{"_id":"6a5fb0f97f3c3d081f07494e","slug":"dm-moved-by-childrens-innocent-plea-gonda-news-c-100-1-gon1003-162743-2026-07-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: बच्चों की मासूम फरियाद सुन भावुक हुईं डीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: बच्चों की मासूम फरियाद सुन भावुक हुईं डीएम
Tue, 21 Jul 2026 11:18 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 21 Jul 2026 11:18 PM IST
विज्ञापन
डीएम को पीड़ा बताते बच्चे।
गोंडा। डीएम मैम... हमारे घर तक सड़क बनवा दीजिए। कीचड़ की वजह से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। मंगलवार को कलेक्ट्रेट में मासूम बच्चों की यह फरियाद सुनकर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन भावुक हो गईं। सुरक्षा कर्मियों के रोकने पर वह स्वयं कार्यालय से बाहर आईं, बच्चों से मुलाकात की, उनकी बातें सुनीं और कॉपी, पेंसिल व चॉकलेट भेंट कर जल्द रास्ते की व्यवस्था कराने का भरोसा दिया।
मुजेहना ब्लॉक के ढुढाव पूरे भगवानदीन पुरवा के आठ स्कूली बच्चे अपने अभिभावकों के साथ मंगलवार दोपहर करीब 12:27 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि गांव को जोड़ने वाला करीब 370 मीटर लंबा कच्चा मार्ग बारिश के बाद घुटनों तक कीचड़ से भर गया है। इसी रास्ते से होकर बच्चे स्कूल और वाहन तक पहुंचते हैं।
बच्चों के आने की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन स्वयं कार्यालय से बाहर निकलीं और कलेक्ट्रेट परिसर में बेंच पर बैठे बच्चों से बातचीत की। बच्चों की बातें सुनने के बाद जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि 24 से 48 घंटे के भीतर वैकल्पिक व्यवस्था कराई जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। इस दौरान जान्हवी, नैंसी, मानसी, अंजनी पांडेय सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुजेहना ब्लॉक के ढुढाव पूरे भगवानदीन पुरवा के आठ स्कूली बच्चे अपने अभिभावकों के साथ मंगलवार दोपहर करीब 12:27 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि गांव को जोड़ने वाला करीब 370 मीटर लंबा कच्चा मार्ग बारिश के बाद घुटनों तक कीचड़ से भर गया है। इसी रास्ते से होकर बच्चे स्कूल और वाहन तक पहुंचते हैं।
विज्ञापन
बच्चों के आने की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन स्वयं कार्यालय से बाहर निकलीं और कलेक्ट्रेट परिसर में बेंच पर बैठे बच्चों से बातचीत की। बच्चों की बातें सुनने के बाद जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि 24 से 48 घंटे के भीतर वैकल्पिक व्यवस्था कराई जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। इस दौरान जान्हवी, नैंसी, मानसी, अंजनी पांडेय सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
विज्ञापन