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अवैध संबंधों में पत्नी ने साथियों संग कराई थी पति की हत्या
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गोंडा। रमवापुर नायक के रहने वाले दवा व्यवसायी की पत्नी ने झाड़-फूंक करने वाले बाबा से अवैध संबंधों में साथियों के साथ मिलकर साजिशन पति लालमणि की हत्या कराई थी। इसका खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपी पत्नी समेत छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त बसुला व दवा व्यवसायी के दोनों मोबाइल फोन अभियुक्तों के पास से बरामद किया है।
16 मई की रात थाना इटियाथोक क्षेत्र के रमवापुर नायक गांव के रहने वाले लालमणि विश्वकर्मा धानेपुर थाना क्षेत्र के जोगीजोत ईंट-भट्ठा के पास स्थित मेडिकल स्टोर से घर लौटते समय अपहरण कर लिया गया था। उस रात लालमणि ने अपनी पत्नी के मोबाइल पर बताया था कि उसका कुछ लोगों ने अपहरण कर लिया है, उसे मारापीटा और चार लाख रुपये फिरौती की मांग कर रहे हैं। रुपये न देने पर जान से मार देने की धमकी दे रहे हैं। सुबह दोबारा फोन करने की बात कहकर फोन काट दिया था।
अपहरण की सूचना पर पुलिस ने लालमणि के पिता की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू की थी। एसओजी समेत पुलिस की तीन टीमें अपहृत दवा व्यवसायी की तलाश में लगी थी। पुलिस की पूछताछ में लालमणि की पत्नी ने पहले फिरौती की बात बताई, लेकिन फिर बयान से पलट गई और बताया कि फिरौती की मांग नहीं की गई थी। गुरुवार की शाम अपहृत दवा व्यवसायी का शव उसके घर से 50 मीटर की दूरी पर इटियाथोक-बाबागंज मार्ग पर नत्थू विश्वकर्मा के मड़हे में भूसे के ढेर में दबा मिला। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज एवं सर्विलांस से मिले साक्ष्यों के आधार पर लालमणि के दोस्त रामनाथ उर्फ नाथू विश्वकर्मा व लालमणि की पत्नी से पूछताछ की गई तो दोनों टूट गए और बताया कि लालमणि के गांव के जुम्मन मियां झाड़-फूंक करते थे। इसी बीच जुम्मन मियां का लालमणि की पत्नी अर्चना से अवैध संबंध हो गया।
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एसपी के मुताबिक लालमणि विश्वकर्मा, जुम्मन मियां और नाथू विश्वकर्मा निवासी रमवापुर में आपस में दोस्ती थी। लालमणि को रास्ते से हटाने के लिए जुम्मन मियां एवं अर्चना ने नाथू विश्वकर्मा के साथ मिलकर योजना बनाई। 16 मई की देरशाम नाथू ने फोन करके लालमणि को शराब पिलाने के बहाने नहर पुलिया रमवापुर पर बुलाया। नाथू ने अपने साथी दीनानाथ वर्मा निवासी बैरागीजोत थाना इटियाथोक, जगदीश उर्फ बंगाली निवासी अयाह थाना इटियाथोक व सरवन इमिलिया थाना इटियाथोक ने शराब पिलाने के दौरान लालमणि की बसुला से मारकर हत्या कर दी। इसके बाद सभी ने मिलकर शव को बोरे में भरकर नाथू के मढ़हे, जिसमें भूसा भरा हुआ था। वहां पर छिपा दिया, ऊपर से कंडा भर दिया।
एसपी ने बताया कि लालमणि के फोन से नाथू ने कॉल करके अर्चना को बताया कि लालमणि की हत्या कर दी है। नाथू ने ही 112 पर फोन करके लालमणि के अपहरण की सूचना दी। अर्चना ने पुलिस को गुमराह करके पति के अपहरण का केस दर्ज कराया। नाथू और उसके साथियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बसुला व लालमणि का दो मोबाहल फोन बरामद कर लिया गया। डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने पुलिस टीम को पचास हजार रुपये का पुरस्कार दिया है।
तरक्की देख दोस्त ही बन गया जान का दुश्मन
कहते हैं कि हर किसी को तरक्की करना पसंद है। मगर तरक्की करने के साथ सतर्कता बहुत जरूरी है। कभी-कभी आपकी तरक्की आप की जान भी ले सकती है। रमवापुर नायक के रहने वाले दवा व्यवसायी लालमणि विश्वकर्मा के साथ ऐसा ही हुआ। लालमणि एक गरीब परिवार से है। उसने जोगीजोत में दवा का कारोबार शुरू किया तो वह चल निकला। दवा के व्यवसाय में उसकी अच्छी खासी आमदनी होती थी। उसका दोस्त रामनाथ उर्फ नाथू विश्वकर्ता उसकी तरक्की से चिढ़ने लगा था। जब नत्थू को जुम्मन मियां और अर्चना के नाजायज संबंधों का पता चला तो देखते ही देखत वह दोस्त बनकर लालमणि के जान का दुश्मन बन गया।
पुलिस की सुस्ती भी चर्चा में
