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Gonda News: कटान तेज, नदी में समाए चार आशियाने
Wed, 26 Aug 2026 11:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 26 Aug 2026 11:55 PM IST
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गोंडा के ऐली परसौली में बह रही सरयू नदी।गोंडा के ऐली परसौली में बह रही सरयू नदी।
करनैलगंज। सरयू नदी का जलस्तर घटने के साथ मैदानी इलाकों में कटान तेज हो गई है। ऐली परसौली क्षेत्र में चार लोगों के आशियाने नदी में समा गए। करनैलगंज क्षेत्र के बहुवन मदार मांझा और मांझा रायपुर के सामने नदी की धारा तेजी से किनारों को काट रही है। बहुवन के सामने कई स्थानों पर नदी बांध के बेहद करीब पहुंच गई है। नदी और बांध के बीच करीब 60 मीटर बताई जा रही है।
एल्गिन ब्रिज पर बुधवार सुबह आठ बजे सरयू का जलस्तर 105.680 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 106.070 मीटर से 0.39 मीटर नीचे है। बुधवार सुबह नदी में कुल 2,19,354 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। मंगलवार सुबह नदी का जलस्तर 105.980 मीटर था, जो शाम तक घटकर 105.840 मीटर पहुंच गया था। मंगलवार शाम कुल डिस्चार्ज 2,44,104 क्यूसेक दर्ज किया गया।
जलस्तर में गिरावट के बावजूद नदी की धारा बदलने से मैदानी इलाकों में कटान तेज हो गई है। बहुवन मदार मांझा में नदी बांध के नजदीक पहुंचने से सिंचाई विभाग के अधिकारियों की निगरानी बढ़ गई है। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि जहां कटान का खतरा दिखाई दे रहा है, वहां युद्धस्तर पर बचाव कार्य कराया जा रहा है। फिलहाल बांध को किसी प्रकार का खतरा नहीं है। विभागीय टीम लगातार निगरानी कर रही है।
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कटान के खतरे से सहमे ग्रामीण
उमरी बेगमगंज। सरयू नदी का जलस्तर घटने से बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, लेकिन कटान ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है। ऐली परसौली गांव के तेलमहनपुरवा में नदी की तेज कटान से चार लोगों के आशियाने नदी में समा गए। जयराज यादव, घनश्याम यादव, गोगई और करिया के घर कटान की भेंट चढ़ गए। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का जलस्तर भले ही कम हो रहा है, लेकिन कटान का खतरा कम नहीं हुआ है। नदी लगातार किनारे की जमीन काट रही है। इससे आसपास रहने वाले परिवारों में भय बना हुआ है। लेखपाल अंकित कुमार ने बताया कि कटान से हुए नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। क्षति की रिपोर्ट तैयार कर तहसील प्रशासन को भेजी जा रही है।
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एल्गिन ब्रिज पर बुधवार सुबह आठ बजे सरयू का जलस्तर 105.680 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 106.070 मीटर से 0.39 मीटर नीचे है। बुधवार सुबह नदी में कुल 2,19,354 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। मंगलवार सुबह नदी का जलस्तर 105.980 मीटर था, जो शाम तक घटकर 105.840 मीटर पहुंच गया था। मंगलवार शाम कुल डिस्चार्ज 2,44,104 क्यूसेक दर्ज किया गया।
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जलस्तर में गिरावट के बावजूद नदी की धारा बदलने से मैदानी इलाकों में कटान तेज हो गई है। बहुवन मदार मांझा में नदी बांध के नजदीक पहुंचने से सिंचाई विभाग के अधिकारियों की निगरानी बढ़ गई है। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि जहां कटान का खतरा दिखाई दे रहा है, वहां युद्धस्तर पर बचाव कार्य कराया जा रहा है। फिलहाल बांध को किसी प्रकार का खतरा नहीं है। विभागीय टीम लगातार निगरानी कर रही है।
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कटान के खतरे से सहमे ग्रामीण
उमरी बेगमगंज। सरयू नदी का जलस्तर घटने से बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, लेकिन कटान ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है। ऐली परसौली गांव के तेलमहनपुरवा में नदी की तेज कटान से चार लोगों के आशियाने नदी में समा गए। जयराज यादव, घनश्याम यादव, गोगई और करिया के घर कटान की भेंट चढ़ गए। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का जलस्तर भले ही कम हो रहा है, लेकिन कटान का खतरा कम नहीं हुआ है। नदी लगातार किनारे की जमीन काट रही है। इससे आसपास रहने वाले परिवारों में भय बना हुआ है। लेखपाल अंकित कुमार ने बताया कि कटान से हुए नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। क्षति की रिपोर्ट तैयार कर तहसील प्रशासन को भेजी जा रही है।

गोंडा के ऐली परसौली में बह रही सरयू नदी।गोंडा के ऐली परसौली में बह रही सरयू नदी।

गोंडा के ऐली परसौली में बह रही सरयू नदी।गोंडा के ऐली परसौली में बह रही सरयू नदी।