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लोकतंत्र के उत्सव की तैयारी में बूथों पर उत्साह
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गोंडा। प्रदेश के सबसे बड़े लोकतंत्र के उत्सव विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज हो गई है। मतदाताओं को जोड़ने के लिए बूथों पर रविवार को पुनरीक्षण अभियान शुरू हुआ। 2629 बूथों पर 20 हजार से अधिक लोगों ने मतदाता बनने व सुधार आदि के दावे पेश किये।
बूथ स्तर के अधिकारियों ने लोगों को मतदान के महत्व बताए और मतदाता बनकर कर्तव्य निभाने की अपील किया। रविवार को आयुक्त एसवीएस रंगाराव और डीएम मार्कंडेय शाही ने कई बूथों पर निरीक्षण कर लोगों का उत्साह बढ़ाया। इसके साथ ही लापरवाही होने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
निर्वाचन आयोग के रोल प्रेक्षक व आयुक्त एसवीएस रंगाराव की अध्यक्षता में अर्हता तिथि एक जनवरी, 2022 के आधार पर विधानसभा निर्वाचक क्षेत्रों की निर्वाचक नामाविलियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के कार्यों की समीक्षा हुई। बैठक मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के साथ कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई।
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आयुक्त ने 1 जनवरी, 2022 को 18 वर्ष पूरा करने वाले मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने हेतु विशेष प्रयास किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद में कमजोर वर्ग के लोगों, मजदूर वर्ग, मलिन बस्ती में निवास करने वाले व ईंट भट्टों पर कार्य करने वाले लोगों का यदि मतदाता पहचान पत्र नहीं बना है तो जांच कराकर मतदाता पंजीकरण कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने निर्देश दिए हैं कि किसी व्यक्ति का नाम दो स्थानों पर पंजीकृत न हो, इसमें पूरी पारदर्शिता एवं निष्पक्षता बरती जाए। उन्होंने मतदाता पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया है। बैठक में रोल प्रेक्षक/आयुक्त ने ईपी रेसियो तथा जेंडर रेसियो बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि जहां पर महिलाओं का नाम छूट गया है वहां पर एआरओ व एईआरओ कारणों का पता कर 30 नवंबर तक उनका नाम जुड़वाने का कार्य करें।
उन्होंने फार्म-6 की प्रगति कम होने के दृष्टिगत राजनीतिक दलों से अनुरोध किया है कि वे इसको बढ़वाने में अपना योगदान दें। उन्होंने विधानसभावार बैठक आयोजित कर बीएलओ को जागरूक व सक्षम बनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि उनके अक्षमता का प्रभाव निर्वाचन कार्य में न पड़ने पाये। उन्होंने कहा है कि जहां बीएलओ सक्षम न हो, वहां हटाकर सक्षम बीएलओ की तैनाती हो।
उन्होंने कहा है कि लापरवाही पाये जाने पर सुपरवाइजर व ए ईआरओ के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। आयुक्त ने उपजिलाधिकारी, तहसीलदार व नायब तहसीलदार को निर्देशित किया है कि वे स्वयं मतदान केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण कर आयोग के निर्देशानुसार मानक के अनुरूप सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्था देख लें। सभी मतदान केंद्रों पर आवागमन की सुविधा, बाउंड्रीवाल, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय व रैंप आदि की व्यवस्था सुनिश्चित हो।
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बूथ स्तर के अधिकारियों ने लोगों को मतदान के महत्व बताए और मतदाता बनकर कर्तव्य निभाने की अपील किया। रविवार को आयुक्त एसवीएस रंगाराव और डीएम मार्कंडेय शाही ने कई बूथों पर निरीक्षण कर लोगों का उत्साह बढ़ाया। इसके साथ ही लापरवाही होने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
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निर्वाचन आयोग के रोल प्रेक्षक व आयुक्त एसवीएस रंगाराव की अध्यक्षता में अर्हता तिथि एक जनवरी, 2022 के आधार पर विधानसभा निर्वाचक क्षेत्रों की निर्वाचक नामाविलियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के कार्यों की समीक्षा हुई। बैठक मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के साथ कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई।
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आयुक्त ने 1 जनवरी, 2022 को 18 वर्ष पूरा करने वाले मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने हेतु विशेष प्रयास किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद में कमजोर वर्ग के लोगों, मजदूर वर्ग, मलिन बस्ती में निवास करने वाले व ईंट भट्टों पर कार्य करने वाले लोगों का यदि मतदाता पहचान पत्र नहीं बना है तो जांच कराकर मतदाता पंजीकरण कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने निर्देश दिए हैं कि किसी व्यक्ति का नाम दो स्थानों पर पंजीकृत न हो, इसमें पूरी पारदर्शिता एवं निष्पक्षता बरती जाए। उन्होंने मतदाता पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया है। बैठक में रोल प्रेक्षक/आयुक्त ने ईपी रेसियो तथा जेंडर रेसियो बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि जहां पर महिलाओं का नाम छूट गया है वहां पर एआरओ व एईआरओ कारणों का पता कर 30 नवंबर तक उनका नाम जुड़वाने का कार्य करें।
उन्होंने फार्म-6 की प्रगति कम होने के दृष्टिगत राजनीतिक दलों से अनुरोध किया है कि वे इसको बढ़वाने में अपना योगदान दें। उन्होंने विधानसभावार बैठक आयोजित कर बीएलओ को जागरूक व सक्षम बनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि उनके अक्षमता का प्रभाव निर्वाचन कार्य में न पड़ने पाये। उन्होंने कहा है कि जहां बीएलओ सक्षम न हो, वहां हटाकर सक्षम बीएलओ की तैनाती हो।
उन्होंने कहा है कि लापरवाही पाये जाने पर सुपरवाइजर व ए ईआरओ के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। आयुक्त ने उपजिलाधिकारी, तहसीलदार व नायब तहसीलदार को निर्देशित किया है कि वे स्वयं मतदान केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण कर आयोग के निर्देशानुसार मानक के अनुरूप सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्था देख लें। सभी मतदान केंद्रों पर आवागमन की सुविधा, बाउंड्रीवाल, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय व रैंप आदि की व्यवस्था सुनिश्चित हो।