दवा व्यवसायी के अपहरण की सूचना मिलने के बाद भी पुलिस की कार्रवाई सुस्त रही। दावा किया गया कि अपहरणकर्ताओं की खोजबीन के लिए तीन टीमें लगाई गईं, लेकिन टीमें मृतक के घर से 50 मीटर की दूरी भी तय नहीं कर पाईं। ऐसा तब है जब मुख्य आरोपी नत्थू को पुलिस घटना के दिन ही उठा लाई थी। पुलिस ने मामले का राजफाश कर भले ही अपनी पीठ थपथपा ली, लेकिन उसकी सुस्ती क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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16 मई की रात थाना इटियाथोक क्षेत्र के रमवापुर नायक गांव के रहने वाले लालमणि विश्वकर्मा धानेपुर थाना क्षेत्र के जोगीजोत ईंट-भट्ठा के पास स्थित मेडिकल स्टोर से घर लौटते समय अपहरण कर लिया गया था। उस रात लालमणि ने अपनी पत्नी के मोबाइल पर बताया था कि उसका कुछ लोगों ने अपहरण कर लिया है, उसे मारापीटा और चार लाख रुपये फिरौती की मांग कर रहे हैं। रुपये न देने पर जान से मार देने की धमकी दे रहे हैं। सुबह दोबारा फोन करने की बात कहकर फोन काट दिया था।
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अपहरण की सूचना पर पुलिस ने लालमणि के पिता की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू की थी। एसओजी समेत पुलिस की तीन टीमें अपहृत दवा व्यवसायी की तलाश में लगी थी। पुलिस की पूछताछ में लालमणि की पत्नी ने पहले फिरौती की बात बताई, लेकिन फिर बयान से पलट गई और बताया कि फिरौती की मांग नहीं की गई थी। गुरुवार की शाम अपहृत दवा व्यवसायी का शव उसके घर से 50 मीटर की दूरी पर इटियाथोक-बाबागंज मार्ग पर नत्थू विश्वकर्मा के मड़हे में भूसे के ढेर में दबा मिला। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज एवं सर्विलांस से मिले साक्ष्यों के आधार पर लालमणि के दोस्त रामनाथ उर्फ नाथू विश्वकर्मा व लालमणि की पत्नी से पूछताछ की गई तो दोनों टूट गए और बताया कि लालमणि के गांव के जुम्मन मियां झाड़-फूंक करते थे। इसी बीच जुम्मन मियां का लालमणि की पत्नी अर्चना से अवैध संबंध हो गया।
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एसपी के मुताबिक लालमणि विश्वकर्मा, जुम्मन मियां और नाथू विश्वकर्मा निवासी रमवापुर में आपस में दोस्ती थी। लालमणि को रास्ते से हटाने के लिए जुम्मन मियां एवं अर्चना ने नाथू विश्वकर्मा के साथ मिलकर योजना बनाई। 16 मई की देरशाम नाथू ने फोन करके लालमणि को शराब पिलाने के बहाने नहर पुलिया रमवापुर पर बुलाया। नाथू ने अपने साथी दीनानाथ वर्मा निवासी बैरागीजोत थाना इटियाथोक, जगदीश उर्फ बंगाली निवासी अयाह थाना इटियाथोक व सरवन इमिलिया थाना इटियाथोक ने शराब पिलाने के दौरान लालमणि की बसुला से मारकर हत्या कर दी। इसके बाद सभी ने मिलकर शव को बोरे में भरकर नाथू के मढ़हे, जिसमें भूसा भरा हुआ था। वहां पर छिपा दिया, ऊपर से कंडा भर दिया।
एसपी ने बताया कि लालमणि के फोन से नाथू ने कॉल करके अर्चना को बताया कि लालमणि की हत्या कर दी है। नाथू ने ही 112 पर फोन करके लालमणि के अपहरण की सूचना दी। अर्चना ने पुलिस को गुमराह करके पति के अपहरण का केस दर्ज कराया। नाथू और उसके साथियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बसुला व लालमणि का दो मोबाहल फोन बरामद कर लिया गया। डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने पुलिस टीम को पचास हजार रुपये का पुरस्कार दिया है।
तरक्की देख दोस्त ही बन गया जान का दुश्मन
कहते हैं कि हर किसी को तरक्की करना पसंद है। मगर तरक्की करने के साथ सतर्कता बहुत जरूरी है। कभी-कभी आपकी तरक्की आप की जान भी ले सकती है। रमवापुर नायक के रहने वाले दवा व्यवसायी लालमणि विश्वकर्मा के साथ ऐसा ही हुआ। लालमणि एक गरीब परिवार से है। उसने जोगीजोत में दवा का कारोबार शुरू किया तो वह चल निकला। दवा के व्यवसाय में उसकी अच्छी खासी आमदनी होती थी। उसका दोस्त रामनाथ उर्फ नाथू विश्वकर्ता उसकी तरक्की से चिढ़ने लगा था। जब नत्थू को जुम्मन मियां और अर्चना के नाजायज संबंधों का पता चला तो देखते ही देखत वह दोस्त बनकर लालमणि के जान का दुश्मन बन गया।
पुलिस की सुस्ती भी चर्चा में
दवा व्यवसायी के अपहरण की सूचना मिलने के बाद भी पुलिस की कार्रवाई सुस्त रही। दावा किया गया कि अपहरणकर्ताओं की खोजबीन के लिए तीन टीमें लगाई गईं, लेकिन टीमें मृतक के घर से 50 मीटर की दूरी भी तय नहीं कर पाईं। ऐसा तब है जब मुख्य आरोपी नत्थू को पुलिस घटना के दिन ही उठा लाई थी। पुलिस ने मामले का राजफाश कर भले ही अपनी पीठ थपथपा ली, लेकिन उसकी सुस्ती क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।