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छह हजार शिक्षक तीन लाख बच्चों की मजबूत करेंगेे नींव
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फोटो-9-गोंडा में करनैलगंज बीआरसी पर आयोजित प्रशिक्षण में मौजूद शिक्षक। -संवाद
- फोटो : GONDA
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गोंडा। परिषदीय स्कूलों के बच्चों की बुनियादी शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए शिक्षक अभियान चलाएंगे। इसके लिए 16 ब्लॉकों में अभियान चलाकर प्रशिक्षण दिया गया। इसमें करीब छह हजार प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है, जोकि कक्षा-एक, दो व तीन के करीब तीन लाख बच्चों की नींव को मजबूत करेंगे। प्रशिक्षकों ने शिक्षकों को नवीन ढंग से पढ़ाने के तरीके बताए हैं।
करनैलगंज में प्रशिक्षण के समापन पर खंड शिक्षा अधिकारी सीमा पांडेय ने कहा कि शिक्षकों से समाज को काफी उम्मीदें हैं, बच्चों को बेहतर शिक्षा देेने से समाज में बदलाव संभव है। उन्होंने कई स्कूलों को सराहा, कहा कि ऐसे ही शिक्षक ने कदम बढ़ाए तो ब्लॉक आदर्श स्थापित करने में पीछे नहीं रहेगा। हलधरमऊ के खंड शिक्षा अधिकारी नियाज अहमद ने कहा कि शिक्षकों ने अपने दम से कई बदलाव किए हैं। आने वाले दिनों में भी बेहतर परिणाम सामने होंगे।
उन्होंने कहा कि कोरोना संकट में स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित रही, लेकिन परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों ने विपरीत परिस्थितियों में भी पढ़ाई की व्यवस्था को बेहतर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए प्रशिक्षण से दूरगामी परिणाम सामने आएंगे। शिक्षकों को प्रशिक्षकों की ओर से कई तरह की जानकारी दी गई।
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विज्ञान शिक्षा के मॉडल की प्रस्तुति
जिला स्तरीय विज्ञान मेले में स्कूलों की ओर से विज्ञान शिक्षा के मॉडल की प्रस्तुति की गई। विज्ञान शिक्षा के लिए स्कूलों में किए जा रहे प्रयोग के बारे में जानकारी दिया गया। सीडीओ शशांक त्रिपाठी ने मेले का शुभारंभ किया। कहा कि विज्ञान व गणित की शिक्षा में मॉडल बहुत जरूरी है। शिक्षकों की ओर से किए जा रहे प्रयोगों को सराहा। बीएसए डॉ. अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि विज्ञान शिक्षा के लिए छात्रों को करके सीखने पर जोर दिया जाना चाहिए। इस दौरान विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
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करनैलगंज में प्रशिक्षण के समापन पर खंड शिक्षा अधिकारी सीमा पांडेय ने कहा कि शिक्षकों से समाज को काफी उम्मीदें हैं, बच्चों को बेहतर शिक्षा देेने से समाज में बदलाव संभव है। उन्होंने कई स्कूलों को सराहा, कहा कि ऐसे ही शिक्षक ने कदम बढ़ाए तो ब्लॉक आदर्श स्थापित करने में पीछे नहीं रहेगा। हलधरमऊ के खंड शिक्षा अधिकारी नियाज अहमद ने कहा कि शिक्षकों ने अपने दम से कई बदलाव किए हैं। आने वाले दिनों में भी बेहतर परिणाम सामने होंगे।
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उन्होंने कहा कि कोरोना संकट में स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित रही, लेकिन परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों ने विपरीत परिस्थितियों में भी पढ़ाई की व्यवस्था को बेहतर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए प्रशिक्षण से दूरगामी परिणाम सामने आएंगे। शिक्षकों को प्रशिक्षकों की ओर से कई तरह की जानकारी दी गई।
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विज्ञान शिक्षा के मॉडल की प्रस्तुति
जिला स्तरीय विज्ञान मेले में स्कूलों की ओर से विज्ञान शिक्षा के मॉडल की प्रस्तुति की गई। विज्ञान शिक्षा के लिए स्कूलों में किए जा रहे प्रयोग के बारे में जानकारी दिया गया। सीडीओ शशांक त्रिपाठी ने मेले का शुभारंभ किया। कहा कि विज्ञान व गणित की शिक्षा में मॉडल बहुत जरूरी है। शिक्षकों की ओर से किए जा रहे प्रयोगों को सराहा। बीएसए डॉ. अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि विज्ञान शिक्षा के लिए छात्रों को करके सीखने पर जोर दिया जाना चाहिए। इस दौरान विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।