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सरयू की रफ्तार थमने से कटान शुरू, नदी में समाए चार लोगों के घर
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02द्दस्रड्डश्च19-गोंडा के ऐली परसौली गांव में घुसा पानी।
- फोटो : GONDA
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उमरी बेगमगंज (गोंडा)। बाढ़ से घिर ऐली परसौली गांव के पास सरयू नदी की रफ्तार थमने लगी है। सरयू में पानी कम होने से कटान तेज हो गई है। गुरुवार को ऐली परसौली के चार लोगों के घर सरयू में समा गए। जिससे चारों परिवार के लोग बेघर हो गए। ऐली परसौली के 20 मजरे बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं। सात सौ परिवार बाढ़ की चपेट में आने से नए ठिकाने की तलाश में हैं।
तहसील तरबगंज के ऐली परसोली गांव के समीप सरयू नदी के पानी की रफ्तार पिछले दो दिनों से थमने लगी है। मगर बाढ़ के पानी से गांव के 20 मजरे घिरे हैं। इन मजरों के 700 परिवार बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। ऐली परसौली में बाढ़ पीड़ितों की संख्या बढ़कर 84 पहुंच गई। इन मजरों के रहने वाले 85 लोगों के घरों में बाढ़ का पानी घुस चुका है7 जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। गांव के आस-पास फसलें भी जलमग्न हो गई हैं। इससे फसलों के बर्बाद होने की संभावना भी बढ़ गई है। सरयू की रफ्तार कम होने से गुरुवार को हुई कटान में डिवहारन पुरवा व केवटाही के रहने राजाराम, शांती, मंगल व ढोढ़े के घर नदी में समा गए। जिससे बेघर हुए चारो परिवार के लोग नए ठिकाने की तलाश कर रहे हैं।
इन मजरों में घुसा बाढ़ का पानी
बिहारी पुरवा
शेर बहादुर पुरवा
बाबूराम पुरवा
केवटाही
डिवहार थान
तेलमहन पुरवा
गोड़ियाना
टेपरहन पुुरवा
विशुन पुरवा
लोहारन पुरवा
नौबस्तन पुरवा
अक्षैवर पुरवा
कोईलरिहन पुरवा
नई बस्ती
पसियन पुरवा
मैनेजर सिंह पुरवा
जोरावन पुरवा
बाढ़ पीड़ितों के लिए लगाई 14 नावें
- तहसील तरबगंज के बाढ़ से घिरे ऐली परसौली गांव केेेेेेेेेेेेेेेेेेे पास जिला प्रशासन ने ग्रामीणों की सहायता के लिए 14 नावें लगाई हैं। ग्रामीणों को नाव से सहायता मुहैय्या कराई जा रही है। नावों पर नाविक के साथ फ्लड पीएसी के जवानों की तैनाती की गई है। फ्लड पीएसी के जवानों को बाढ़ क्षेत्र में काम करने के लिए विशेष तौर पर गोताखोरी का प्रशिक्षण भी दिया गया है।
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चारे की तलाश में भटक रहे पशुपालक
तहसील तरबगंज के उमरी बेगमगंज क्षेत्र के ऐली परसौली गांव के 20 मजरे बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं। गांव में बाढ़ का पानी घुसने से पशुओं को रखने में ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। पशुपालकों को पशुओं के लिए चारे की तलाश में भटकना पड़ रहा है। पशुपालकों को चारे की तलाश में तकरीबन छह किलोमीटर दूर गांवों में जाना पड़ रहा है। इसके बाद ही वह पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था कर पा रहे हैं।
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तहसील तरबगंज के ऐली परसोली गांव के समीप सरयू नदी के पानी की रफ्तार पिछले दो दिनों से थमने लगी है। मगर बाढ़ के पानी से गांव के 20 मजरे घिरे हैं। इन मजरों के 700 परिवार बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। ऐली परसौली में बाढ़ पीड़ितों की संख्या बढ़कर 84 पहुंच गई। इन मजरों के रहने वाले 85 लोगों के घरों में बाढ़ का पानी घुस चुका है7 जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। गांव के आस-पास फसलें भी जलमग्न हो गई हैं। इससे फसलों के बर्बाद होने की संभावना भी बढ़ गई है। सरयू की रफ्तार कम होने से गुरुवार को हुई कटान में डिवहारन पुरवा व केवटाही के रहने राजाराम, शांती, मंगल व ढोढ़े के घर नदी में समा गए। जिससे बेघर हुए चारो परिवार के लोग नए ठिकाने की तलाश कर रहे हैं।
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इन मजरों में घुसा बाढ़ का पानी
बिहारी पुरवा
शेर बहादुर पुरवा
बाबूराम पुरवा
केवटाही
डिवहार थान
तेलमहन पुरवा
गोड़ियाना
टेपरहन पुुरवा
विशुन पुरवा
लोहारन पुरवा
नौबस्तन पुरवा
अक्षैवर पुरवा
कोईलरिहन पुरवा
नई बस्ती
पसियन पुरवा
मैनेजर सिंह पुरवा
जोरावन पुरवा
बाढ़ पीड़ितों के लिए लगाई 14 नावें
- तहसील तरबगंज के बाढ़ से घिरे ऐली परसौली गांव केेेेेेेेेेेेेेेेेेे पास जिला प्रशासन ने ग्रामीणों की सहायता के लिए 14 नावें लगाई हैं। ग्रामीणों को नाव से सहायता मुहैय्या कराई जा रही है। नावों पर नाविक के साथ फ्लड पीएसी के जवानों की तैनाती की गई है। फ्लड पीएसी के जवानों को बाढ़ क्षेत्र में काम करने के लिए विशेष तौर पर गोताखोरी का प्रशिक्षण भी दिया गया है।
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चारे की तलाश में भटक रहे पशुपालक
तहसील तरबगंज के उमरी बेगमगंज क्षेत्र के ऐली परसौली गांव के 20 मजरे बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं। गांव में बाढ़ का पानी घुसने से पशुओं को रखने में ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। पशुपालकों को पशुओं के लिए चारे की तलाश में भटकना पड़ रहा है। पशुपालकों को चारे की तलाश में तकरीबन छह किलोमीटर दूर गांवों में जाना पड़ रहा है। इसके बाद ही वह पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था कर पा रहे हैं।