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गांवों में विकास कार्य ठप
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2015 10:30 PM IST
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पंचायत चुनाव का सिलसिला शुरू होते ही गांवों के विकास का पहिया थम गया है। प्रधान से लेकर ग्राम सचिव स्तर के कर्मचारी चुनाव की प्रक्रिया में व्यस्त हैं, ऐसे में गांवों के विकास को गति देने वाला कोई नहीं है।
यही कारण है कि हजारों मनरेगा मजदूर इन दिनों एक वक्त की रोजी-रोटी की तलाश में भटक रहे हैं। अगस्त से ही पंचायत चुनाव की कार्रवाई तेज होने के बाद ग्राम प्रधान से लेकर ग्राम सचिव चुनावी प्रक्रिया में जुट गए। यही कारण रहा कि जिले के सैकड़ों गांवों में विकास कार्य ठप हो गया।
जिले की कुल 1054 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के 62292 कार्य प्रस्तावित हैं, जिनमें से 21831 अधूरे हैं। वहीं बीते अगस्त तक जिले की 344 ग्राम पंचायतों में मनरेगा का एक पैसा भी नहीं खर्च किया गया। इससे इन ग्राम पंचायतों के हजारों श्रमिकों को एक दिन का काम भी नहीं मिला।
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सितंबर में पंचायत चुनाव की तैयारी को अंतिम रूप देने व आचार संहिता लागू होने के बाद ग्राम पंचायतों के विकास की गति को लकवा ही मार गया। प्रधान से लेकर कर्मी चुनाव में व्यस्त हो गए, तो विकास कौन कराए।
इनसेट
मनरेगा में शून्य व्यय करने वाली ग्राम पंचायतों की ब्लॉकवार संख्या
ब्लॉक ग्राम पंचायतें
बभनजोत 36
बेलसर 23
छपिया 26
करनैलगंज 30
हलधरमऊ 09
इटियाथोक 33
झंझरी 11
कटराबाजार 17
मनकापुर 07
मुजेहना 10
नवाबगंज 33
पड़रीकृपाल 11
परसपुर 32
तरबगंज 15
वजीरगंज 18
मनरेगा के तहत होने वाले अधूरे कार्यों को पूरा कराने के निर्देश खंड विकास अधिकारियों को दिए गए हैं। साथ ही जहां कार्य नहीं शुरू हुए हैं, वहां प्रारंभ कराने के भी निर्देश दिए गए है। काम न प्रारंभ होने का कारण भी तलब किया गया है। - जयंत कुमार दीक्षित, मुख्य विकास अधिकारी
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यही कारण है कि हजारों मनरेगा मजदूर इन दिनों एक वक्त की रोजी-रोटी की तलाश में भटक रहे हैं। अगस्त से ही पंचायत चुनाव की कार्रवाई तेज होने के बाद ग्राम प्रधान से लेकर ग्राम सचिव चुनावी प्रक्रिया में जुट गए। यही कारण रहा कि जिले के सैकड़ों गांवों में विकास कार्य ठप हो गया।
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जिले की कुल 1054 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के 62292 कार्य प्रस्तावित हैं, जिनमें से 21831 अधूरे हैं। वहीं बीते अगस्त तक जिले की 344 ग्राम पंचायतों में मनरेगा का एक पैसा भी नहीं खर्च किया गया। इससे इन ग्राम पंचायतों के हजारों श्रमिकों को एक दिन का काम भी नहीं मिला।
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सितंबर में पंचायत चुनाव की तैयारी को अंतिम रूप देने व आचार संहिता लागू होने के बाद ग्राम पंचायतों के विकास की गति को लकवा ही मार गया। प्रधान से लेकर कर्मी चुनाव में व्यस्त हो गए, तो विकास कौन कराए।
इनसेट
मनरेगा में शून्य व्यय करने वाली ग्राम पंचायतों की ब्लॉकवार संख्या
ब्लॉक ग्राम पंचायतें
बभनजोत 36
बेलसर 23
छपिया 26
करनैलगंज 30
हलधरमऊ 09
इटियाथोक 33
झंझरी 11
कटराबाजार 17
मनकापुर 07
मुजेहना 10
नवाबगंज 33
पड़रीकृपाल 11
परसपुर 32
तरबगंज 15
वजीरगंज 18
मनरेगा के तहत होने वाले अधूरे कार्यों को पूरा कराने के निर्देश खंड विकास अधिकारियों को दिए गए हैं। साथ ही जहां कार्य नहीं शुरू हुए हैं, वहां प्रारंभ कराने के भी निर्देश दिए गए है। काम न प्रारंभ होने का कारण भी तलब किया गया है। - जयंत कुमार दीक्षित, मुख्य विकास अधिकारी