फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   Four lakh children's education disrupted due to lack of books

किताबों की कमी से पौने चार बच्चों की पढ़ाई बाधित

Wed, 08 Sep 2021 10:35 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 08 Sep 2021 10:35 PM IST
विज्ञापन
Four lakh children's education disrupted due to lack of books
गोंडा। बेसिक शिक्षा के परिषदीय स्कूलों में पूरी तरह किताबें नही पहुंच पाईं हैं। देरी से किताबों का आवंटन होने से यह दिक्कत अब आ रही है। पहली सितंबर से प्राइमरी स्तर के भी स्कूलों में छात्र जाने लगे हैं। करीब पौने चार लाख बच्चों को किताबें मिल जानी चाहिए।
विज्ञापन

अभी कुछ छात्रों को ही किताबें मिल सकीं हैं, वह भी पूरी तरह नही मिल पाईं हैं। जिले में किताबों की खेप आने के बाद बंटवारे में एक साथ दिक्कत हो रही है। वहीं अभी जूते- मोजे के आवंटन पर भी संशय बना हुआ है। अक्टूबर से पहले वितरण होने की उम्मीद नही है।
विज्ञापन

बेसिक शिक्षा के तीन हजार के करीब स्कूलों में करीब पौने चार लाख छात्र पंजीकृत हैं। स्कूलों में पढ़ाई भी शुरू हो गई है और छात्र आ रहे हैं। किताबों के न होने से पढ़ाई में शिक्षकों को दिक्कत आ रही है। पढ़ाई का समय भी आधे से अधिक का पूरा हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद भी किताबों के न पहुंचने से छात्रों को झटका लगा है। अभी कोरोना से स्कूलों में पढ़ाई बाधित रहा और अब किताबों के पूरी तरह से न पहुंचने से दिक्कत हो रही है। फिलहाल जिले में किताबों के पहुंचने के बाद आवंटन की कार्रवाई हो रही है।
जिले में कई स्कूल हैं जिनके पास अपना भवन ही नही है। हलधरमऊ के उच्च प्राथमिक विद्यालय कपूरपुर में न तो भवन है और न ही कोई अतिरिक्त कक्षा कक्ष ही है। इससे पेंड के नीचे स्कूल का संचालन हो रहा है।
यहां 175 के करीब छात्र पंजीकृत हैं। इसी तरह का कुछ हाल झंझरी के पूरे उदई जूनियर हाईस्कूल का भी संचालन कई सालों से बिना भवन के ही हो रहा है। प्राइमरी स्कूल के एक कक्ष में स्कूल चलता है। यहां पर बाउंड्री तक नही है। इससे प्राइमरी स्कूल में भी दिक्कत हो रही है।
आयुक्त एसवीएस रंगाराव ने चारो जिलों के बीएसए के साथ बैठक किया। उन्होने स्कूल में पूरी व्यवस्था दुरुस्त करने की हिदायत दी। सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक शिक्षा विनय मोहन वन को निर्देश दिया कि निगरानी करें।
उन्होने मंडल के मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आपरेशन कायाकल्प से सभी स्कूलों को संवारने का कार्य दिसंबर तक पूरा कराएं। हर महीने में दो बार आपरेशन कायाकल्प की बैठक करें।

हर स्कूल में शौचालय दुरुस्त रहे और पीने के लिए शुद्ध जल की व्यवस्था हो। स्कूलों में बाउंड्रीवाल हो, कोई कमरा जर्जर न रहे। इसके अलावा नियमित सफाई हो, सैनिटाइजेशन होता रहे। उन्होने पंचायतों को स्कूलों में बेहतर व्यवस्था बनाने पर जोर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed