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चार हजार मरीजों को नहीं मिली दवा

Fri, 27 May 2016 11:19 PM IST
अमर उजाला/गोंडा
अमर उजाला/गोंडा Updated Fri, 27 May 2016 11:19 PM IST
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Four thousand patients not received medicine
दवा वितरण केंद्र पर सन्नाटा - फोटो : अमर उजाला
सीएमओ से नाराज फार्मासिस्टों की हड़ताल का असर शुक्रवार को जिले भर के 16 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व उससे संबद्ध 50 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर दिखाई पड़ा। जहां डॉक्टरों से मिली दवाई की पर्ची लिए करीब चार हजार मरीज व उनके तीमारदार इधर से उधर घूमते रहे, लेकिन उन्हें स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाई देने वाला कोई नहीं मिला।
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इससे एक ओर जहां मरीजों के साथ उनके तीमारदारों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, तो वहीं फार्मासिस्टों के एक दिवसीय हड़ताल में उनके मुख्यालय चले जाने पर उन स्वास्थ्य केंद्रों का ताला तक नहीं खुला, जहां एकमात्र केवल वही तैनात हैं। 
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सीएमओ की कार्यशैली से नाराज जिले भर के फार्मासिस्टों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। शुक्रवार को इसी के चलते जिले भर से आए फार्मासिस्ट सीएमओ कार्यालय के बाहर पूरे दिन एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन पर बैठे रहे।
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जिससे स्वास्थ्य विभाग के 16 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व उनसे संबद्ध 50 अतिरिक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के दवा वितरण कक्ष पर पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा। फार्मासिस्टों की गैर मौजूदगी के चलते न तो यहां मरीजों को दवाई का वितरण हो पाया और न ही उन्हें किसी अन्य वैकल्पिक व्यवस्था से दवाइयां ही दी गईं। जिससे पूरे दिन मरीजों के साथ उनके तीमारदार अस्पताल के एक कमरे से दूसरे कमरे तक घूमते दिखाई दिए, लेकिन उन्हें कहीं से भी दवाई नहीं मिली। 

फार्मासिस्टों की हड़ताल के चलते न तो मरीजों को दवाइयां बांटी गईं और न ही उन स्वास्थ्य केंद्रों का ताला ही खुला, जहां मरीजों की सेवा के लिए केवल फार्मासिस्ट ही तैनात हैं। ऐसे में यहां आने वाले मरीजों को गेट पर ताला देख मायूस होकर लौट जाना पड़ा।

वहीं, दूसरी ओर फार्मासिस्टों की इस हड़ताल से केवल जिले भर की सीएचसी-पीएचसी ही प्रभावित नहीं रहीं, बल्कि इसका आंशिक असर शुक्रवार को जिला अस्पताल के दवा वितरण कक्ष पर भी नजर आया।

जहां दवा लेने के लिए मरीजों की लंबी लाइन सुबह 8 बजते ही दवा वितरण केंद्र पर लगनी शुरू हो गई और पूरे दिन लगी रही। लेकिन दवा वितरण में लगे लोगों की संख्या कम हो जाने के कारण इसका काम पूरी गति के साथ नहीं चल पाया।

जिले में स्वास्थ्य विभाग के 16 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के अलावा 50 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर रोजाना करीब तीन से चार हजार लोग अपना उपचार कराने आते हैं। जहां से इन लोगों को मुफ्त में दवाइयां दी जाती हैं।

लेकिन शुक्रवार को फार्मासिस्टों की हड़ताल के चलते किसी भी स्वास्थ्य केंद्र पर दवाई वितरण का कोई काम नहीं हुआ, जिससे इन मरीजों को बाहर से ही दवा लेनी पड़ी। 

शुक्रवार को एक ओर जहां सीएमओ की कार्यशैली से नाराज फार्मासिस्ट उनके कार्यालय के बाहर बैठे प्रदर्शन कर रहे थे तो वहीं दूसरी ओर जिले भर के स्वास्थ्य केन्द्रों पर मरीजों व उनके तीमारदारों की दवा वितरण कक्ष पर उमड़ी भीड़ सिर्फ यही पूछ रही थी कि दवा कब बंटेगी।


जबकि दूसरी ओर मीडिया व पब्लिक के सवालों के बचने से लिए सीएमओ अपने उस सीयूजी मोबाइल से दूरी बनाए बैठे थे, जो कि उन्हें सरकार ने आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए मुहैया करा रखा है। वहीं अस्पताल के दवा वितरण कक्ष में पसरे सन्नाटे के बाबत भी उनके फोन न उठाने से उनका पक्ष नहीं मिल पाया।
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