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नेपाल से सरयू में छोड़ा पानी, बढ़ेगी परेशानी

Sat, 02 Jul 2022 12:00 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 02 Jul 2022 12:00 AM IST
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करनैलगंज (गोंडा)। जून का महीना समाप्त होते ही घाघरा (सरयू) नदी में बाढ़ की दस्तक हो चुकी है। शुक्रवार को नेपाल से घाघरा नदी में दो लाख 81 हजार 201 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज किया गया। आधी-अधूरी तैयारियों के साथ प्रशासन बाढ़ से निपटने को तैयार हो गया है। मरम्मत करने वाली संस्थाओं की सुस्ती एवं लापरवाही से अब तक बांध की मरम्मत का कार्य पूर्ण नहीं हो पाया। ऐसे में नेपाल से पानी आने से क्षेत्र की लगभग 90 ग्राम पंचायतों के 700 मजरों पर लापरवाही भारी न पड़ जाए।
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बीते वर्ष अक्टूबर में आई दोबारा बाढ़ आने से चंदापुर किटौली के पास कटान तेजी से शुरू हो गया था। तब तत्कालीन जिलाधिकारी और प्रशासन के संयुक्त रूप से किसी तरह बांध को बचाया जा सका था। इसके बाद उसे अतिसंवेदनशील स्थल घोषित कर उस स्थान पर बांध को पत्थर से पिचिंग करने के लिए प्रस्ताव तैयार कराया गया। जिसमें दो अलग-अलग स्थानों पर करीब 21 करोड़ रुपये से मरम्मत एवं बचाव कार्य शुरू हुआ। जिसे आज तक पूरा नहीं किया जा सका।
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अधूरे कार्य से बांध को खतरा बना हुआ है। यदि मानसून की बरसात लगातार होगी और नेपाल व पहाड़ी नालों एवं विभिन्न बैराज से छोड़े जाने वाले पानी की आमद तेजी से होने लगी तो बाढ़ आना बिल्कुल तय माना जा रहा है। 52 किलोमीटर लंबाई वाले एल्गिन चरसड़ी बांध में प्रतिवर्ष कहीं ना कहीं रिसाव या कटान की स्थिति आने पर स्थितियां बिगड़ने लगती हैं। सिंचाई विभाग व बाढ़ खंड के अधिकारी लापरवाही से बाज नहीं आ रहे हैं। चंदापुर किटौली के पास मौजूदा समय में चार पोकलैंड मशीन, जेसीबी और बोल्डर से बांध पीचिंग करने काम कराया जा रहा है। वहीं बाढ़ का पानी भी तेज गति से बढ़ना शुरू हो गया है।
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बाढ़ खंड के सहायक अभियंता अमरेश सिंह का कहना है कि घाघरा नदी में दो लाख 81 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया और पानी अभी बैराज से छोड़ा जाना है। जिससे घाघरा नदी में बाढ़ का पानी आना शुरू हो गया है। बांध के बचाव कार्य में तेजी लाई गई है। युद्ध स्तर पर कार्य कराया जा रहा है।

नदी में बाढ़ के पानी दस्तक
उपजिलाधिकारी हीरालाल ने बांध का निरीक्षण किया और बांध के बचाव कार्य में तेजी लाने के साथ-साथ एक सप्ताह के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम ने बताया कि नदी में बाढ़ के पानी की दस्तक हो गई है। बाढ़ चौकियों, क्षेत्र के राजस्व कर्मचारियों, बाढ़ खंड के अधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है।
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