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पांच हजार किसान बनाएंगे जैविक खाद

Sat, 13 Jul 2019 10:57 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jul 2019 10:57 PM IST
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Five thousand farmers will make organic manure
गोंडा। अब किसान अपने खेतों को उपजाऊ बनाने के लिए खुद पहल करेंगे। इसके लिए कृषि व ग्राम्य विकास विभाग ने संयुक्त योजना तैयार की है। कृषि विभाग किसानों को तकनीकी जानकारी देगा और मनरेगा से कंपोस्ट गड्डे बनेंगे। केंचुए से वर्मी कंपोस्ट तैयार करने के लिए पांच हजार किसानों को ट्रेनिंग मिलेगी। पहले चरण में पांच हजार किसानों को योजना से जोड़ा जा रहा है। पांच करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। मनरेगा से हर गांव से पांच-पांच किसानों को कम्पोस्ट गड्ढे के लिए पंचायतें चुनेंगी और उन्हें खेतों की उर्वरा शक्ति के लिए वर्मी कम्पोस्ट बनाने की योजना से जोडे़ंगे।
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मनरेगा से अब किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल शुरू हो रही है। मनरेगा से किसानों को खाद बनाने की योजना से जोड़ा जा रहा है। पहले चरण में 1054 गांवों में खाद बनाने की योजना लागू की गई है और पांच-पांच किसानों को इस योजना से जोड़ा जाएगा। 5000 से अधिक किसानों को कम्पोस्ट गड्ढा तैयार करने और गड्ढे में वर्मी (केंचुए) से खाद तैयार हो गई। घर व बाहर के कूड़ों की सफाई करके लोहा, शीशा, कंकड़, ईंट, पत्थर अलग किया जाएगा। इसके बाद कूड़ों को गड्ढों में डाला जाएगा। गड्ढा भर जाने पर उसमें केंचुआ छोड़ा जाएगा।
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केंचुए कूड़े को खाएगा और माह भर में कूड़ों को खाद बना देगा। खाद बनाने के लिए दो गड्ढे खोदे जाएंगे। एक गड्ढा भर जाने और केंचुआ डालने के बाद दूसरा गड्ढा कूड़े से भरते रहेंगे। जब एक गड्ढे में कूड़े से खाद बन जाएगी तो उसमें से खाद अलग करके केंचुए को निकाल लेंगे। फिर पहले से भर चुके दूसरे गड्ढे में उसी केंचुए को डाल देंगे। इस तरह लगातार खाद बनता जाएगा और कूड़ों से दूसरा गड्ढा भरता रहेगा। खादों को बोरे में भर कर किसान रख लेंगे। अपने खेतों में तो उपयोग कर ही सकते हैं, अगर जरूरत से अधिक है तो दूसरे किसानों को बेंच सकते हैं।
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इससे किसानों को दोहरा लाभ होगा। एक तो खुद के खेतों के लिए खाद तैयार कर लेंगे, दूसरा खाद का व्यापार भी कर सकेंगे। एक कम्पोस्ट प्रोजेक्ट पर करीब दस हजार का बजट खर्च हो सकेगा। इसमें गड्ढा तैयार करने वाले किसानों को मनरेगा से तय मजदूरी भी मिल सकेगी। किसानों के चयन और गड्ढों को तैयार कराने के लिए खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। इस महीने से कई गावों में कार्य शुरूहो जाने की संभावना है।
300 करोड़ तक हेागा खर्च
मनरेगा से किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई परियोजनाएं शुरू की जा सकेंगी। 300 करोड़ से अधिक का बजट पंचायतें खर्च कर सकेंगी। इसके लिए पंचायतों को ब्लॉकवार बजट की सीमा बताई जा सकी है। कम्पोस्ट गड्ढों के साथ ही खेत तालाब योजना, तालाब समतलीेकरण, भूमि सुधार समेत औद्यानिक खेती से जुड़ी योजनाओं को लागू किया जा रहा है। पूरे जिले में तय किए गए बजट से सीधे किसानों को लाभ देने की योजना है। जिले के पांच लाख किसानों में उन किसानों को सूचीबद्ध किया जा रहा है।

किसानों की होगी तरक्की
किसानों की तरक्की के लिए तैयार परियोजनाएं तैयार की जा रही हैं। ब्लॉकों का लक्ष्य दे दिया गया है। 300 करोड़ तक का बजट किसानों और कृषि कार्य के लिए मनरेगा से खर्च किए जा सकते हैं। पूरे बजट का 60 फीसदी बजट किसानों पर व्यय किए जाने की योजना है। -आशीष कुमार, सीडीओ
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