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प्रेरणा ऐप से 3140 परिषदीय स्कूलों पर रहेगी सीधी नजर

Sat, 17 Aug 2019 10:37 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 17 Aug 2019 10:37 PM IST
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Eight thousand teachers of three thousand schools will be monitored
गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग के प्रेरणा ऐप से अब जिले के 3140 स्कूलों पर शासन की सीधी नजर रहेगी। लखनऊ, बाराबंकी और कानपुर नगर के बाद 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) से सभी जिलों में यह व्यवस्था लागू हो रही है। 5 सितंबर से जिले के स्कूलों में इसे लागू करने की कवायद शुरू हो गई है। प्ररेणा ऐप लागू होने से स्कूलों के शिक्षकों की हाजिरी के साथ ही एमडीएम ग्रहण करने वाले छात्रों का ब्यौरा भी फोटो सहित दर्ज होगी। इससे शिक्षकों का स्कूल से बिना कारण गायब रहने पर रोक लगने के साथ ही एमडीएम में हो रहे फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी। स्कूलों में योजना का लागू करने को लेकर कई तरह की समस्याएं तो आएंगी लेकिन शासन प्रेरणा ऐप को सख्ती से लागू करने की तैयारी कर रहा है।
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परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों के गैर हाजिर रहने और एमडीएम में फर्जीवाड़ा पर लगाम लगाने के लिए सर्व शिक्षा अभियान से ऐप तैयार किया गया है। शिक्षकों को सुबह ऐप के माध्यम से जहां हाजिरी देनी हैं वहीं प्रार्थना स्थल के साथ ही एमडीएम ग्रहण करने वाले बच्चों की स्पष्ट फोटो भी अपलोड करनी है। माना जा रहा है कि एमडीएम में छात्रों की औसत उपस्थिति 60 फीसदी मान कर योजना संचालित की जा रही है और कई स्कूलों का दावा रहता है कि 80 से 90 फीसदी छात्र आते हैं।
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कई स्कूलों के निरीक्षण में एमडीएम की हाजिरी और स्कूलों में मौजूद छात्रों में अंतर भी मिल चुका है। इसके रोकथाम के लिए कई प्रयास नाकाफी रहे। लगातार निरीक्षणों में अधिकारियों की ओर से भिन्न उपस्थिति की रिपोर्ट मिलती रही। इसी तरह शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। हाल ही में बीएसए ने लम्बे समय से स्कूलों से गैर हाजिर रहे 14 शिक्षकों की सेवाओं को भी समाप्त किया। फिर भी शिकायतें मिलती रहीं। 5 सितंबर से जिले में प्ररेणा ऐप को लागू करने की तैयारी पूरी की जा रही है। खंड शिक्षा अधिकारियों और कम्प्यूटर ऑपरेटरों को प्रशिक्षित किए जाने की रणनीति तैयार हुई है। इसके बाद शिक्षकों के मोबाइल में प्रेरणा ऐप डाउनलोड कराया जाएगा और उसी से स्कूल की पूरी व्यवस्था देखी जाएगी।
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निगरानी के साथ ही कई काम का है ऐप
प्रेरणा ऐप को सिर्फ निगरानी तक ही सीमित नही रखा गया है। ऐप के लागू होने के सफलता पर सभी कार्य इसी के माध्यम से होंगे। स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति, ट्रांसफर, सीसीएल, प्रसूता अवकाश, अवकाश, वेतन, पदोन्नति आदि की प्रक्रिया भी ऐप के माध्यम से होंगे। शिक्षकों का पूरा विवरण ऐप पर होगा, स्कूल में उपलब्ध संसाधनों का विवरण रहेगा। संसाधनों के विवरण से कोई कमी रहने की जानकारी भी हो सकेगी। स्कूल व शिक्षकों का लोकेशन भी दर्ज रहेगा। इससे स्कूल के बारे में हर तरह की जानकारी ऐप के माघ्यम से हो सकेगी।
ऐसे शिक्षक कराएंगे ऐप पर पंजीकरण
मोबाइल में प्रेरणा ऐप को खोलने के बाद एमडीएम इंस्पेक्शन आईकान को क्लिक करना है। अगली स्क्रीन खुलेगी, प्रेरणा उत्तर प्रदेश स्क्रीन पर दिखेगा। पंजीकरण करने के लिए चार अंक का पिन बनाना होगा, फिर प्ररेणा ऐप आईकान को क्लिक करें ओर पंजीकृत मोबाइल नंबर व चार अंक का पिन उपयोग करके लाग इन का बटन दबाएं।
इसके बाद अध्यापक उपस्थिति, प्रार्थना सभा की उपस्थिति, मध्याह्न भोजन व कायाकल्प दिखेगा। उपस्थिति पर क्लिक करें कैमरा दिखेगा और स्वयं के साथ ही अन्य के उपस्थिति का विवरण दिखेगा। उपस्थिति दर्ज करें और कैमरा क्लिक कर ग्रुप फोटो खींच कर लोड करें। फोटो खींचते ही सभी अध्यापकों की सूची दिखेगी। मार्क करना है और अनुपस्थित हैं तो कारण लिखना है। इसी तरह प्रार्थना सभा व अन्य की डिटेल भी देनी है। बालक बालिकाओं की अलग-अलग संख्या भी देनी है।

प्रेरणा ऐप स्कूलों की व्यवस्था सुधारने के लिए काफी अहम है। इस व्यवस्था को 5 सितंबर को लागू किया जाना है। इसके लिए तैयारी की जा रही है, शासन के आदेशों के तहत प्रशिक्षण आदि कराए जाएंगे। इससे फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी। -विनय मोहन वन, डायट प्राचार्य
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