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डेंगू से युवक की मौत
अमर उजाला/बलरामपुर
Updated Sun, 25 Sep 2016 11:48 PM IST
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platelets, dengue
- फोटो : Demo Pic
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जिले में डेंगू से शनिवार की रात लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज के दौरान एक युवक की मौत हो गई है। स्वास्थ्य महकमे ने जिले में अब तक डेंगू से 10 मरीजों की पुष्टि की है। जिले में डेंगू की जांच किट के माध्यम से की जाती है, जिसमें मात्र 40 प्रतिशत तक बीमारी होने की संभावना मिल पा रही है। जिले में डेंगू मरीजों के इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है।
नगर के मोहल्ला खलवा निवासी सीडी मिश्र ने रविवार को बताया कि उनके छोटे पुत्र दुष्यंत मिश्र (32) की डेंगू के कारण बीती रात मौत हो गई। दुष्यंत का इलाज डॉ. राम मनोहर लोहिया लखनऊ अस्पताल में हो रहा था। परिवारीजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया है।
सीडी मिश्र ने बताया कि दिमागी बुखार से उनका बड़ा बेटा शांतिभूषण दो माह से पीड़ित है। आर्थिक तंगी के चलते सीडी मिश्र का परिवार इन बीमारियों के चंगुल में फंसकर काफी परेशान है।
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सीएमओ डॉ. आशुतोष गुप्ता ने कहा कि डेंगू से बचाव के लिए इलाज के साथ-साथ खान-पान व रहन-सहन बेहतर होना चाहिए। घरों के आसपास नियमित साफ-सफाई करनी चाहिए। आयुर्वेद के मुताबिक 100 ग्राम ताजा गिलोय लेकर उसका रस निकालकर दिन में तीन बार खाली पेट पिलाएं, जिससे बुखार ठीक होगा और प्लेटलेट्स में तुरंत वृद्धि होगी।
गिलोय के रस में पपीतों के पत्ते का रस, गेहूं के ज्वारे का रस तथा घृत कुमारी (ऐलोवेरा का रस) दो-दो चम्मच पीना चाहिए। अनार व अन्य फलों का रस दिन में कई बार लें। डेंगू से ग्रसित रोगी की जांच नियमित रूप से कराते रहे। घर के आसपास गंदे पानी का जमाव न होने दें।
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नगर के मोहल्ला खलवा निवासी सीडी मिश्र ने रविवार को बताया कि उनके छोटे पुत्र दुष्यंत मिश्र (32) की डेंगू के कारण बीती रात मौत हो गई। दुष्यंत का इलाज डॉ. राम मनोहर लोहिया लखनऊ अस्पताल में हो रहा था। परिवारीजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया है।
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सीडी मिश्र ने बताया कि दिमागी बुखार से उनका बड़ा बेटा शांतिभूषण दो माह से पीड़ित है। आर्थिक तंगी के चलते सीडी मिश्र का परिवार इन बीमारियों के चंगुल में फंसकर काफी परेशान है।
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सीएमओ डॉ. आशुतोष गुप्ता ने कहा कि डेंगू से बचाव के लिए इलाज के साथ-साथ खान-पान व रहन-सहन बेहतर होना चाहिए। घरों के आसपास नियमित साफ-सफाई करनी चाहिए। आयुर्वेद के मुताबिक 100 ग्राम ताजा गिलोय लेकर उसका रस निकालकर दिन में तीन बार खाली पेट पिलाएं, जिससे बुखार ठीक होगा और प्लेटलेट्स में तुरंत वृद्धि होगी।
गिलोय के रस में पपीतों के पत्ते का रस, गेहूं के ज्वारे का रस तथा घृत कुमारी (ऐलोवेरा का रस) दो-दो चम्मच पीना चाहिए। अनार व अन्य फलों का रस दिन में कई बार लें। डेंगू से ग्रसित रोगी की जांच नियमित रूप से कराते रहे। घर के आसपास गंदे पानी का जमाव न होने दें।