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2688 भूमिहीन और 6810 मृतक भी ले रहे सम्मान निधि
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गोंडा। केंद्र सरकार के स्तर पर संचालित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में बड़ी संख्या भूमिहीन व मृतक भी योजना का फायदा उठा रहे हैं। इस घालमेल का खुलासा सदर तहसील स्तर पर चल रहे लाभार्थियों के सत्यापन के दौरान हुआ है। जिम्मेदारों ने अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए अपात्रों को पात्र बनाने के हर हथकंडे अपनाए। इसका अंदाजा इसी से दिखता है कि सिर्फ तहसील सदर में ही 2688 ऐसे अपात्रों को किसान बना दिया गया जिनके बाद कृषि योग्य भूमि तक ही नहीं थी। इसके साथ ही 6810 मृतकों को भी किसान सम्मान निधि का पैसा खाते में जमा होता रहा।
जिले में दो लाख के करीब किसानों को सम्मान निधि का लाभ दिया जा रहा है। इसकी तहसीलों के माध्यम से अब सत्यापन हो रहा है। किसानों के सम्मान निधि योजना को शुरू करते समय ही तय किया गया था कि किसे योजना का लाभ मिलेगा। इसमें किसान होना जरूरी था। साल 2018 में आनन-फानन में फीडिंग के दबाव में मानकों का परीक्षण ठीक से नहीं हुआ। समय भी लेखपालों के माध्यम से डेटा तैयार कराया गया था। इसके बाद भी अपात्रों को योजना में शामिल कर उन्हें अनुचित लाभ पहुंचाने का मामला सामने आने से हड़कंप है।
सत्यापन के दौरान सामने आया कि सदर तहसील में 1.55 लाख किसानों को सम्मान निधि मिल रही है। इसमें 1.13 लाख किसानों का सत्यापन हो चुका है। इसमें से 6810 मृतक और 2688 अपात्र भूमिहीन योजना का लाभ पाते मिले। तहसीलदार परशुराम ने बताया कि अभी सत्यापन कार्य चल रहा है। इसके पूरा हो जाने के बाद अपात्रों के खाते में पहुंची योजना की धनराशि का आंकलन कर उसकी वसूली कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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3583 किसान पहले भी मिले थे अपात्र
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में बीते जून माह में जांच करके गलत तरीके से लाभ लेने वाले 3583 अपात्र चिन्हित हुए थे। उनके द्वारा योजना के तहत प्राप्त की गयी धनराशि की वसूली कार्रवाई भी फिलहाल लंबित है। जांच में सामने आया था कि इन अपात्रों के खाते में किसान सम्मान निधि की दस किस्तों की करीब 7.16 करोड़ की राशि भेजी गयी थी। उक्त धनराशि की वापसी के लिए पीएम किसान पोर्टल पर ऑन लाइन विकल्प के बाद भी वसूली कार्रवाई अभी तक शुरू नहीं हो पाई है।
किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों का सत्यापन हो रहा है। 30 सितंबर तक सत्यापन की कार्रवाई पूरी की जानी है। इसके बाद ही अपात्रों की तस्वीर पूरी तरह साफ हो पाएगी। निर्देशानुसार सत्यापन की तैयार रिपोर्ट ऑनलाइन पोर्टल पर फीड करने के बाद ही चिह्नितों पर कार्रवाई तय होगी। जेपी यादव, जिला कृषि अधिकारी
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जिले में दो लाख के करीब किसानों को सम्मान निधि का लाभ दिया जा रहा है। इसकी तहसीलों के माध्यम से अब सत्यापन हो रहा है। किसानों के सम्मान निधि योजना को शुरू करते समय ही तय किया गया था कि किसे योजना का लाभ मिलेगा। इसमें किसान होना जरूरी था। साल 2018 में आनन-फानन में फीडिंग के दबाव में मानकों का परीक्षण ठीक से नहीं हुआ। समय भी लेखपालों के माध्यम से डेटा तैयार कराया गया था। इसके बाद भी अपात्रों को योजना में शामिल कर उन्हें अनुचित लाभ पहुंचाने का मामला सामने आने से हड़कंप है।
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सत्यापन के दौरान सामने आया कि सदर तहसील में 1.55 लाख किसानों को सम्मान निधि मिल रही है। इसमें 1.13 लाख किसानों का सत्यापन हो चुका है। इसमें से 6810 मृतक और 2688 अपात्र भूमिहीन योजना का लाभ पाते मिले। तहसीलदार परशुराम ने बताया कि अभी सत्यापन कार्य चल रहा है। इसके पूरा हो जाने के बाद अपात्रों के खाते में पहुंची योजना की धनराशि का आंकलन कर उसकी वसूली कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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3583 किसान पहले भी मिले थे अपात्र
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में बीते जून माह में जांच करके गलत तरीके से लाभ लेने वाले 3583 अपात्र चिन्हित हुए थे। उनके द्वारा योजना के तहत प्राप्त की गयी धनराशि की वसूली कार्रवाई भी फिलहाल लंबित है। जांच में सामने आया था कि इन अपात्रों के खाते में किसान सम्मान निधि की दस किस्तों की करीब 7.16 करोड़ की राशि भेजी गयी थी। उक्त धनराशि की वापसी के लिए पीएम किसान पोर्टल पर ऑन लाइन विकल्प के बाद भी वसूली कार्रवाई अभी तक शुरू नहीं हो पाई है।
किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों का सत्यापन हो रहा है। 30 सितंबर तक सत्यापन की कार्रवाई पूरी की जानी है। इसके बाद ही अपात्रों की तस्वीर पूरी तरह साफ हो पाएगी। निर्देशानुसार सत्यापन की तैयार रिपोर्ट ऑनलाइन पोर्टल पर फीड करने के बाद ही चिह्नितों पर कार्रवाई तय होगी। जेपी यादव, जिला कृषि अधिकारी