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Gonda News: तीन घंटे में हो रही पांच मिनट की जांच, हेल्थ एटीएम बंद
Thu, 26 Dec 2024 11:52 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 26 Dec 2024 11:52 PM IST
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गोंडा। जिला महिला अस्पताल में दो साल पहले खरीदी गई हेल्थ एटीएम मशीन क्रियाशील न होने से बेकार पड़ी है। आयुष्मान कक्ष में एक कोने में रखी मशीन के इंस्टॉल होने का मुहूर्त अब तक नहीं निकल पाया है। इस कारण पांच मिनट में होने वाली खून व पेशाब की जांच के लिए गर्भवती महिलाओं को करीब तीन घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है।
जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन 500 से अधिक गर्भवती व अन्य महिलाएं उपचार कराने आती है। इनमें से औसतन 90 महिलाओं की खून, पेशाब सहित अन्य जरूरी जांच होती है। हेल्थ एटीएम की सुविधा न होने के कारण महिलाओं को जांच के लिए अस्पताल पैथोलॉजी में पंजीकरण कराने से लेकर जांच रिपोर्ट मिलने में घंटों लगने की परेशानी उठाना पड़ती है। इतना ही नहीं जांच कराने के बाद रिपोर्ट लेने के लिए भी गर्भवतियों को लंबी कतार में लगना पड़ता है।
चिकित्सकों के अनुसार अनुसार हेल्थ एटीएम मशीन से शुगर, हीमोग्लोबिन, लिपिड प्रोफाइल, डेंगू, चिकनगुनिया, टाइफाइड, टीएलसी, एचआईवी समेत 50 प्रकार की जांच बिना किसी परेशानी के काफी कम समय में हो सकती हैं। इनकी रिपोर्ट भी मात्र पांच से सात मिनट के भीतर मिल जाती है। महिला अस्पताल में गोंडा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह के निधि से हेल्थ एटीएम मशीन की खरीद दिसंबर 2022 में हुई थी। तत्कालीन सीएमएस डॉ. सुषमा सिंह ने उसे एक कोने में रखकर इसके लोकार्पण की तिथि भी तय कर दी थी। उसके बाद उनका स्थानांतरण हो गया। इसके बाद से मशीन को क्रियाशील कराने का मुहूर्त अभी तक नहीं निकल सका है। इसका सीधा खामियाजा गर्भवती महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है।
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अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. जयंत कुमार ने बताया कि रीजेंट व टेक्नीशियन की व्यवस्था न हो पाने के कारण ही हेल्थ एटीएम को अभी तक शुरू नहीं किए जाने की बात सामने आयी है। सीएमएस से सभी दिक्कतों को दूर करा कर मशीन को शीघ्र क्रियाशील बनाने के लिए कहा गया है।
नहीं हुई जांच, फिर लगाना पड़ेगी दौड़
इटियाथोक के हरैया झूमन निवासी शकुंतला देवी अपनी गर्भवती बहू का उपचार कराने महिला अस्पताल लेकर आई थी। पर्चा कटवाने के बाद डॉक्टर को दिखाया तो कुछ जांच कराने के लिए कहा गया। तब तक सैंपल कलेक्शन कक्ष बंद हो चुका था। ऐसे में जांच कराने के लिए दूसरे दिन फिर दौड़ लगाना पड़ी। बृहस्पतिवार को दोपहर 11 बजकर 34 मिनट तक 60 महिलाओं का पंजीकरण जांच के लिए कराया जा चुका था। जिन्हें दोपहर एक बजे तक रिपोर्ट पाने का इंतजार करना पड़ा।
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जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन 500 से अधिक गर्भवती व अन्य महिलाएं उपचार कराने आती है। इनमें से औसतन 90 महिलाओं की खून, पेशाब सहित अन्य जरूरी जांच होती है। हेल्थ एटीएम की सुविधा न होने के कारण महिलाओं को जांच के लिए अस्पताल पैथोलॉजी में पंजीकरण कराने से लेकर जांच रिपोर्ट मिलने में घंटों लगने की परेशानी उठाना पड़ती है। इतना ही नहीं जांच कराने के बाद रिपोर्ट लेने के लिए भी गर्भवतियों को लंबी कतार में लगना पड़ता है।
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चिकित्सकों के अनुसार अनुसार हेल्थ एटीएम मशीन से शुगर, हीमोग्लोबिन, लिपिड प्रोफाइल, डेंगू, चिकनगुनिया, टाइफाइड, टीएलसी, एचआईवी समेत 50 प्रकार की जांच बिना किसी परेशानी के काफी कम समय में हो सकती हैं। इनकी रिपोर्ट भी मात्र पांच से सात मिनट के भीतर मिल जाती है। महिला अस्पताल में गोंडा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह के निधि से हेल्थ एटीएम मशीन की खरीद दिसंबर 2022 में हुई थी। तत्कालीन सीएमएस डॉ. सुषमा सिंह ने उसे एक कोने में रखकर इसके लोकार्पण की तिथि भी तय कर दी थी। उसके बाद उनका स्थानांतरण हो गया। इसके बाद से मशीन को क्रियाशील कराने का मुहूर्त अभी तक नहीं निकल सका है। इसका सीधा खामियाजा गर्भवती महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है।
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अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. जयंत कुमार ने बताया कि रीजेंट व टेक्नीशियन की व्यवस्था न हो पाने के कारण ही हेल्थ एटीएम को अभी तक शुरू नहीं किए जाने की बात सामने आयी है। सीएमएस से सभी दिक्कतों को दूर करा कर मशीन को शीघ्र क्रियाशील बनाने के लिए कहा गया है।
नहीं हुई जांच, फिर लगाना पड़ेगी दौड़
इटियाथोक के हरैया झूमन निवासी शकुंतला देवी अपनी गर्भवती बहू का उपचार कराने महिला अस्पताल लेकर आई थी। पर्चा कटवाने के बाद डॉक्टर को दिखाया तो कुछ जांच कराने के लिए कहा गया। तब तक सैंपल कलेक्शन कक्ष बंद हो चुका था। ऐसे में जांच कराने के लिए दूसरे दिन फिर दौड़ लगाना पड़ी। बृहस्पतिवार को दोपहर 11 बजकर 34 मिनट तक 60 महिलाओं का पंजीकरण जांच के लिए कराया जा चुका था। जिन्हें दोपहर एक बजे तक रिपोर्ट पाने का इंतजार करना पड़ा।