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पांच लाख मरीजों का बनेगा डिजिटल हेल्थ कार्ड, सेव होगा ट्रीटमेंट हिस्ट्री

Sun, 09 Oct 2022 12:16 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 09 Oct 2022 12:16 AM IST
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गोंडा। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत जिले में करीब पांच लाख मरीजों का डिजिटल हेल्थ कार्ड बनाया जाएगा। इसके लिए जिले के 35 सरकारी व निजी अस्पतालों को योजना से लिंकअप कर यहां तैनात कर्मचारियों को इसके क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। ताकि कार्डधारी मरीजों की ट्रीटमेंट हिस्ट्री को अपलोड कर इलाज को आसान बनाया जा सके। चिह्नित अस्पतालों में आने वाले मरीजों से जुड़े इलाज व जांच का विवरण उनके हेल्थ कार्ड पर ऑनलाइन अपलोड भी होगा।
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जिले में मरीजों के इलाज से संबंधित सभी जानकारी ऑनलाइन करने के लिए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत मरीजों का कार्ड बनाने की तैयारी पूरी हो गई है। अब मरीजों को डॉक्टर के पास जानेे पर अपनी पुरानी जांच व दवाओं के पर्चे संजो कर ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मरीजों का हेल्थ कार्ड देखकर ही इलाज करने वाला डॉक्टर मरीज के पूर्व में चल रहे ट्रीटमेंट, दवाओं व जांच का विवरण जान लेगा।
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इसके प्रथम चरण में आयुष्मान भारत मिशन से जुड़े गोल्डन कार्ड धारकों का हेल्थ कार्ड बना कर मिशन से जुड़े सरकारी व निजी अस्पतालों के डॉक्टरों का ऑन लाइन विवरण दर्ज होगा। आयुष्मान से जुड़े अस्पतालों में आरोग्य मित्र तथा अन्य अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मी मरीजों की जांच व इलाज का पूरा विवरण ऑनलाइन अपलोड करेंगे। आयुष्मान भारत मिशन के जिला सूचना प्रबंधक अंकित श्रीवास्तव ने बताया कि हेल्थकार्ड बनाने के लिए आरोग्यमित्रों का प्रशिक्षण कराया जा चुका है। इसके बाद अब जल्द ही हेल्थ कार्ड बनाने का कार्य शुरू होगा।
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इलाज में फायदेमंद बनेगा हेल्थ कार्ड
डिजिटल हेल्थ कार्ड मरीज व डॉक्टर दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगा। मरीज के पुराने इलाज की पूरी जानकारी डॉक्टर के पास पहले ही पहुंच जाने से जहां मरीजों को ओपीडी में देखने में कम समय लगेगा वही मरीज को भी पहले से ही पता चल सकेगा कि उसका नंबर कितने बजे और किस डॉक्टर के पास आएगा। देखने में आधार कार्ड की तरह दिखने वाला हेल्थ कार्ड पूरी तरह से डिजिटल बेस तकनीक युक्त होगा। इसका भी अपना एक यूनिक आईडी नंबर होगा। इसी से मरीज की पहचान साबित होगी। इसी यूनिक हेल्थ आईडी से संबंधित मरीज की पुरानी हिस्ट्री का विवरण भी बस एक क्लिक पर देखा जा सकेगा। इस हेल्थ कार्ड से यह भी पता चल सकेगा कि मरीज को स्वास्थ्य संबंधित किन-किन सरकारी योजनाओं का फायदा मिल रहा है।

कार्ड बनवाने को अपलोड होगा पूरा विवरण
हेल्थ कार्ड बनाने के आयुष्मान आरोग्य मित्र के साथ ही सार्वजनिक अस्पताल, कम्युनिटी हेल्थ सेंटर, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और नेशनल हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर रजिस्ट्री से जुड़े हेल्थ केयर प्रोवाइडर के स्तर से हेल्थ कार्ड को बनाने का कार्य कराया जा सकेगा। इसके लिए मरीज को अपना हेल्थ कार्ड बनाने के लिए विभागीय वेबसाइट पर जाकर अपनी बीमारी और इसके इलाज से जुड़े पूरे विवरण व जांच रिपोर्ट को भी पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
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