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Gonda News: आधी रात तक बस के लिए भटकते रहे श्रद्धालु
Sat, 01 Feb 2025 12:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 01 Feb 2025 12:17 AM IST
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गोंडा के गुरुनानक चौराहे पर पैदल जाते प्रयागराज से आए श्रद्धालु। -संवाद
गोंडा। बस स्टेशन के सामने बृहस्पतिवार को आधी रात को बलरामपुर के पचपेड़वा के रामकुमार अपने गांव के 12 लोगों के साथ सड़क पर बैठे बस का इंतजार कर रहे थे। बताया कि 26 जनवरी को वह महाकुंभ गए थे। किसी तरह बृहस्पतिवार रात आठ बजे गोंडा पहुंचे, रात 12:30 बजने को हैं, लेकिन अभी तक बलरामपुर के लिए बस नहीं मिली। कहा जा रहा है कि इंतजार करिए, बस आने पर भेजा जाएगा। पयागपुर जाने के लिए देर रात मोड़ पर बस का इंतजार कर रहीं सावित्री ने बताया कि खड़े-खड़े पैर दर्द करने लगे। अभी तक बस नहीं मिली। पता नहीं कब बस आएगी और कब घर पहुंचेंगे। मोबाइल भी बंद हो गया है। परिजन परेशान होंगे।
दरअसल, गोंडा डिपो की 25 बसें अभी तक प्रयागराज से नहीं लौटी हैं। इससे श्रद्धालुओं को वापसी में समस्या हो रही है। शुक्रवार दोपहर निजी वाहनों के साथ ही अयोध्या डिपो की बसों से श्रद्धालु गोंडा पहुंचे। यहां से आगे जाने के लिए लोगों को दिन में भी घंटों तक वाहन का इंतजार करना पड़ा।
रोडवेज के एआरएम कपिल देव का कहना है कि 25 बसें अभी भी प्रयागराज में फंसी हुई हैं। लोकल रूटों पर 52 बसें लगाई गई हैं। शुक्रवार को प्रयागराज के लिए दो बसें भेजी गई हैं।
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पुराने सरयू पुल पर चार दिन से ठप है वाहनों का आवागमन
पुराने सरयू पुल पर चार दिन से वाहनों का आवागमन ठप है। कटरा शिवदयालगंज से पुराने सरयू पुल तक रास्ते में बैरियर लगाए गए हैं। यहां पर पुलिसकर्मियों को लगाया गया है। सीओ तरबगंज को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वसंतपंचमी को लेकर तैयार हो रहा प्लान
मौनी अमावस्या पर महाकुंभ में हुए हादसे के बाद प्रशासन ने वसंतपंचमी पर प्रयागराज व अयोध्या जाने वाले श्रद्धालुओं को लेकर अलग से योजना तैयार करने की कवायद शुरू की है। प्रशासनिक अधिकारी उन बिंदुओं की पड़ताल कर रहे हैं, जहां-जहां चूक हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा सहित अन्य बिंदुओं पर फोकस किया जा रहा है।
कुछ समझ में ही नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है
दुखहरणनाथ मंदिर के सामने रहने वाले सेवानिवृत्त अवर अभियंता एससी मिश्र महाकुंभ का अनुभव साझा करते हुए भावुक हो जाते हैं। बताया कि मौनी अमावस्या पर वह पत्नी ममता मिश्रा के साथ प्रयागराज गए थे। वह संगम घाट पर थे। रात में कुछ पुलिसकर्मियों ने कहा, स्नान का समय हो गया है, आप लोग स्नान करिए। उस वक्त घाट पर काफी भीड़ थी। कुछ समझ में ही नहीं आ रहा था कि क्या करें। एक ही रास्ते से लोग आ-जा रहे थे। स्नान करने के बाद कपड़े बदलने तक की जगह नहीं थी। ऐसे में लोग भीगे कपड़े में आगे बढ़ रहे थे। फिर अचानक लोग गिरने लगे। इसी दौरान पत्नी बिछड़ गईं। वह बिजली के खंभे के सहारे खड़े रहे। सुबह पत्नी की तलाश में खोया पाया केंद्र से लेकर अस्पताल तक चक्कर काटते रहे। दोपहर में पत्नी के मिलने की जानकारी हुई। इसके बाद घर लौटे।
नहीं पूरी हो सकी रामलला के दर्शन की आस
