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Gonda News: तीन घरों की गृहस्थी राख, बच्ची झुलसी
Thu, 09 Mar 2023 10:38 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 09 Mar 2023 10:38 PM IST
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तरबगंज (गोंडा)। क्षेत्र के ग्रामसभा सेझिया बालू टेपरा में गुरुवार दोपहर बाद हुए अग्निकांड में तीन घरों की गृहस्थी जलकर राख हो गई। इधर, आग की लपटों की चपेट में आकर एक चार साल की बच्ची के दोनों हाथ झुलस गए।
गांव के जयराम निषाद के फूस के घर से अचानक उठी आग की लपटों ने पास के बलराम निषाद व शत्रोहन निषाद के फूस के घर को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के समय तीनों घरों के लोग मजदूरी करने गए थे। ग्रामीणों ने अग्निशमन विभाग को फोन लगाने का प्रयास किया। लेकिन बात नहीं हो सकी।
किसी तरह ग्रामीणों के प्रयास से आग पर काबू पाया गया। फूस के घर में लेटी हुई शत्रोहन निषाद की चार वर्षीय बेटी भी आग की चपेट में आ गई। उसे ग्रामीणों ने किसी तरह बाहर निकाला लेकिन उसके दोनों हाथ आग से झुलस गए।
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बाढ़ से परेशान हो भागे तो आग ने किया तबाह
-अग्निकांड के पीड़ित जयराम निषाद ने बताया कि पहले वह परासपुरवार का निवासी था। हर साल बाढ़ की चपेट में आने से परेशान होकर छह साल पहले पिता बलराम के साथ सेझिया में रहने लगा था, लेकिन मुश्किलों ने उसका पीछा यहां भी नहीं छोड़ा और आग में उसकी सारी गृहस्थी, नकदी के साथ जेवरात भी जल गए। पीड़ित ने बताया कि खेती के लिए जमीन नहीं है। सिर्फ मजदूरी ही एक सहारा है। ग्रामसभा के मतदाता सूची सहित अन्य अभिलेखों में उसका नाम दर्ज है, लेकिन कोई भी लाभ उसे नहीं मिल पा रहा है।
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गांव के जयराम निषाद के फूस के घर से अचानक उठी आग की लपटों ने पास के बलराम निषाद व शत्रोहन निषाद के फूस के घर को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के समय तीनों घरों के लोग मजदूरी करने गए थे। ग्रामीणों ने अग्निशमन विभाग को फोन लगाने का प्रयास किया। लेकिन बात नहीं हो सकी।
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किसी तरह ग्रामीणों के प्रयास से आग पर काबू पाया गया। फूस के घर में लेटी हुई शत्रोहन निषाद की चार वर्षीय बेटी भी आग की चपेट में आ गई। उसे ग्रामीणों ने किसी तरह बाहर निकाला लेकिन उसके दोनों हाथ आग से झुलस गए।
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बाढ़ से परेशान हो भागे तो आग ने किया तबाह
-अग्निकांड के पीड़ित जयराम निषाद ने बताया कि पहले वह परासपुरवार का निवासी था। हर साल बाढ़ की चपेट में आने से परेशान होकर छह साल पहले पिता बलराम के साथ सेझिया में रहने लगा था, लेकिन मुश्किलों ने उसका पीछा यहां भी नहीं छोड़ा और आग में उसकी सारी गृहस्थी, नकदी के साथ जेवरात भी जल गए। पीड़ित ने बताया कि खेती के लिए जमीन नहीं है। सिर्फ मजदूरी ही एक सहारा है। ग्रामसभा के मतदाता सूची सहित अन्य अभिलेखों में उसका नाम दर्ज है, लेकिन कोई भी लाभ उसे नहीं मिल पा रहा है।