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Gonda News: बाइक की आरसी न देने वाले डीलर पर जुर्माना
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गोंडा। ग्राहक को बाइक का पंजीयन प्रमाणपत्र (आरसी) न देने पर जिला उपभोक्ता फोरम ने 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
साथ ही एक माह में बाइक की आरसी या सात फीसदी ब्याज समेत बाइक की कीमत देने का आदेश दिया है। आदेश का अनुपालन न करने पर डीलर को नौ प्रतिशत ब्याज भी परिवादी को चुकाना होगा।
करनैलगंज तहसील के ग्राम भदैयनपुरवा गौरवाखुर्द निवासी प्रयागदत्त ने अधिवक्ता चारुचंद मिश्रा के माध्यम से जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर किया था।
इसमें कहा कि उसने 26 नवंबर 2019 को कंपनी के बहराइच रोड स्थित डीलर अंशुमान बजाज से 44 हजार 500 रुपये में बाइक खरीदी थी, लेकिन डिलीवरी में पुरानी खींची हुई बाइक दी गई। पंजीयन प्रमाण पत्र, बीमा प्रपत्र और हेलमेट भी नहीं दिया गया।
कई बार दौड़ाने के बाद जब डीलर ने नहीं सुना तो विवश होकर परिवादी ने जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद दाखिल किया। फोरम के नोटिस पर विपक्षी डीलर की ओर से कोई हाजिर नहीं हुआ और न ही कोई जवाब दिया।
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परिवाद की एकपक्षीय सुनवाई के दौरान साक्ष्य के आधार पर फोरम के अध्यक्ष रामानंद, सदस्य सुभाष सिंह व मंजू रावत ने निर्णय सुनाया।
बजाज कंपनी के डीलर अंशुमान बजाज को एक माह में बाइक का पंजीयन प्रमाण पत्र, बीमा प्रपत्र न देने पर सात फीसदी ब्याज समेत बाइक का मूल्य 44 हजार पांच सौ रुपये देने का आदेश दिया है। डीलर शारीरिक, मानसिक कष्ट व वाद खर्च के लिए 15 हजार रुपये परिवादी को अदा करेगा।
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साथ ही एक माह में बाइक की आरसी या सात फीसदी ब्याज समेत बाइक की कीमत देने का आदेश दिया है। आदेश का अनुपालन न करने पर डीलर को नौ प्रतिशत ब्याज भी परिवादी को चुकाना होगा।
करनैलगंज तहसील के ग्राम भदैयनपुरवा गौरवाखुर्द निवासी प्रयागदत्त ने अधिवक्ता चारुचंद मिश्रा के माध्यम से जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर किया था।
इसमें कहा कि उसने 26 नवंबर 2019 को कंपनी के बहराइच रोड स्थित डीलर अंशुमान बजाज से 44 हजार 500 रुपये में बाइक खरीदी थी, लेकिन डिलीवरी में पुरानी खींची हुई बाइक दी गई। पंजीयन प्रमाण पत्र, बीमा प्रपत्र और हेलमेट भी नहीं दिया गया।
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कई बार दौड़ाने के बाद जब डीलर ने नहीं सुना तो विवश होकर परिवादी ने जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद दाखिल किया। फोरम के नोटिस पर विपक्षी डीलर की ओर से कोई हाजिर नहीं हुआ और न ही कोई जवाब दिया।
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परिवाद की एकपक्षीय सुनवाई के दौरान साक्ष्य के आधार पर फोरम के अध्यक्ष रामानंद, सदस्य सुभाष सिंह व मंजू रावत ने निर्णय सुनाया।
बजाज कंपनी के डीलर अंशुमान बजाज को एक माह में बाइक का पंजीयन प्रमाण पत्र, बीमा प्रपत्र न देने पर सात फीसदी ब्याज समेत बाइक का मूल्य 44 हजार पांच सौ रुपये देने का आदेश दिया है। डीलर शारीरिक, मानसिक कष्ट व वाद खर्च के लिए 15 हजार रुपये परिवादी को अदा करेगा।