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Gonda News: गांवों से घटने लगा बाढ़ का पानी, संकट बरकरार
Mon, 15 Jul 2024 10:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 15 Jul 2024 10:59 PM IST
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करनैलगंज (गोंडा)। बाढ़ से प्रभावित गांवों से अब पानी निकलने लगा है। मगर आने वाले समय में फिर से बाढ़ आने या सरयू नदी में पानी बढ़ने की आशंका से ग्रामीण अभी भी सुरक्षित स्थानों पर ही ठिकाना बनाए हैं। ग्रामीण सुषमा देवी, जीवनलाल, सुकई, भीम, अरुण यादव, ऋषभ यादव का कहना है कि सितंबर माह तक नदी का जलस्तर घटता-बढ़ता रहता है। इसलिए गांव को छोड़कर बांध या सुरक्षित स्थान पर ही रह रहे हैं।
सरयू का जलस्तर शुक्रवार से लगातार खतरे के निशान से नीचे आ रहा है। इससे लोगों ने राहत की सांस ली है। सरयू जिस गति से बढ़ी थी उसी गति से घट रही है। जिससे कटान का खतरा बढ़ गया है। नदी का जलस्तर एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से काफी नीचे आ गया है। बाढ़ खंड के एई अमरेश सिंह ने बताया कि जलस्तर में कमी बैराजों के घटे डिस्चार्ज के चलते हुई है। बाढ़ का खतरा कम होने से तटवर्ती दर्जनों गांवों के हजारों लोग राहत महसूस कर रहे हैं। लेकिन पहाड़ी इलाकों में खराब मौसम के चलते आने वाले दिनों में नदी में फिर से उफान आने की आशंका है। नदी व बांध के बीच रहने वाले मांझा निवासियों ने बताया कि जलस्तर कम होने से कटान तेज हो गई है। कटान से बांध और नदी के बीच सैकड़ों एकड़ कृषि योग्य भूमि नदी में समा चुकी है। उधर मवेशियों के लिए चारे की समस्या हो रही है। सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 57 सेमी नीचे आ गया है। वहीं गिरजा, शारदा व सरयू बैराजों का कुल डिस्चार्ज एक लाख 67 हजार 846 क्यूसेक दर्ज किया गया। डिस्चार्ज घटने से जलस्तर में तेजी से गिरावट हो रही है।
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सरयू का जलस्तर शुक्रवार से लगातार खतरे के निशान से नीचे आ रहा है। इससे लोगों ने राहत की सांस ली है। सरयू जिस गति से बढ़ी थी उसी गति से घट रही है। जिससे कटान का खतरा बढ़ गया है। नदी का जलस्तर एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से काफी नीचे आ गया है। बाढ़ खंड के एई अमरेश सिंह ने बताया कि जलस्तर में कमी बैराजों के घटे डिस्चार्ज के चलते हुई है। बाढ़ का खतरा कम होने से तटवर्ती दर्जनों गांवों के हजारों लोग राहत महसूस कर रहे हैं। लेकिन पहाड़ी इलाकों में खराब मौसम के चलते आने वाले दिनों में नदी में फिर से उफान आने की आशंका है। नदी व बांध के बीच रहने वाले मांझा निवासियों ने बताया कि जलस्तर कम होने से कटान तेज हो गई है। कटान से बांध और नदी के बीच सैकड़ों एकड़ कृषि योग्य भूमि नदी में समा चुकी है। उधर मवेशियों के लिए चारे की समस्या हो रही है। सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 57 सेमी नीचे आ गया है। वहीं गिरजा, शारदा व सरयू बैराजों का कुल डिस्चार्ज एक लाख 67 हजार 846 क्यूसेक दर्ज किया गया। डिस्चार्ज घटने से जलस्तर में तेजी से गिरावट हो रही है।
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