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Gonda News: पूर्वजों से मिलने पहुंचे फिजी एंबेसी के उप उच्चायुक्त
Wed, 07 May 2025 11:33 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 07 May 2025 11:33 PM IST
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परिवार संग पूर्वजों के घर पहुंचे फिजी एबेंसी के उप उच्चायुक्त नीलेश रोनिल।
मनकापुर (गोंडा)। भारत में फिजी एंबेसी के उप उच्चायुक्त नीलेश रोनिल कुमार बुधवार को अपने पूर्वजों की खोज और उनके परिवार से मिलने गोंडा में मनकापुर के उपाध्यायपुर ग्रंट गांव पहुंचे। यहां परिवार से मिलकर वह काफी खुश दिखाई दिए। उनके साथ पत्नी अंजना रेड्डी, बेटे मयंक व प्रणव भी साथ रहे।
ग्राम अगया दतौली के रहने वाले सुकई चौहान को अंग्रेज सन 1908 में जबरन अपने साथ लेकर फिजी चले गए थे। ग्रामीणों के अनुसार सुकई के भाई रतन भागकर दूसरे गांव के जंगलों में छिप गए थे जो आज अपने गांव के पास उपाध्यायपुर ग्रंट के बलुवा में परिवार के साथ रह रहे हैं।
सुकई की पांचवीं पीढ़ी के प्रपौत्र नीलेश रोनिल कुमार फिजी में ही पढ़-लिखकर बीते सात वर्षों से भारत में फिजी दूतावास में उप उच्चायुक्त पद कार्यरत हैं। जिन्हें भारतीय दूतावास की ओर से मिले इमीग्रेशन पास के माध्यम से पूर्वजों के मूल गांव अगया दतौली मनकापुर गोंडा की जानकारी हुई।
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बुधवार को नीलेश अपनी पत्नी अंजना रेड्डी, बेटा मयंक व प्रणव के साथ चचेरे पर दादा हरीराम से मिलने पहुंच गए, जहां अपने पूर्वजों के परिवार से मिलकर बहुत खुश हुए। उन्होंने गांव के मंदिर में पूजा-अर्चना की। परिवार ने उपहार भेंट किया।
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ग्राम अगया दतौली के रहने वाले सुकई चौहान को अंग्रेज सन 1908 में जबरन अपने साथ लेकर फिजी चले गए थे। ग्रामीणों के अनुसार सुकई के भाई रतन भागकर दूसरे गांव के जंगलों में छिप गए थे जो आज अपने गांव के पास उपाध्यायपुर ग्रंट के बलुवा में परिवार के साथ रह रहे हैं।
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सुकई की पांचवीं पीढ़ी के प्रपौत्र नीलेश रोनिल कुमार फिजी में ही पढ़-लिखकर बीते सात वर्षों से भारत में फिजी दूतावास में उप उच्चायुक्त पद कार्यरत हैं। जिन्हें भारतीय दूतावास की ओर से मिले इमीग्रेशन पास के माध्यम से पूर्वजों के मूल गांव अगया दतौली मनकापुर गोंडा की जानकारी हुई।
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बुधवार को नीलेश अपनी पत्नी अंजना रेड्डी, बेटा मयंक व प्रणव के साथ चचेरे पर दादा हरीराम से मिलने पहुंच गए, जहां अपने पूर्वजों के परिवार से मिलकर बहुत खुश हुए। उन्होंने गांव के मंदिर में पूजा-अर्चना की। परिवार ने उपहार भेंट किया।