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Gonda News: तीसरी रेल लाइन का पांच को निरीक्षण करेंगे सीआरएस
Tue, 02 Dec 2025 11:06 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 02 Dec 2025 11:06 PM IST
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गोंडा। उत्तर पूर्व सर्किल के मुख्य संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) पांच दिसंबर को घाघरा घाट-बुढ़वल जंक्शन रेलवे स्टेशनों के बीच नवनिर्मित तीसरी लाइन का निरीक्षण करेंगे। उनकी हरी झंडी मिलते ही इस ट्रैक पर भी ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। यह जानकारी देते हुए पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि गोंडा-बुढ़वल (61.72 किमी) तीसरी लाइन निर्माण के अंतर्गत गोंडा कचहरी-घाघरा घाट (45.42 किमी) का कमीशन कार्य पूरा हो चुका है। अवशेष भाग का निर्माण कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है। इसमें घाघरा नदी पर तीसरे पुल का निर्माण सबसे महत्वपूर्ण कार्य था।
उन्होंने बताया कि पूर्वोत्तर रेलवे अपने आधारभूत संरक्षा को सुदृढ़ करने एवं विस्तार देने में जुटा है। इसी क्रम में रेल लाइनों के मल्टी ट्रैकिंग का कार्य भी तेजी से चल रहा है। लाइनों की संख्या में वृद्धि होने से गाड़ियों की समयबद्धता में सुधार होगा। साथ ही अधिक गाड़ियों का संचालन किया जा सकेगा। गोंडा-बुढ़वल तीसरी लाइन निर्माण के परियोजना को पूर्ण करने में 1,117 करोड़ रुपये की लागत आई है।
सीपीआरओ ने बताया कि घाघरा घाट-चौकाघाट स्टेशनों के मध्य घाघरा नदी पर नवनिर्मित तीसरा पुल अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस पुल की लंबाई 1,037 मीटर है, जिसमें 17 स्पैन हैं। इसका फाउंडेशन डबल लाइन के अनुरूप तैयार किया गया है। इस खंड पर चौथी रेललाइन निर्माण के समय पुनः पुल बनाने की जरूरत नहीं होगी।
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1898 में घाघरा नदी पर बना था पहला रेल पुल
वर्ष 1898 में घाघरा घाट-चौकाघाट मीटर गेज लाइन के निर्माण के साथ घाघरा नदी पर पहले पुल का निर्माण हुआ हुआ। इस पुल का नाम भारत के तत्कालीन वायसराय (1894-1899) रहे लॉर्ड एल्गिन के नाम पर एल्गिन ब्रिज पड़ा। इस पुल को 1981 में गोंडा-बाराबंकी रेलखंड के आमान परिवर्तन के दौरान बड़ी लाइन के मानक के अनुरूप बनाया गया। दूसरे पुल का निर्माण घाघरा घाट-चौकाघाट खंड के दोहरीकरण के दौरान वर्ष 2012-13 में हुआ। 14 अप्रैल 2013 को इस पुल से पहली रेलगाड़ी गुजरी थी।
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उन्होंने बताया कि पूर्वोत्तर रेलवे अपने आधारभूत संरक्षा को सुदृढ़ करने एवं विस्तार देने में जुटा है। इसी क्रम में रेल लाइनों के मल्टी ट्रैकिंग का कार्य भी तेजी से चल रहा है। लाइनों की संख्या में वृद्धि होने से गाड़ियों की समयबद्धता में सुधार होगा। साथ ही अधिक गाड़ियों का संचालन किया जा सकेगा। गोंडा-बुढ़वल तीसरी लाइन निर्माण के परियोजना को पूर्ण करने में 1,117 करोड़ रुपये की लागत आई है।
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सीपीआरओ ने बताया कि घाघरा घाट-चौकाघाट स्टेशनों के मध्य घाघरा नदी पर नवनिर्मित तीसरा पुल अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस पुल की लंबाई 1,037 मीटर है, जिसमें 17 स्पैन हैं। इसका फाउंडेशन डबल लाइन के अनुरूप तैयार किया गया है। इस खंड पर चौथी रेललाइन निर्माण के समय पुनः पुल बनाने की जरूरत नहीं होगी।
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1898 में घाघरा नदी पर बना था पहला रेल पुल
वर्ष 1898 में घाघरा घाट-चौकाघाट मीटर गेज लाइन के निर्माण के साथ घाघरा नदी पर पहले पुल का निर्माण हुआ हुआ। इस पुल का नाम भारत के तत्कालीन वायसराय (1894-1899) रहे लॉर्ड एल्गिन के नाम पर एल्गिन ब्रिज पड़ा। इस पुल को 1981 में गोंडा-बाराबंकी रेलखंड के आमान परिवर्तन के दौरान बड़ी लाइन के मानक के अनुरूप बनाया गया। दूसरे पुल का निर्माण घाघरा घाट-चौकाघाट खंड के दोहरीकरण के दौरान वर्ष 2012-13 में हुआ। 14 अप्रैल 2013 को इस पुल से पहली रेलगाड़ी गुजरी थी।