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गोंडा व बहराइच के बीएसए से स्पष्टीकरण तलब

Wed, 03 Feb 2021 10:53 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 03 Feb 2021 10:53 PM IST
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Ganda and Bahraich summoned clarification from BSA
गोंडा। परिषदीय स्कूलों को संवारने के लिए शुरू की गई आपरेशन कायाकल्प की योजना में लापरवाही में गोंडा व बहराइच जिले के बीएसए की मुश्किलें बढ़ गई हैं। परसपुर व नगर क्षेत्र के स्कूलों का ऑपरेशन कायाकल्प से कार्य कराने का एक्शन प्लान अपलोड नही किया गया है।
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आयुक्त एसवीएस रंगाराव ने इस स्थिति पर कड़ी नाराजगी जताई। मंडलीय समीक्षा में मिला कि बहराइच की भी रिपोर्ट अपलोड नही किया गया है। इसके अलावा मंडल के कई स्कूलों की डाटा फीडिंग भी अवशेष है। इस पर उन्होंने गोंडा व बहराइच के बीएसए से स्पष्टीकरण मांगा है।
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प्रेरणा पोर्टल पर स्कूलों का डाटा अपलोड होना है। इसमें भी लापरवाही उजागर हुई है। आयुक्त ने मंडलीय समीक्षा किया और अधूरे कार्यों पर नाराजगी जताई है। निर्देश दिए कि कायाकल्प योजना से विद्यालयों में पेयजल की व्यवस्था के साथ ही शौचालय, बाउंड्रीवाल का निर्माण पूरा किया जाए।
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इसके साथ ही मल्टी हैंड वाशिंग की व्यवस्था भी कराई जाई। बीएसए से रैपिड सर्वे कराने और रिपोर्ट मांगी है। समीक्षा में जिला पंचायत राज अधिकारी व विद्युत विभाग के मंडलीय अधिकारियों के न आने से समीक्षा नही हो पा रही है।
ऐसे में उन्हें भी मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं जिससे स्कूलों के विकास के योजनाओं की समीक्षा सही ढंग से हो सके। इसके साथ ही खाद्यान्न वितरण व आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की।
बैठक में सामने आया कि विद्यालय विकास योजना से गोंडा में 2619 विद्यालयों में 1824 , बलरामपुर में 1840 स्कूलों में 1790 , बहराइच में 2829 स्कूलों में से 2786 एवं श्रावस्ती में 986 के स्कूलों में से 750 विद्यालयों के ही विकास योजना का डाटा प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड किया गया है।
खण्ड शिक्षा अधिकारियों को पूरा डाटा अपलोड करना था। 15 जनवरी तक डाटा अपलोड़ कराने के निर्देश दिए। सहायक निदेशक बेसिक शिक्षा विनय मोहन वन, संभागीय खाद्य नियंत्रक दिनेश शर्मा, उप निदेशक महिला कल्याण आदि रहे।

जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने जिले के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में फर्जी रूप से की गई नियुक्तियों की जांच कराने का आदेश दिया है। जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि जिन शिक्षकों के दस्तावेज प्रथम दृष्टया संदिग्ध पाए जाते हैं, तो तुरंत उसकी रिपोर्ट दें।
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