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Gonda News: पौष पूर्णिमा के मुख्य स्नान पर्व पर आज सरयू तट पर उमड़ेंगे श्रद्धालु

Sun, 12 Jan 2025 11:37 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Sun, 12 Jan 2025 11:37 PM IST
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Devotees will gather on the banks of Saryu today on the main bathing festival of Paush Purnima
परसपुर (गोंडा)। धार्मिक व पौराणिक मान्यताओं को सहेजे भगवान वाराह के अवतार की भूमि पसका सूकरखेत में तीन दिवसीय मेला रविवार से शुरू हो गया। सोमवार को पौष पूर्णिमा के मुख्य स्नान पर्व पर हजारों श्रद्धालु सरयू नदी में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित करेंगे।
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श्री तुलसी जन्मभूमि न्यास व सनातन धर्म परिषद के तत्वावधान में रविवार को श्रद्धालुओं ने परसपुर कस्बे से गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली। पसका सूकरखेत पहुंचने पर करनैलगंज विधायक अजय सिंह के साथ डॉ. स्वामी भगवदाचार्य, कल्पवासी साधु-संतों व श्रद्धालु रामकुमार सोनी, बाबा कौशल दास, अनिल सोनी, सीनू रस्तोगी, अर्जुन पटवा, राजेंद्र सोनी, संत प्रसाद चौधरी, अरुण सिंह, जगदीश सोनी, रिंकू सोनी, कृष्ण मुरारी आदि ने सरयू मैया की महाआरती की। इसी के साथ सूकरखेत महोत्सव व 42वां रामायण मेला प्रारंभ हो गया। इस दौरान नागा, साधु-सन्यासियों व श्रद्धालुओं ने मां सरयू के संगम तट पर खड़े होकर मेला सकुशल संपन्न कराने व विश्व शांति के लिए प्रार्थना की।
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पौष पूर्णिमा का मुख्य स्नान पर्व 13 जनवरी को है। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मुख्य स्नान पर्व पर गोंडा के साथ ही कई जिलों के श्रद्धालु यहां स्नान-दान करेंगे। मेले में बड़ी संख्या में झूले, सर्कस के साथ ही घरेलू सामग्री, सौंदर्य प्रसाधन व खानपान की दुकानें सज गई हैं। मुख्य स्नान के बाद कल्पवास समाप्त हो जाएगा। संपूर्ण मेला क्षेत्र में चहल-पहल बढ़ गई है। साधु-संत सुबह-शाम रामधुन कर रहे हैं। इससे संगम क्षेत्र का माहौल भक्तिमय हो गया है।
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हस्तलिखित रामायण के पन्ने दे रहे गवाही
परसपुर (गोंडा)। मान्यता है कि राजापुर सूकरखेत में ही श्रीरामचरित मानस के प्रणेता गोस्वामी तुलसीदास जी का जन्म हुआ था। सूकरखेत में तुलसीदास जी के गुरु नरहरिदास जी का आश्रम भी है। कहते हैं तुलसीदास जी ने इसी पुण्य भूमि पर अपने गुरु से दीक्षा प्राप्त की थी। उनके गुरु के आश्रम में आज भी हस्त लिखित रामायण के पन्ने इस स्थान की ऐतिहासिकता की गवाही दे रहे हैं।





20 उपनिरीक्षक व 80 आरक्षी संभालेंगे सुरक्षा की कमान
एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि मेला सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिसकर्मी मुस्तैद रहेंगे। एक सीओ, 20 उपनिरीक्षक, 80 मुख्य आरक्षी व आरक्षी, 25 महिला आरक्षियों के साथ ही आठ ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। अस्थायी रेडियो कंट्रोल स्थापित किया गया है। मेला में क्षेत्र में ड्रोन कैमरे से निगरानी की जाएगी। प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह ने बताया कि मेलास्थल के प्रवेश द्वारों पर पांच बैरियर लगाए गए हैं। इन पर पुलिसकर्मी तैनात हैं। सिविल ड्रेस में भी पुलिसकर्मी लगाए गए हैं।




मेला स्थल पर कैंप कर रहे एसडीएम
परसपुर (गोंडा)। उपजिलाधिकारी करनैलगंज भारत भार्गव मेला क्षेत्र में कैंप कर रहे हैं। रविवार को उन्होंने मेला में साफ-सफाई, लाइट, सुरक्षा व ट्रैफिक व्यवस्था के साथ ही शौचालय व स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की। कहा कि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होने पाएगी। विधायक अजय सिंह ने लोगों को कंबल वितरित किया।
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