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Gonda News: इमरजेंसी के बाहर स्ट्रेचर पर हुआ प्रसव
Thu, 13 Aug 2026 11:15 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 13 Aug 2026 11:15 PM IST
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गोंडा। जिला महिला अस्पताल से रेफर की गई एनीमिया पीड़ित गर्भवती ने सोमवार रात मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के बाहर स्ट्रेचर पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। प्रसव के बाद भी महिला को समय पर उपचार नहीं मिलने और वापस महिला अस्पताल भेजने के मामले में मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के चिकित्सकों और कर्मचारियों से जवाब तलब किया है। साथ ही प्रधानाचार्य को मामले में रिपोर्ट भेजी गई है।
मनकापुर निवासी सीमा को प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच में उन्हें खून की कमी (एनीमिया) मिली। चिकित्सकों ने सुरक्षित प्रसव के लिए शाम को उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। रात करीब नौ बजे परिजन गर्भवती को लेकर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी पहुंचे। वहां चिकित्सक स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के विशेषज्ञ से संपर्क करने में लगे थे।
इसी दौरान प्रसव पीड़ा बढ़ गई और सीमा ने इमरजेंसी गेट के बाहर स्ट्रेचर पर ही बच्चे को जन्म दे दिया।
प्रसव के बाद सीमा की हालत बिगड़ने लगी तो उन्हें मेडिकल कॉलेज की कोविड बिल्डिंग में संचालित स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग भेजा गया। आरोप है कि वहां डॉक्टर उपलब्ध न होने की बात कहकर सीमा को दोबारा जिला महिला अस्पताल भेज दिया गया।
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महिला अस्पताल में प्रसूता का प्राथमिक उपचार किया गया। हालत को देखते हुए बाद में जच्चा-बच्चा को बहराइच मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां दोनों का उपचार चल रहा है।
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी ने बताया कि मामला संज्ञान में है। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के चिकित्सकों और कर्मचारियों से जवाब मांगा गया है। पूरे प्रकरण की रिपोर्ट प्रधानाचार्य को भेजी गई है।
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मनकापुर निवासी सीमा को प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच में उन्हें खून की कमी (एनीमिया) मिली। चिकित्सकों ने सुरक्षित प्रसव के लिए शाम को उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। रात करीब नौ बजे परिजन गर्भवती को लेकर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी पहुंचे। वहां चिकित्सक स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के विशेषज्ञ से संपर्क करने में लगे थे।
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इसी दौरान प्रसव पीड़ा बढ़ गई और सीमा ने इमरजेंसी गेट के बाहर स्ट्रेचर पर ही बच्चे को जन्म दे दिया।
प्रसव के बाद सीमा की हालत बिगड़ने लगी तो उन्हें मेडिकल कॉलेज की कोविड बिल्डिंग में संचालित स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग भेजा गया। आरोप है कि वहां डॉक्टर उपलब्ध न होने की बात कहकर सीमा को दोबारा जिला महिला अस्पताल भेज दिया गया।
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महिला अस्पताल में प्रसूता का प्राथमिक उपचार किया गया। हालत को देखते हुए बाद में जच्चा-बच्चा को बहराइच मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां दोनों का उपचार चल रहा है।
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी ने बताया कि मामला संज्ञान में है। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के चिकित्सकों और कर्मचारियों से जवाब मांगा गया है। पूरे प्रकरण की रिपोर्ट प्रधानाचार्य को भेजी गई है।