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50 साल पुरानी लाइन ने ली किसान की जान
अमर उजाला/गोंडा
Updated Tue, 05 Apr 2016 11:02 PM IST
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बिलखते परिवारीजन
- फोटो : अमर उजाला
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धानेपुर बिजली घर से निकली 11 केवी धानेपुर फीडर की 50 साल पुरानी लाइन ने मंगलवार की सुबह एक किसान के जवान बेटे की जान ले ली। बताया जाता है कि धानेपुर फीडर की यह लाइन एक खेत में टूटकर गिरी थी, जिससे लगी आग से गेहूं की फसल को बचाने के चक्कर में जैसे ही किसान का बेटा मौके पर पहुंचा कि उसे हाईटेंशन लाइन ने चपेट में ले लिया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
किसान के जवान बेटे की असमय हुई मौत से जहां ग्रामीणों मेें पावर कॉर्पोरेशन के खिलाफ आक्रोश है तो वहीं प्रथम दृष्टया पूरे मामले में पावर कॉर्पोरेशन की लापरवाही भी साफ उजागर हो रही है।
धानेपुर थाना क्षेत्र के तुलसीराम पुरवा गांव के रहने वाले जगदीश प्रसाद शुक्ला ने बताया कि घर से थोड़ी ही दूर पर उनका खेत है, जिसमें गेहूं की फसल लगी हुई है।
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उन्होंने बताया कि मंगलवार की सुबह करीब छह बजे खेत के ऊपर से गुजरने वाली हाइटेंशन लाइन का तार अचानक टूटकर गिर पड़ा। तार के गिरते ही उनके खेत के बगल एक खेत में आग लग गई।
आग की लपटें उठती देख उससे खेत में खड़ी गेहूं की फसल न जल जाए। इसे लेकर उनका मंझला बेटा मोतीलाल (26) उस जगह पहुंचा, जहां आग लगी थी। लेकिन जब तक वह आग बुझाने का प्रयास करता, तब कि बिजली की हाईटेंशन लाइन ने उसे चपेट में ले लिया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। धानेपुर थानाध्यक्ष रामाश्रय राय ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
उधर, असमय हुई मोतीलाल की मौत से परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, बिजली की 50 साल पुरानी हाईटेंशन लाइन से हुई इस घटना को लेकर लोगों में आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि अगर विभागीय अधिकारियों ने समय रहते लाइन के जर्जर तारों को बदला होता तो शायद यह दुर्घटना न होती।
किसान के जवान बेटे की असमय हुई मौत से जहां ग्रामीणों मेें पावर कॉर्पोरेशन के खिलाफ आक्रोश है तो वहीं प्रथम दृष्टया पूरे मामले में पावर कॉर्पोरेशन की लापरवाही भी साफ उजागर हो रही है।
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धानेपुर थाना क्षेत्र के तुलसीराम पुरवा गांव के रहने वाले जगदीश प्रसाद शुक्ला ने बताया कि घर से थोड़ी ही दूर पर उनका खेत है, जिसमें गेहूं की फसल लगी हुई है।
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उन्होंने बताया कि मंगलवार की सुबह करीब छह बजे खेत के ऊपर से गुजरने वाली हाइटेंशन लाइन का तार अचानक टूटकर गिर पड़ा। तार के गिरते ही उनके खेत के बगल एक खेत में आग लग गई।
आग की लपटें उठती देख उससे खेत में खड़ी गेहूं की फसल न जल जाए। इसे लेकर उनका मंझला बेटा मोतीलाल (26) उस जगह पहुंचा, जहां आग लगी थी। लेकिन जब तक वह आग बुझाने का प्रयास करता, तब कि बिजली की हाईटेंशन लाइन ने उसे चपेट में ले लिया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। धानेपुर थानाध्यक्ष रामाश्रय राय ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
उधर, असमय हुई मोतीलाल की मौत से परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, बिजली की 50 साल पुरानी हाईटेंशन लाइन से हुई इस घटना को लेकर लोगों में आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि अगर विभागीय अधिकारियों ने समय रहते लाइन के जर्जर तारों को बदला होता तो शायद यह दुर्घटना न होती।