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मर्यादा के अग्निबाण से धू-धू कर जला अहंकार
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16द्दस्रड्डश्च5-गोंडा के खैरा भवानी रामलीला ग्राउंड में धू-धू कर जलता रावण का पुतला।
- फोटो : GONDA
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गोंडा। अहंकार और असत्य के प्रतीक रावण का अंत का कर धर्म की विजय पताका फहराई गई। शुक्रवार को मर्यादा पुरुषोत्तम का अग्नि बाण लगते ही अहंकार व अन्याय का प्रतीक विशालकाय दशानन धू-धू कर जल उठा। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे रामलीला के तहत शुक्रवार को राम-रावण युद्ध को देखने के लिए हजारों लोग जुटे।
शुक्रवार को रामलीला मैदान मालवीयनगर में राम-कुंभकर्ण, लक्ष्मण-मेघनाद व अंत में राम-रावण का युद्ध दर्शनीय रहा। खैरा भवारी के रामलीला मंचन में राम ने कुंभकर्ण का वध कर दिया। मेघनाथ फिर मैदान में आ गया। मेघनाथ से युद्ध के लिए लखनलाल वानरी सेना के साथ उतरे। लक्ष्मण का शक्ति बाण मेघनाथ को लगा और उसकी मृत्यु हो गई। भाई कुंभकर्ण व पुत्र मेघनाथ की मृत्यु से आक्रोशित रावण खुद युद्ध के लिए मैदान में पहुंच गया। राम व उनकी सेना को ललकारा।
राम-रावण के बीच युद्ध शुरू हुआ, लेकिन राम को उस समय हताशा हुई जब उसका सिर कटता और फिर जुड़ जाता। विभीषण ने राम को इशारा कर बताया कि रावण की नाभि में अमृत है। पहले उस अमृत को नष्ट करें, तभी रावण की मृत्यु हो सकती है। राम ने बाण संधान कर रावण के नाभि पर मारा और उसकी मृत्यु हो गई। रावण के मरते विशाल काय रावण का पुतले जल उठा। शहर के पंतनगर, मालवीय नगर मैदान में हजारों लोगों ने रावण बध देखकर हर्ष का अनुभव किया।
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नाभि में बाण लगते ही जमीन पर गिरा दशानन
मनकापुर। आईटीआई लिमिटेड मेे आयोजित रामलीला के मंचन में भगवान राम के बार-बार बाण मारने के बावजूद रावण का वध नहीं हो पा रहा था। विभीषण ने राम को बताया कि रावण का वध ऐसे नहीं किया जा सकता, रावण के नाभि में अमृत है। भेद जानने के बाद राम ने रावण के नाभि में अग्नि बाण चलाया। दशानन मूर्च्छित होकर जमीन पर गिर पड़ा। इस अवसर पर महाप्रबंधक अजय कुमार श्रीवास्तव, दिलीप कुमार शर्मा,वाई एस चौहान, उपमहाप्रबंधक आलोक गुप्ता एवं केंद्रीय सेवाओं के प्रमुख पीएन झा, कर्मचारी संघ के मंत्री उमेश चंद्र, उपाध्यक्ष गुरूबक्स आदि उपस्थित रहे।
खरगूपुर रामलीला मैदान में राम-रावण युद्ध देखने के लिए नगर सहित आसपास के गांवों के लोग हजारों की संख्या में उपस्थित रहे। जैसे ही राम ने रावण वध किया, मैदान भगवान श्रीराम की जय से गूंज उठा। देर शाम तक लोगों की भीड़ जुटी रही। बाजार में ठसाठस भीड़ थी। इसके अलावा धानेपुर, मनकापुर, नवाबगंज, वजीरगंज, परसपुर, तरबगंज, रगड़गंज, कटरा बाजार आदि स्थानों पर रावण वध किया गया। दशहरा पर्व धूमधाम से मना। जगह-जगह मेले लगे जिनमें बच्चों ने जमकर आनंद उठाया।
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शुक्रवार को रामलीला मैदान मालवीयनगर में राम-कुंभकर्ण, लक्ष्मण-मेघनाद व अंत में राम-रावण का युद्ध दर्शनीय रहा। खैरा भवारी के रामलीला मंचन में राम ने कुंभकर्ण का वध कर दिया। मेघनाथ फिर मैदान में आ गया। मेघनाथ से युद्ध के लिए लखनलाल वानरी सेना के साथ उतरे। लक्ष्मण का शक्ति बाण मेघनाथ को लगा और उसकी मृत्यु हो गई। भाई कुंभकर्ण व पुत्र मेघनाथ की मृत्यु से आक्रोशित रावण खुद युद्ध के लिए मैदान में पहुंच गया। राम व उनकी सेना को ललकारा।
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राम-रावण के बीच युद्ध शुरू हुआ, लेकिन राम को उस समय हताशा हुई जब उसका सिर कटता और फिर जुड़ जाता। विभीषण ने राम को इशारा कर बताया कि रावण की नाभि में अमृत है। पहले उस अमृत को नष्ट करें, तभी रावण की मृत्यु हो सकती है। राम ने बाण संधान कर रावण के नाभि पर मारा और उसकी मृत्यु हो गई। रावण के मरते विशाल काय रावण का पुतले जल उठा। शहर के पंतनगर, मालवीय नगर मैदान में हजारों लोगों ने रावण बध देखकर हर्ष का अनुभव किया।
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नाभि में बाण लगते ही जमीन पर गिरा दशानन
मनकापुर। आईटीआई लिमिटेड मेे आयोजित रामलीला के मंचन में भगवान राम के बार-बार बाण मारने के बावजूद रावण का वध नहीं हो पा रहा था। विभीषण ने राम को बताया कि रावण का वध ऐसे नहीं किया जा सकता, रावण के नाभि में अमृत है। भेद जानने के बाद राम ने रावण के नाभि में अग्नि बाण चलाया। दशानन मूर्च्छित होकर जमीन पर गिर पड़ा। इस अवसर पर महाप्रबंधक अजय कुमार श्रीवास्तव, दिलीप कुमार शर्मा,वाई एस चौहान, उपमहाप्रबंधक आलोक गुप्ता एवं केंद्रीय सेवाओं के प्रमुख पीएन झा, कर्मचारी संघ के मंत्री उमेश चंद्र, उपाध्यक्ष गुरूबक्स आदि उपस्थित रहे।
खरगूपुर रामलीला मैदान में राम-रावण युद्ध देखने के लिए नगर सहित आसपास के गांवों के लोग हजारों की संख्या में उपस्थित रहे। जैसे ही राम ने रावण वध किया, मैदान भगवान श्रीराम की जय से गूंज उठा। देर शाम तक लोगों की भीड़ जुटी रही। बाजार में ठसाठस भीड़ थी। इसके अलावा धानेपुर, मनकापुर, नवाबगंज, वजीरगंज, परसपुर, तरबगंज, रगड़गंज, कटरा बाजार आदि स्थानों पर रावण वध किया गया। दशहरा पर्व धूमधाम से मना। जगह-जगह मेले लगे जिनमें बच्चों ने जमकर आनंद उठाया।

16द्दस्रड्डश्च6-गोंडा के मनकापुर आईटीआई परिसर में आयोजित रामलीला में कुंभकरण के मौत पर विलाप करते- फोटो : GONDA