बिहार के सुपौल के गांव कर्णपुर के रहने वाले अमरनाथ 15 लोगों के साथ 26 जनवरी को महाकुंभ (प्रयागराज) पहुंचे थे। इन लोगों ने 28 जनवरी को स्नान के बाद अयोध्या में रामलला के दर्शन करके गोंडा आने का कार्यक्रम तय किया था, लेकिन महाकुंभ में हादसे के बाद सब बदल गया। यह सभी रास्ते में फंस गए। प्रयागराज से फाफामऊ तक पैदल आए। फिर वहां से ट्रेन से गोरखपुर पहुंचे। शुक्रवार सुबह गोरखपुर वाया बस्ती होकर लखनऊ इंटरसिटी ट्रेन से गोंडा रेलवे स्टेशन पर उतरे। जहां से उन्हें देर रात्रि गरीबरथ ट्रेन से बिहार जाना है। इन लोगों का कहना है कि अयोध्या के राममंदिर में दर्शन न होने के कारण यात्रा अधूरी रह गई।
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दरअसल, गोंडा डिपो की 25 बसें अभी तक प्रयागराज से नहीं लौटी हैं। इससे श्रद्धालुओं को वापसी में समस्या हो रही है। शुक्रवार दोपहर निजी वाहनों के साथ ही अयोध्या डिपो की बसों से श्रद्धालु गोंडा पहुंचे। यहां से आगे जाने के लिए लोगों को दिन में भी घंटों तक वाहन का इंतजार करना पड़ा।
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रोडवेज के एआरएम कपिल देव का कहना है कि 25 बसें अभी भी प्रयागराज में फंसी हुई हैं। लोकल रूटों पर 52 बसें लगाई गई हैं। शुक्रवार को प्रयागराज के लिए दो बसें भेजी गई हैं।
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पुराने सरयू पुल पर चार दिन से ठप है वाहनों का आवागमन
पुराने सरयू पुल पर चार दिन से वाहनों का आवागमन ठप है। कटरा शिवदयालगंज से पुराने सरयू पुल तक रास्ते में बैरियर लगाए गए हैं। यहां पर पुलिसकर्मियों को लगाया गया है। सीओ तरबगंज को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वसंतपंचमी को लेकर तैयार हो रहा प्लान
मौनी अमावस्या पर महाकुंभ में हुए हादसे के बाद प्रशासन ने वसंतपंचमी पर प्रयागराज व अयोध्या जाने वाले श्रद्धालुओं को लेकर अलग से योजना तैयार करने की कवायद शुरू की है। प्रशासनिक अधिकारी उन बिंदुओं की पड़ताल कर रहे हैं, जहां-जहां चूक हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा सहित अन्य बिंदुओं पर फोकस किया जा रहा है।
कुछ समझ में ही नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है
दुखहरणनाथ मंदिर के सामने रहने वाले सेवानिवृत्त अवर अभियंता एससी मिश्र महाकुंभ का अनुभव साझा करते हुए भावुक हो जाते हैं। बताया कि मौनी अमावस्या पर वह पत्नी ममता मिश्रा के साथ प्रयागराज गए थे। वह संगम घाट पर थे। रात में कुछ पुलिसकर्मियों ने कहा, स्नान का समय हो गया है, आप लोग स्नान करिए। उस वक्त घाट पर काफी भीड़ थी। कुछ समझ में ही नहीं आ रहा था कि क्या करें। एक ही रास्ते से लोग आ-जा रहे थे। स्नान करने के बाद कपड़े बदलने तक की जगह नहीं थी। ऐसे में लोग भीगे कपड़े में आगे बढ़ रहे थे। फिर अचानक लोग गिरने लगे। इसी दौरान पत्नी बिछड़ गईं। वह बिजली के खंभे के सहारे खड़े रहे। सुबह पत्नी की तलाश में खोया पाया केंद्र से लेकर अस्पताल तक चक्कर काटते रहे। दोपहर में पत्नी के मिलने की जानकारी हुई। इसके बाद घर लौटे।
नहीं पूरी हो सकी रामलला के दर्शन की आस
बिहार के सुपौल के गांव कर्णपुर के रहने वाले अमरनाथ 15 लोगों के साथ 26 जनवरी को महाकुंभ (प्रयागराज) पहुंचे थे। इन लोगों ने 28 जनवरी को स्नान के बाद अयोध्या में रामलला के दर्शन करके गोंडा आने का कार्यक्रम तय किया था, लेकिन महाकुंभ में हादसे के बाद सब बदल गया। यह सभी रास्ते में फंस गए। प्रयागराज से फाफामऊ तक पैदल आए। फिर वहां से ट्रेन से गोरखपुर पहुंचे। शुक्रवार सुबह गोरखपुर वाया बस्ती होकर लखनऊ इंटरसिटी ट्रेन से गोंडा रेलवे स्टेशन पर उतरे। जहां से उन्हें देर रात्रि गरीबरथ ट्रेन से बिहार जाना है। इन लोगों का कहना है कि अयोध्या के राममंदिर में दर्शन न होने के कारण यात्रा अधूरी रह गई।