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Gonda News: बिना काम कराए 12.38 लाख के भुगतान में होगी एफआईआर
Tue, 18 Aug 2026 11:07 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 18 Aug 2026 11:07 PM IST
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गोंडा। झंझरी विकासखंड की ग्राम पंचायत चकसड़ में मनरेगा के तहत बिना काम कराए ही 12.38 लाख रुपये के भुगतान का मामला सामने आया है। जांच में 10 कार्यों के मौके पर नहीं होने की पुष्टि हुई है। मामले में उपायुक्त श्रम व रोजगार जनार्दन प्रसाद यादव ने संबंधित ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव और तकनीकी सहायक व अवर अभियंता से धनराशि की वसूली और एफआईआर दर्ज कराने की संस्तुति की है।
जांच के अनुसार काली स्थान से मिट्ठूलाल के चक तक मिट्टी पटान, मोहनलाल के घर से रामदीन के घर तक, काली माता मंदिर से जिलाजीत के घर तक, फिरोजपुर बॉर्डर से दुखी के घर तक कई कार्यों के लिए भुगतान हुआ, लेकिन मौके पर कोई काम नहीं मिला। महदेईया में बकई तालाब के सुंदरीकरण का भी अभाव मिला, जबकि बगिया तालाब के नाम से मौके पर कोई तालाब ही नहीं मिला।
जांच में इन 10 कार्यों की कुल स्वीकृत लागत 16.77 लाख रुपये के सापेक्ष 12.38 लाख रुपये भुगतान पाया गया। इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता बताते हुए शासकीय धन की वसूली की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। रिपोर्ट में ग्राम प्रधान, सचिव और तकनीकी कर्मी से 4.12-4.12 लाख रुपये के हिसाब से कुल भुगतान राशि की समानुपातिक वसूली की संस्तुति की गई है। साथ ही प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर विधिक राय लेकर एफआईआर दर्ज कराने और जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
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उपायुक्त श्रम व रोजगार ने विकासखंड कार्यालय से चकसड़ पंचायत के 27 कार्यों से संबंधित अभिलेख भी तलब किए हैं। इनमें 16 कार्यों की पत्रावलियां उपलब्ध होने की बात कही गई है, जबकि शेष अभिलेखों के संबंध में तत्कालीन सचिव से पत्राचार किया गया है।
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जांच के अनुसार काली स्थान से मिट्ठूलाल के चक तक मिट्टी पटान, मोहनलाल के घर से रामदीन के घर तक, काली माता मंदिर से जिलाजीत के घर तक, फिरोजपुर बॉर्डर से दुखी के घर तक कई कार्यों के लिए भुगतान हुआ, लेकिन मौके पर कोई काम नहीं मिला। महदेईया में बकई तालाब के सुंदरीकरण का भी अभाव मिला, जबकि बगिया तालाब के नाम से मौके पर कोई तालाब ही नहीं मिला।
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जांच में इन 10 कार्यों की कुल स्वीकृत लागत 16.77 लाख रुपये के सापेक्ष 12.38 लाख रुपये भुगतान पाया गया। इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता बताते हुए शासकीय धन की वसूली की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। रिपोर्ट में ग्राम प्रधान, सचिव और तकनीकी कर्मी से 4.12-4.12 लाख रुपये के हिसाब से कुल भुगतान राशि की समानुपातिक वसूली की संस्तुति की गई है। साथ ही प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर विधिक राय लेकर एफआईआर दर्ज कराने और जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
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उपायुक्त श्रम व रोजगार ने विकासखंड कार्यालय से चकसड़ पंचायत के 27 कार्यों से संबंधित अभिलेख भी तलब किए हैं। इनमें 16 कार्यों की पत्रावलियां उपलब्ध होने की बात कही गई है, जबकि शेष अभिलेखों के संबंध में तत्कालीन सचिव से पत्राचार किया गया है।