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पैसा पूरा, काम अधूरा : 64.17 करोड़ के तीन प्रोजेक्ट अटके
Mon, 09 Feb 2026 11:01 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 09 Feb 2026 11:01 PM IST
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गोंडा में निर्माणाधीन विधि विज्ञान प्रयोगशाला। - संवाद
गोंडा। जिले में 64.17 करोड़ की लागत से शुरू हुए तीन अहम प्रोजेक्ट छह से 10 वर्ष बीत जाने के बाद भी पूरे नहीं हो सके हैं। कागजों में प्रगति के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। इन योजनाओं पर बड़ी धनराशि खर्च होने के बावजूद लोगों को अब तक अपेक्षित लाभ नहीं मिल सका है। पहला प्रोजेक्ट राजकीय आईटीआई, दूसरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला व तीसरा प्रोजेक्ट तहसील पर आवासीय भवन निर्माण है। मगर ये तीनों प्रोजेक्ट पिछले छह से 10 वर्षों में पूरे नहीं किए जा सके हैं। पेश है रिपोर्ट...
नहीं पूरा हो पाया कौशल विकास का सपना
वर्ष 2019 में अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग की ओर से बभनजोत में 12.6 करोड़ रुपये की लागत से राजकीय आईटीआई के निर्माण की स्वीकृति दी गई थी। अब तक 10.46 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। 74.2 प्रतिशत कार्य पूरा होने का दावा किया जा रहा है। विभागीय रिपोर्ट में 16 जनवरी 2026 तक निर्माण पूरा होने की बात कही गई थी, लेकिन कार्य अभी अधूरा है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रमेश चंद्र ने बताया कि अप्रैल तक निर्माण पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण की सुविधा मिल सकेगी।
वर्षों बाद भी शुरू नहीं हो सकीं सभी जांचें
वर्ष 2016 में गृह एवं गोपन विभाग ने 47.53 करोड़ रुपये की लागत से मंडल मुख्यालय पर श्रेणी-सी क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के निर्माण की जिम्मेदारी राजकीय निर्माण निगम को सौंपी थी। अब तक 42 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि जारी हो चुकी है। पांच जनवरी 2026 तक प्रोजेक्ट पूरा होने का दावा किया गया था, लेकिन प्रयोगशाला अब भी पूरी तरह क्रियाशील नहीं हो सकी है। उप निदेशक डॉ. राजकुमार ने बताया कि कार्यदायी संस्था को जल्द निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रयोगशाला चालू होने पर विसरा सहित अन्य वैज्ञानिक जांचें यहीं संभव हो सकेंगी, जिससे विवेचना में तेजी आएगी।
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तहसील आवास के लिए अधिकारी परेशान
मनकापुर तहसील में आवासीय भवन निर्माण की स्वीकृति वर्ष 2015 में राजस्व एवं आपदा विभाग ने दी थी। 4.58 करोड़ रुपये की इस परियोजना में अब तक 96.25 प्रतिशत कार्य पूरा होने का दावा है, लेकिन भवन उपयोग योग्य नहीं हो सका है। पांच जनवरी 2026 तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। एसडीएम मनकापुर अवनीश त्रिपाठी ने बताया कि कई बार कार्यदायी संस्था को पत्र भेजकर निर्माण पूरा करने को कहा गया है, फिर भी प्रगति संतोषजनक नहीं है। आवास न होने से अधिकारियों को तहसील मुख्यालय पर रुकने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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नहीं पूरा हो पाया कौशल विकास का सपना
वर्ष 2019 में अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग की ओर से बभनजोत में 12.6 करोड़ रुपये की लागत से राजकीय आईटीआई के निर्माण की स्वीकृति दी गई थी। अब तक 10.46 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। 74.2 प्रतिशत कार्य पूरा होने का दावा किया जा रहा है। विभागीय रिपोर्ट में 16 जनवरी 2026 तक निर्माण पूरा होने की बात कही गई थी, लेकिन कार्य अभी अधूरा है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रमेश चंद्र ने बताया कि अप्रैल तक निर्माण पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण की सुविधा मिल सकेगी।
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वर्षों बाद भी शुरू नहीं हो सकीं सभी जांचें
वर्ष 2016 में गृह एवं गोपन विभाग ने 47.53 करोड़ रुपये की लागत से मंडल मुख्यालय पर श्रेणी-सी क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के निर्माण की जिम्मेदारी राजकीय निर्माण निगम को सौंपी थी। अब तक 42 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि जारी हो चुकी है। पांच जनवरी 2026 तक प्रोजेक्ट पूरा होने का दावा किया गया था, लेकिन प्रयोगशाला अब भी पूरी तरह क्रियाशील नहीं हो सकी है। उप निदेशक डॉ. राजकुमार ने बताया कि कार्यदायी संस्था को जल्द निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रयोगशाला चालू होने पर विसरा सहित अन्य वैज्ञानिक जांचें यहीं संभव हो सकेंगी, जिससे विवेचना में तेजी आएगी।
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तहसील आवास के लिए अधिकारी परेशान
मनकापुर तहसील में आवासीय भवन निर्माण की स्वीकृति वर्ष 2015 में राजस्व एवं आपदा विभाग ने दी थी। 4.58 करोड़ रुपये की इस परियोजना में अब तक 96.25 प्रतिशत कार्य पूरा होने का दावा है, लेकिन भवन उपयोग योग्य नहीं हो सका है। पांच जनवरी 2026 तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। एसडीएम मनकापुर अवनीश त्रिपाठी ने बताया कि कई बार कार्यदायी संस्था को पत्र भेजकर निर्माण पूरा करने को कहा गया है, फिर भी प्रगति संतोषजनक नहीं है। आवास न होने से अधिकारियों को तहसील मुख्यालय पर रुकने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।