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Gonda News: आत्मविश्वास से लबरेज होंगी बेटिया, 30 हजार छात्राएं सीखेंगी आत्मरक्षा के गुर
Sun, 19 Jul 2026 11:23 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 19 Jul 2026 11:23 PM IST
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फोटज्ञे-30-गोंडा के परिषदीय विद्यालय में आत्मरक्षा के तरीके
गोंडा। जिले की करीब 30 हजार छात्राओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने के उद्देश्य से सोमवार से रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू होगा। जिले के 919 उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में आयोजित होने वाले इस अभियान के तहत छात्राओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक तरीके सिखाए जाएंगे, ताकि वे विपरीत परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा करने के साथ ही साहस और आत्मविश्वास के साथ निर्णय ले सकें।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 20 फरवरी तक चलेगा। इसके लिए 150 खेल अनुदेशकों (पीटीआई) को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो निर्धारित विद्यालयों में छात्राओं को प्रशिक्षण देंगे। प्रत्येक विद्यालय में न्यूनतम 48 घंटे का प्रशिक्षण कराया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिदिन कम से कम एक घंटे का अभ्यास कराया जाएगा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अमित कुमार सिंह ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर संबंधित खेल अनुदेशकों को 20 जुलाई से विद्यालयीय कार्यों से मुक्त कर प्रशिक्षण में भागीदारी सुनिश्चित कराने को कहा है।
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अनुदेशक संघ के जिलाध्यक्ष अजय प्रताप सिंह ने बताया कि सभी अनुदेशकों को विद्यालय आवंटित कर दिए गए हैं और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रशिक्षण शुरू कराया जाएगा।
यह पहल केवल आत्मरक्षा कौशल तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्राओं में आत्मविश्वास, साहस, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और महिला सशक्तीकरण की भावना विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। प्रशिक्षण के माध्यम से बेटियों को सुरक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाएगा।
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यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 20 फरवरी तक चलेगा। इसके लिए 150 खेल अनुदेशकों (पीटीआई) को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो निर्धारित विद्यालयों में छात्राओं को प्रशिक्षण देंगे। प्रत्येक विद्यालय में न्यूनतम 48 घंटे का प्रशिक्षण कराया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिदिन कम से कम एक घंटे का अभ्यास कराया जाएगा।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अमित कुमार सिंह ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर संबंधित खेल अनुदेशकों को 20 जुलाई से विद्यालयीय कार्यों से मुक्त कर प्रशिक्षण में भागीदारी सुनिश्चित कराने को कहा है।
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अनुदेशक संघ के जिलाध्यक्ष अजय प्रताप सिंह ने बताया कि सभी अनुदेशकों को विद्यालय आवंटित कर दिए गए हैं और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रशिक्षण शुरू कराया जाएगा।
यह पहल केवल आत्मरक्षा कौशल तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्राओं में आत्मविश्वास, साहस, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और महिला सशक्तीकरण की भावना विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। प्रशिक्षण के माध्यम से बेटियों को सुरक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाएगा।