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डेंगू की दस्तक से स्वास्थ्य महकमा अलर्ट, निगरानी बढ़ी
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फोटो- 4 गोंडा के काजीदेवर में फॉगिंग करता कर्मचारी। -संवाद
- फोटो : GONDA
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गोंडा। जिले में डेंगू व एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस) की दस्तक से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप है। डेंगू के तीन और एईएस के पांच मिलने के बाद अस्पतालों में निगरानी बढ़ाने के साथ ही चिह्नित मरीजों के लिए अलग से आइसोलेशन वार्ड बनाने की कवायद भी शुरू हो गयी है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने संक्रमित मरीजों के घर पहुंचकर मॉस कांटेक्ट अभियान के साथ ही एंटी लार्वा का छिड़काव कार्य भी करवाया। सीएमओ जिला अस्पताल सहित सभी सीएचसी अधीक्षकों को अलर्ट पर रहने के साथ ही डेंगू आइसोलेशन वार्ड सक्रिय करने को कहा है।
डेंगू की दस्तक ने स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की परेशानी बढ़ा दी है। शुक्रवार तक जिले में डेंगू के तीन केस तथा एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस) के पांच केसों की पुष्टि हुई है। झंझरी विकासखंड के काजीदेवर निवासी जर्नादन प्रसाद तिवारी (50) को बीमारी के चलते लखनऊ के केजीएमयू में भर्ती कराया गया था। जहां जांच किए जाने पर डेंगू की पुष्टि हुई। वहीं इटियाथोक के एक तथा परसपुर के एक व्यक्ति में डेंगू की पुष्टि हुई है।
सभी मरीज लखनऊ के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। वहीं अब तक एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस) के पांच मरीज मिले हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. मंजुला आनंद ने बताया कि जिन गांवों में डेंगू संक्रमितों की पुष्टि हुई है, वहां स्वास्थ्य विभाग की टीमें जाकर एंटी लार्वा रोधी झिड़काव के साथ फॉगिंग करवाने में जुटी है। साथ ही लोगों को भी डेंगू व एईएस से बचाव के प्रति जागरूक कर पूरी सावधानी बरतने को कहा जा रहा है।
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जल्द बनाए जाएंगे डेंगू वार्ड
जिला अस्पताल में मेडिकल वार्ड के बगल में ही डेंगू वार्ड बनाया गया है। जहां डेंगू के मरीजों को अलग मच्छरदानी युक्त बेड पर रखा जा रहा है। डेंगू के दस्तक के बाद आइसोलेशन वार्ड को फिर से एक्टिव किया गया है। वार्ड में प्रत्येक बेड पर मच्छरदानी लगाई जाएगी। इसके अलावा डेंगू जांच की रैपिड किट की भी डिमांड भेजी गई है।
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डेंगू की दस्तक ने स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की परेशानी बढ़ा दी है। शुक्रवार तक जिले में डेंगू के तीन केस तथा एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस) के पांच केसों की पुष्टि हुई है। झंझरी विकासखंड के काजीदेवर निवासी जर्नादन प्रसाद तिवारी (50) को बीमारी के चलते लखनऊ के केजीएमयू में भर्ती कराया गया था। जहां जांच किए जाने पर डेंगू की पुष्टि हुई। वहीं इटियाथोक के एक तथा परसपुर के एक व्यक्ति में डेंगू की पुष्टि हुई है।
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सभी मरीज लखनऊ के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। वहीं अब तक एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस) के पांच मरीज मिले हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. मंजुला आनंद ने बताया कि जिन गांवों में डेंगू संक्रमितों की पुष्टि हुई है, वहां स्वास्थ्य विभाग की टीमें जाकर एंटी लार्वा रोधी झिड़काव के साथ फॉगिंग करवाने में जुटी है। साथ ही लोगों को भी डेंगू व एईएस से बचाव के प्रति जागरूक कर पूरी सावधानी बरतने को कहा जा रहा है।
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जल्द बनाए जाएंगे डेंगू वार्ड
जिला अस्पताल में मेडिकल वार्ड के बगल में ही डेंगू वार्ड बनाया गया है। जहां डेंगू के मरीजों को अलग मच्छरदानी युक्त बेड पर रखा जा रहा है। डेंगू के दस्तक के बाद आइसोलेशन वार्ड को फिर से एक्टिव किया गया है। वार्ड में प्रत्येक बेड पर मच्छरदानी लगाई जाएगी। इसके अलावा डेंगू जांच की रैपिड किट की भी डिमांड भेजी गई है।