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Gonda News: प्रसूता का काटना पड़ा हाथ, लापरवाही का आरोप
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युवती का काटा गया हाथ।
गोंडा। डॉक्टर की लापरवाही से एक प्रसूता को अपना एक हाथ गंवाना पड़ा। सिजेरियन प्रसव के बाद इंजेक्शन लगने से हाथ में संक्रमण फैल गया। जिससे महिला का बायां हाथ काटना पड़ा। परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कोतवाली नगर में तहरीर दी। दूसरी ओर निजी अस्पताल के डाॅक्टर का कहना है कि कोई गलत इंजेक्शन नहीं लगाया गया।
करनैलगंज के सोनहारा पंडितपुरवा निवासी श्यामजी मिश्र ने कोतवाली नगर में तहरीर देकर एक निजी अस्पताल संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाया है। तहरीर के मुताबिक, 16 दिसंबर 22 को उन्होंने गर्भवती पत्नी रमा को जिला अस्पताल के सामने संचालित एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया। जहां सिजेरियन प्रसव से बच्ची पैदा हुई। 30 दिसंबर को बिना कैथेटर निकाले डिस्चार्ज कर दिया गया। हर पांचवें दिन जांच के लिए बुलाया गया। पांच जनवरी 2023 को दवा व इंजेक्शन देकर घर भेज दिया गया। इंजेक्शन लगने के बाद से हाथ काला पड़ने लगा। नौ जनवरी को दिखाने पर बताया गया कि गलत तरीके से इंजेक्शन लगाने से बायां हाथ प्रभावित हुआ है।
13 जनवरी को दुखहरणनाथ मंदिर के पास संचालित निजी अस्पताल में दिखाने पर डॉक्टर ने बताया कि गलत इंजेक्शन लगने से हाथ की नस ब्लाक हो गई है। जिससे हाथ काटना पड़ सकता है। 10 जनवरी को डॉ. राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल, दिल्ली में भर्ती कराया गया, जहां 15 जनवरी को प्रसूता का बायां हाथ काटना पड़ा। श्यामजी ने निजी अस्पताल के चिकित्सक व वहां कार्यरत स्टाफ पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की।
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दूसरी ओर निजी अस्पताल संचालक डॉ. आलोक शुक्ल ने बताया कि ऑपरेशन के बाद रमा के पेट में पानी आ गया था। जिसका इलाज किया जा रहा था। प्रसूता की जेठानी के भी पेट में पानी आने की समस्या थी, जिसका इलाज केजीएमयू में चल रहा था। उसी का इंजेक्शन प्रसूता के पति ने बिना मुझे जानकारी दिए लगवाना शुरू कर दिए, जिससे समस्या हुई है। डॉ. शुक्ल का कहना है कि उनके यहां कोई गलत इंजेक्शन नहीं लगाया गया है।
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करनैलगंज के सोनहारा पंडितपुरवा निवासी श्यामजी मिश्र ने कोतवाली नगर में तहरीर देकर एक निजी अस्पताल संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाया है। तहरीर के मुताबिक, 16 दिसंबर 22 को उन्होंने गर्भवती पत्नी रमा को जिला अस्पताल के सामने संचालित एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया। जहां सिजेरियन प्रसव से बच्ची पैदा हुई। 30 दिसंबर को बिना कैथेटर निकाले डिस्चार्ज कर दिया गया। हर पांचवें दिन जांच के लिए बुलाया गया। पांच जनवरी 2023 को दवा व इंजेक्शन देकर घर भेज दिया गया। इंजेक्शन लगने के बाद से हाथ काला पड़ने लगा। नौ जनवरी को दिखाने पर बताया गया कि गलत तरीके से इंजेक्शन लगाने से बायां हाथ प्रभावित हुआ है।
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13 जनवरी को दुखहरणनाथ मंदिर के पास संचालित निजी अस्पताल में दिखाने पर डॉक्टर ने बताया कि गलत इंजेक्शन लगने से हाथ की नस ब्लाक हो गई है। जिससे हाथ काटना पड़ सकता है। 10 जनवरी को डॉ. राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल, दिल्ली में भर्ती कराया गया, जहां 15 जनवरी को प्रसूता का बायां हाथ काटना पड़ा। श्यामजी ने निजी अस्पताल के चिकित्सक व वहां कार्यरत स्टाफ पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की।
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दूसरी ओर निजी अस्पताल संचालक डॉ. आलोक शुक्ल ने बताया कि ऑपरेशन के बाद रमा के पेट में पानी आ गया था। जिसका इलाज किया जा रहा था। प्रसूता की जेठानी के भी पेट में पानी आने की समस्या थी, जिसका इलाज केजीएमयू में चल रहा था। उसी का इंजेक्शन प्रसूता के पति ने बिना मुझे जानकारी दिए लगवाना शुरू कर दिए, जिससे समस्या हुई है। डॉ. शुक्ल का कहना है कि उनके यहां कोई गलत इंजेक्शन नहीं लगाया गया है।