{"_id":"65cfb019f0a8b3fae10c5d24","slug":"five-years-after-birth-the-sound-echoed-in-shivanshs-ears-gonda-news-c-100-1-gon1001-112938-2024-02-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: जन्म के पांच साल बाद शिवांश के कानों में गूंजी आवाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: जन्म के पांच साल बाद शिवांश के कानों में गूंजी आवाज
Sat, 17 Feb 2024 12:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 17 Feb 2024 12:27 AM IST
विज्ञापन
गोंडा। वजीरगंज के डुमरियाडीह निवासी दिहाड़ी मजदूर सम्मयदीन का इकलौता बेटा शिवांश जन्म से मूक बधिर था। बृहस्पतिवार शाम पांच बजे पहली बार उसके सुन्न कानों में आवाज गूंजी तो वह घबरा गया।
कानों में कंपन होने से रोने लगा। मां रागिनी ने अपने जिगर के टुकड़े को गोदी में उठाया और पूछने लगी डॉक्टर साहब अब शिवांश सुन व बोल सकेगा न...? डॉक्टर का इशारा मिलते ही दंपती की आंखें छलक उठीं। इसी प्रकार बड़गांव निवासी आरोही का ओपेन हार्ट सर्जरी होने के बाद परिजन निहाल हो गए।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत मासूम शिवांश का मुफ्त ऑपरेशन कराया गया। बृहस्पतिवार को कानपुर के एक अस्पताल में सफल कॉक्लियर इंप्लांट किया गया।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग की ओर से ऑपरेशन का पूरा खर्च वहन करने के साथ परिजनों के आने-जाने का किराया दिया जाएगा। सम्मयदीन ने बताया कि वह और उनकी पत्नी अभी कानपुर में ही हैं। शिवांश कुछ बोलने का प्रयास करता है।
उन्होंने बताया कि जन्म के करीब एक साल बाद पता चला कि उनका बेटा बोल व सुन नहीं सकता था। कई डॉक्टरों को दिखाया, लेकिन महंगा ऑपरेशन की बात सुनकर हिम्मत नहीं पड़ी।
सीएचसी अधीक्षक के परामर्श पर सीएमओ कार्यालय गया, जहां पंजीकरण के बाद मुफ्त ऑपरेशन हो सका। इसी प्रकार बीते बुधवार को बड़गांव निवासी आरोही कौशल की अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में मुफ्त ओपेन हार्ट सर्जरी हुई। इसके बाद से बच्ची के पिता परमेंद्र और मां प्रीति बहुत ही खुश है।
आरबीएस के जिला समन्वयक उमाशंकर ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जन्मजात बीमारी से पीड़ित बच्चों का मुफ्त उपचार व ऑपरेशन कराया जा रहा है। सरकारी व निजी अस्पतालों में ऐसे मरीजों की स्क्रीनिंग कराई जा रही है।
विज्ञापन
कानों में कंपन होने से रोने लगा। मां रागिनी ने अपने जिगर के टुकड़े को गोदी में उठाया और पूछने लगी डॉक्टर साहब अब शिवांश सुन व बोल सकेगा न...? डॉक्टर का इशारा मिलते ही दंपती की आंखें छलक उठीं। इसी प्रकार बड़गांव निवासी आरोही का ओपेन हार्ट सर्जरी होने के बाद परिजन निहाल हो गए।
विज्ञापन
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत मासूम शिवांश का मुफ्त ऑपरेशन कराया गया। बृहस्पतिवार को कानपुर के एक अस्पताल में सफल कॉक्लियर इंप्लांट किया गया।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग की ओर से ऑपरेशन का पूरा खर्च वहन करने के साथ परिजनों के आने-जाने का किराया दिया जाएगा। सम्मयदीन ने बताया कि वह और उनकी पत्नी अभी कानपुर में ही हैं। शिवांश कुछ बोलने का प्रयास करता है।
उन्होंने बताया कि जन्म के करीब एक साल बाद पता चला कि उनका बेटा बोल व सुन नहीं सकता था। कई डॉक्टरों को दिखाया, लेकिन महंगा ऑपरेशन की बात सुनकर हिम्मत नहीं पड़ी।
सीएचसी अधीक्षक के परामर्श पर सीएमओ कार्यालय गया, जहां पंजीकरण के बाद मुफ्त ऑपरेशन हो सका। इसी प्रकार बीते बुधवार को बड़गांव निवासी आरोही कौशल की अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में मुफ्त ओपेन हार्ट सर्जरी हुई। इसके बाद से बच्ची के पिता परमेंद्र और मां प्रीति बहुत ही खुश है।
आरबीएस के जिला समन्वयक उमाशंकर ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जन्मजात बीमारी से पीड़ित बच्चों का मुफ्त उपचार व ऑपरेशन कराया जा रहा है। सरकारी व निजी अस्पतालों में ऐसे मरीजों की स्क्रीनिंग कराई जा रही है।