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मंदिरों में जुटी श्रद्धालुओं की भीड़
अमर उजाला/गोंडा
Updated Sun, 04 Sep 2016 11:29 PM IST
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जलाभिषेक करते शिवभक्त
- फोटो : अमर उजाला
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कजरी तीज का पावन पर्व रविवार को श्रद्धालुओं की आस्था में नया अध्याय जोड़ गया। कांवरियों की संख्या ने जिले के अब तक सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। इस बार पिछले वर्ष की अपेक्षा डेढ़ गुना से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। उत्साह तो इस कदर दिखा कि सरयू नदी से लेकर सड़क, शहर सब शिवमय हो गया। हर तरफ, हर जगह भोलेनाथ के जयकारों के बीच शनिवार से लेकर रविवार तक जिले में शिव भक्ति की अविरल धारा प्रवाहित हुई, जिसमें लाखों लोगों ने गोते लगाए।
भगवान शिव की भक्ति के सबसे बड़े त्यौहार हरितालिका (कजरी तीज) पर रविवार को सरयू नदी सहित अन्य नदियों व सरोवराें से जल भर कर लाए श्रद्धालुओं ने खरगूपुर पृथ्वीनाथ मंदिर, नगर के दुखहरण नाथ मंदिर सहित अन्य शिवालयों पर जलाभिषेक किया।
कांवरियों की राह में मुश्किल इस बार उनकी पहले से अधिक परीक्षा ले रही थीं। कारण आधा अधूरा निर्माण के चलते कंकड़ व पथरीले रास्तों पर चलकर श्रद्धालुओं के पैर लहूलुहान थे, लेकिन श्रद्धा उफान पर थी।
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हर-हर महादेव के जयकारों से शुरू हुए जलाभिषेक का सिलसिला करीब 12 बजे तक धीमी रफ्तार से चला। इसका कारण यह भी रहा कि तमाम पूजा स्थल पर पहुंचकर 12 बजे नया दिन शुरू होने का इंतजार करते। 12 बजे के बाद श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने लगी और फिर यह संख्या सैलाब बन गई। हर तरफ हर-हर महादेव की गगन भेदी जयकारों से पूरी रात शिव भक्ति की अविरल धारा प्रवाहित होती रही, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं ने गोते लगाए।
भगवान शिव की आराधना के लिए आधी आबादी में उत्साह दिखा। महिलाओं ने निराजली व्रत रखने के बावजूद शिवालयों के सामने लंबी कतारों में लगाकर जलाभिषेक किया। इस दौरान काफी भीड़ होने के चलते एक दुर्घटना भी होने से टल गई।
हूआ यूं कि जलाभिषेक करने के लिए दौड़ी महिलाओं की भीड़ में एक महिला बच्चे समेत दब गई। जमीन पर गिरी महिला व बच्चे पर कुछ लोग चढ़ गए, लेकिन बाद में मौके पर मौजूद महिला पुलिस कर्मियों की सतर्कता व वालेंटियरों की मदद से भीड़ को रोककर महिला व बच्चे को सुरक्षित निकाल लिया गया।
दुखहरणनाथ मंदिर पर शनिवार की देर शाम से ही कांवरियों का तांता लगा रहा। यहां शनिवार को करीब 11 बजे शुरू हुए जलाभिषेक का सिलसिला रविवार को पूरे दिन चलता रहा। श्रद्धालुओं के भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने महिला अस्पताल तिराहे से बेरीकेडिंग कर रखी थी, जहां जिलाधिकारी, एसपी, अपर पुलिस अधीक्षक रवींद्र सिंह, क्षेत्राधिकारी सदर सहित अन्य अधिकारी दलबल के साथ मौजूद रहे।
करीब एक बजे तक सब कुछ ठीक चलता रहा, लेकिन इसके बाद श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ गई। हालत यह थी कि लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज तिराहे से दुखहरणनाथ मंदिर तक सड़क पूरी तरह से जाम हो गई और यह स्थिति सुबह सात बजे तक बनी रही।
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भगवान शिव की भक्ति के सबसे बड़े त्यौहार हरितालिका (कजरी तीज) पर रविवार को सरयू नदी सहित अन्य नदियों व सरोवराें से जल भर कर लाए श्रद्धालुओं ने खरगूपुर पृथ्वीनाथ मंदिर, नगर के दुखहरण नाथ मंदिर सहित अन्य शिवालयों पर जलाभिषेक किया।
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कांवरियों की राह में मुश्किल इस बार उनकी पहले से अधिक परीक्षा ले रही थीं। कारण आधा अधूरा निर्माण के चलते कंकड़ व पथरीले रास्तों पर चलकर श्रद्धालुओं के पैर लहूलुहान थे, लेकिन श्रद्धा उफान पर थी।
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हर-हर महादेव के जयकारों से शुरू हुए जलाभिषेक का सिलसिला करीब 12 बजे तक धीमी रफ्तार से चला। इसका कारण यह भी रहा कि तमाम पूजा स्थल पर पहुंचकर 12 बजे नया दिन शुरू होने का इंतजार करते। 12 बजे के बाद श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने लगी और फिर यह संख्या सैलाब बन गई। हर तरफ हर-हर महादेव की गगन भेदी जयकारों से पूरी रात शिव भक्ति की अविरल धारा प्रवाहित होती रही, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं ने गोते लगाए।
भगवान शिव की आराधना के लिए आधी आबादी में उत्साह दिखा। महिलाओं ने निराजली व्रत रखने के बावजूद शिवालयों के सामने लंबी कतारों में लगाकर जलाभिषेक किया। इस दौरान काफी भीड़ होने के चलते एक दुर्घटना भी होने से टल गई।
हूआ यूं कि जलाभिषेक करने के लिए दौड़ी महिलाओं की भीड़ में एक महिला बच्चे समेत दब गई। जमीन पर गिरी महिला व बच्चे पर कुछ लोग चढ़ गए, लेकिन बाद में मौके पर मौजूद महिला पुलिस कर्मियों की सतर्कता व वालेंटियरों की मदद से भीड़ को रोककर महिला व बच्चे को सुरक्षित निकाल लिया गया।
दुखहरणनाथ मंदिर पर शनिवार की देर शाम से ही कांवरियों का तांता लगा रहा। यहां शनिवार को करीब 11 बजे शुरू हुए जलाभिषेक का सिलसिला रविवार को पूरे दिन चलता रहा। श्रद्धालुओं के भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने महिला अस्पताल तिराहे से बेरीकेडिंग कर रखी थी, जहां जिलाधिकारी, एसपी, अपर पुलिस अधीक्षक रवींद्र सिंह, क्षेत्राधिकारी सदर सहित अन्य अधिकारी दलबल के साथ मौजूद रहे।
करीब एक बजे तक सब कुछ ठीक चलता रहा, लेकिन इसके बाद श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ गई। हालत यह थी कि लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज तिराहे से दुखहरणनाथ मंदिर तक सड़क पूरी तरह से जाम हो गई और यह स्थिति सुबह सात बजे तक बनी रही।