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टार्च की रोशनी में कराया प्रसव, नहीं चलाया जनरेटर
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गोंडा। तरबगंज, सीएससी पर सोमवार की रात मोबाइल और टॉर्च की रोशनी में गर्भवती का प्रसव कराया गया। हद तो तब हो गई जब काफी अनुनय विनय के बाद भी जनरेटर में तेल ना होने का बहाना बनाया। प्रसूता को सीएचसी अधीक्षक देखने भी नहीं आए।
रामपुर टेंगरहा निवासी आशीष मिश्रा ने बताया कि उसकी पत्नी नीरज को प्रसव पीड़ा उठने के बाद आशा कार्यकर्ता अनीता तिवारी के साथ एंबुलेंस से लेकर 9 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तरबगंज पहुंचे। सीएचसी के बाहर सोलर लाइट जल रही थी।
अंदर वार्ड में घुप्प अंधेरा कायम था। जनरेटर में डीजल ना होने से पूरा अस्पताल अंधेरे में डूबा था। डिलीवरी रूम में प्रकाश की कोई व्यवस्था नहीं थी। ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स रेशू और मंजू ने पीड़िता को अन्यत्र ले जाने की सलाह दी।
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अनीता तिवारी के गंभीर स्थिति का हवाला देने पर वार्ड में ले जाकर टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में प्रसव कराया गया। लड़की पैदा होने के बाद जच्चा और बच्चा को बाहर लाकर बेंच पर लेटा दिया गया।
दवाई भी प्राइवेट मेडिकल स्टोर से मंगवाई गई। यहां तक की अनुनय विनय और अवैध वसूली के बाद एंबुलेंस ड्राइवर ने प्रसूता को रात ढाई बजे उसके घर पहुंचाया गया। फिलहाल इस बाबत बात करने के लिए कई बार अधीक्षक डॉ धीरज तिवारी को फोन मिलाया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। संवाद
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रामपुर टेंगरहा निवासी आशीष मिश्रा ने बताया कि उसकी पत्नी नीरज को प्रसव पीड़ा उठने के बाद आशा कार्यकर्ता अनीता तिवारी के साथ एंबुलेंस से लेकर 9 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, तरबगंज पहुंचे। सीएचसी के बाहर सोलर लाइट जल रही थी।
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अंदर वार्ड में घुप्प अंधेरा कायम था। जनरेटर में डीजल ना होने से पूरा अस्पताल अंधेरे में डूबा था। डिलीवरी रूम में प्रकाश की कोई व्यवस्था नहीं थी। ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स रेशू और मंजू ने पीड़िता को अन्यत्र ले जाने की सलाह दी।
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अनीता तिवारी के गंभीर स्थिति का हवाला देने पर वार्ड में ले जाकर टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में प्रसव कराया गया। लड़की पैदा होने के बाद जच्चा और बच्चा को बाहर लाकर बेंच पर लेटा दिया गया।
दवाई भी प्राइवेट मेडिकल स्टोर से मंगवाई गई। यहां तक की अनुनय विनय और अवैध वसूली के बाद एंबुलेंस ड्राइवर ने प्रसूता को रात ढाई बजे उसके घर पहुंचाया गया। फिलहाल इस बाबत बात करने के लिए कई बार अधीक्षक डॉ धीरज तिवारी को फोन मिलाया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। संवाद