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Gonda News: प्रधान, वीडीओ व केयर टेकर पर होगी एफआईआर
Sat, 11 Jan 2025 01:03 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 11 Jan 2025 01:03 PM IST
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गोंडा। सर्दी के मौसम में भी गो आश्रय केंद्रों पर पर्याप्त इंतजाम नहीं मिले। इससे नाराज डीएम नेहा शर्मा ने बेलसर विकासखंड के पकवान गांव और ताराडीह ग्राम पंचायत के अस्थायी गो आश्रय स्थल के केयर टेकर के साथ ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है। बेलसर के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की है।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके तिवारी ने डीएम को रिपोर्ट भेजी थी। कहा था कि जांच में पकवान गांव और ताराडीह के गो आश्रय स्थलों पर प्रबंधन में कमियां पाई गईं। यहां पर ठंड से बचाव के लिए कोई प्रबंध नहीं था। भूसा और हरा चारा लगभग न के बराबर था। पकवान गांव में गोवंश के लिए पीने के पानी का टैंक तक नहीं था। इसके कारण उन्हें दूषित तालाब का पानी पिलाया जा रहा था।
डीएम ने सरकारी धन के दुरुपयोग और पशुओं के प्रति असंवेदनशीलता मानते हुए सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। डीएम ने साफ कहा है कि गोवंशों के रखरखाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
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सभी गो आश्रय स्थलों की होगी जांच
जिलाधिकारी ने जिले के सभी गोआश्रय स्थलों का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने प्रत्येक गो आश्रय स्थल की वित्तीय गतिविधियों की आंतरिक ऑडिट करने का भी आदेश दिया। डीएम ने कहा कि लापरवाही के लिए जिम्मेदार किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य गोवंशों के लिए बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना और भविष्य में ऐसी लापरवाही रोकना है।
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मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके तिवारी ने डीएम को रिपोर्ट भेजी थी। कहा था कि जांच में पकवान गांव और ताराडीह के गो आश्रय स्थलों पर प्रबंधन में कमियां पाई गईं। यहां पर ठंड से बचाव के लिए कोई प्रबंध नहीं था। भूसा और हरा चारा लगभग न के बराबर था। पकवान गांव में गोवंश के लिए पीने के पानी का टैंक तक नहीं था। इसके कारण उन्हें दूषित तालाब का पानी पिलाया जा रहा था।
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डीएम ने सरकारी धन के दुरुपयोग और पशुओं के प्रति असंवेदनशीलता मानते हुए सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। डीएम ने साफ कहा है कि गोवंशों के रखरखाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
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सभी गो आश्रय स्थलों की होगी जांच
जिलाधिकारी ने जिले के सभी गोआश्रय स्थलों का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने प्रत्येक गो आश्रय स्थल की वित्तीय गतिविधियों की आंतरिक ऑडिट करने का भी आदेश दिया। डीएम ने कहा कि लापरवाही के लिए जिम्मेदार किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य गोवंशों के लिए बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना और भविष्य में ऐसी लापरवाही रोकना है।