरीदारी की जाएगी।
विद्यालयों को वैज्ञानिक उपकरणों, मॉडलों व चित्रों के जरिए सजाया जाएगा। लैब बनने के बाद इन स्कूलों में बच्चों को प्रोजेक्टर के माध्यम से विज्ञान की बारीकियां सिखाई जाएंगी। आविष्कार अभियान योजना के तहत चयनित किए गए इन स्कूलों को मॉडल स्कूल के तौर पर विकसित किया जाएगा।
मनकापुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय दलीपपुरवा के शिक्षक मनीष वर्मा का कहना है कि स्कूल में प्रयोगशाला बन जाने के बाद छठवीं से आठवीं तक के बच्चे विज्ञान की अवधारणाओं की जटिलता को आसानी से सीख सकेंगे। इस संबंध में बीएसए अजय कुमार सिंह ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत स्कूलों का चयन कर लिया गया है। चयनित किए गए सभी स्कूलों में जल्द ही राशि भेजी जाएगी।
राष्ट्रीय आविष्कार अभियान योजना में चयनित किए गए स्कूलों के अलावा जिले के 859 उच्च प्राथमिक स्कूलों व कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका स्कूलों में भी विज्ञान की पढ़ाई को रुचिकर बनाने के लिए विज्ञान किट की खरीद की जाएगी। सर्व शिक्षा अभियान की ओर से उच्च प्राथमिक स्कूलों को प्रति विद्यालय 8 हजार व कस्तूरबा स्कूलों को प्रति विद्यालय 19 सौ रुपये की धनराशि का आवंटन किया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूलों में विज्ञान किट खरीदने के निर्देश दिए हैं।
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बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों में संसाधनों की कमी के कारण बच्चे गणित व विज्ञान जैसे विषयों में निजी स्कूलों के बच्चों के मुकाबले काफी पीछे रह जाते हैं। इस समस्या के निदान के लिए सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय ने नवाचार योजना के अंतर्गत बेसिक शिक्षा विभाग के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में राष्ट्रीय आविष्कार अभियान योजना का संचालन किए जाने के निर्देश दिए हैं।
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इस योजना का उद्देश्य उच्च प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं में गणित, विज्ञान व प्रौद्योगिकी की समझ को विकसित करना, उनका प्रयोग करना, विश्लेषण करना, निष्कर्ष निकालना, मॉडल तैयार करना, खोज करना, विवेकपूर्ण तार्किकता व परीक्षण के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ विज्ञान व गणित के प्रति जिज्ञासा उत्पन्न करना है। शिक्षाविदों का मानना है कि बच्चों में इन विषयों के प्रति जब जिज्ञासा बढ़ेगी तो इसे रुचिकर व लोकप्रिय बनाया जा सकेगा।
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इस योजना के अंतर्गत जिले के प्रत्येक ब्लॉक में दो उच्च प्राथमिक स्कूलों समेत 34 स्कूलों का चयन किया गया है। चयनित किए गए इन उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विज्ञान व गणित की प्रयोगशाला का निर्माण कराया जाना है। इसके लिए प्रत्येक विद्यालय को 45 हजार रुपये की राशि का आवंटन किया गया है। इस रकम से स्कूल में प्रयोगशाला के निर्माण के साथ-साथ विज्ञान व गणित के शिक्षण में प्रयोग की जाने वाले उपकरणों की खरीदारी की जाएगी।
विद्यालयों को वैज्ञानिक उपकरणों, मॉडलों व चित्रों के जरिए सजाया जाएगा। लैब बनने के बाद इन स्कूलों में बच्चों को प्रोजेक्टर के माध्यम से विज्ञान की बारीकियां सिखाई जाएंगी। आविष्कार अभियान योजना के तहत चयनित किए गए इन स्कूलों को मॉडल स्कूल के तौर पर विकसित किया जाएगा।
मनकापुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय दलीपपुरवा के शिक्षक मनीष वर्मा का कहना है कि स्कूल में प्रयोगशाला बन जाने के बाद छठवीं से आठवीं तक के बच्चे विज्ञान की अवधारणाओं की जटिलता को आसानी से सीख सकेंगे। इस संबंध में बीएसए अजय कुमार सिंह ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत स्कूलों का चयन कर लिया गया है। चयनित किए गए सभी स्कूलों में जल्द ही राशि भेजी जाएगी।
राष्ट्रीय आविष्कार अभियान योजना में चयनित किए गए स्कूलों के अलावा जिले के 859 उच्च प्राथमिक स्कूलों व कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका स्कूलों में भी विज्ञान की पढ़ाई को रुचिकर बनाने के लिए विज्ञान किट की खरीद की जाएगी। सर्व शिक्षा अभियान की ओर से उच्च प्राथमिक स्कूलों को प्रति विद्यालय 8 हजार व कस्तूरबा स्कूलों को प्रति विद्यालय 19 सौ रुपये की धनराशि का आवंटन किया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूलों में विज्ञान किट खरीदने के निर्देश दिए हैं।