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Gonda News: फव्वारा सिंचाई से लहलहाएंगी फसलें, किसान होंगे समृद्ध
Fri, 15 Mar 2024 01:48 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 15 Mar 2024 01:48 AM IST
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बलरामपुर। फव्वारा सिंचाई से खेतों में फसलें लहलहाएंगी। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से ड्रिप सिस्टम लगाने की सुविधा किसानों को दी जा रही है।
खेतों में फव्वारा उपकरणों को लगाने वाले किसानों को उद्यान विभाग से 80 से 90 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। फव्वारा सिंचाई से फसलों को बारिश जैसी बूंदों का लाभ मिलता है।
इससे फसलों की धुलाई के साथ उनकी जड़ों तक पानी पहुंचता है, जिससे उत्पादन बढ़ता और फसल भी अच्छी होती है।
नेपाल सीमा से सटे पचपेड़वा ब्लॉक के जनकपुर गांव में किसान सुधीर सिंह ने 30 बीघे में गन्ने की ट्रेंच विधि से खेती की है। उन्होंने बताया कि यहां गर्मी के मौसम में सिंचाई की समस्या रहती है।
उद्यान विभाग से संपर्क करके गन्ने के खेत में 4.04 लाख रुपये में ड्रिप सिस्टम लगवाया, जिसमें उद्यान विभाग से 1.07 लाख रुपये का अनुदान मिला। फव्वारा विधि से गन्ने की सिंचाई कर रहे हैं, जिसे देखने के लिए जिले के अन्य ब्लॉकों से किसानों का समूह आ रहा है।
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उन्होंने बताया कि 62 बीघे खेत में ड्रिप सिस्टम लगवाने के लिए उद्यान विभाग में ऑनलाइन आवेदन किया है। गर्मी में नेपाल सीमा से सटे चार विकासखंडों हरैया सतघरवा, गैंसड़ी, तुलसीपुर व पचपेड़वा में हार्ड एरिया होने के चलते सिंचाई की समस्या रहती है। इस क्षेत्र के किसानों के लिए फव्वारा सिंचाई की सुविधा सबसे कारगर उपाय है।
इन फसलों को मिलेगा लाभ
फव्वारा से हरे पत्तेदार सब्जियों, सरसों, चना, मटर, धान, गेहूं व आलू के साथ आम व अमरूद के बागों में भी फव्वारा विधि से सिंचाई करके किसानों को अपने फसलों को बेहतर उत्पादन प्राप्त करने का सुनहरा अवसर मिलेगा।
जिला उद्यान अधिकारी संतोष कुमार दुबे के अनुसार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से यहां करीब 700 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 500 से अधिक किसानों ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में ऑनलाइन आवेदन किया है। इसमें 350 से अधिक किसानों को लाभान्वित किया जा चुका है। पांच एकड़ से कम जोत वाले किसानों को 90 प्रतिशत और इससे अधिक जोत वाले किसानों को 80 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। इसके लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है।
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खेतों में फव्वारा उपकरणों को लगाने वाले किसानों को उद्यान विभाग से 80 से 90 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। फव्वारा सिंचाई से फसलों को बारिश जैसी बूंदों का लाभ मिलता है।
इससे फसलों की धुलाई के साथ उनकी जड़ों तक पानी पहुंचता है, जिससे उत्पादन बढ़ता और फसल भी अच्छी होती है।
नेपाल सीमा से सटे पचपेड़वा ब्लॉक के जनकपुर गांव में किसान सुधीर सिंह ने 30 बीघे में गन्ने की ट्रेंच विधि से खेती की है। उन्होंने बताया कि यहां गर्मी के मौसम में सिंचाई की समस्या रहती है।
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उद्यान विभाग से संपर्क करके गन्ने के खेत में 4.04 लाख रुपये में ड्रिप सिस्टम लगवाया, जिसमें उद्यान विभाग से 1.07 लाख रुपये का अनुदान मिला। फव्वारा विधि से गन्ने की सिंचाई कर रहे हैं, जिसे देखने के लिए जिले के अन्य ब्लॉकों से किसानों का समूह आ रहा है।
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उन्होंने बताया कि 62 बीघे खेत में ड्रिप सिस्टम लगवाने के लिए उद्यान विभाग में ऑनलाइन आवेदन किया है। गर्मी में नेपाल सीमा से सटे चार विकासखंडों हरैया सतघरवा, गैंसड़ी, तुलसीपुर व पचपेड़वा में हार्ड एरिया होने के चलते सिंचाई की समस्या रहती है। इस क्षेत्र के किसानों के लिए फव्वारा सिंचाई की सुविधा सबसे कारगर उपाय है।
इन फसलों को मिलेगा लाभ
फव्वारा से हरे पत्तेदार सब्जियों, सरसों, चना, मटर, धान, गेहूं व आलू के साथ आम व अमरूद के बागों में भी फव्वारा विधि से सिंचाई करके किसानों को अपने फसलों को बेहतर उत्पादन प्राप्त करने का सुनहरा अवसर मिलेगा।
जिला उद्यान अधिकारी संतोष कुमार दुबे के अनुसार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से यहां करीब 700 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 500 से अधिक किसानों ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में ऑनलाइन आवेदन किया है। इसमें 350 से अधिक किसानों को लाभान्वित किया जा चुका है। पांच एकड़ से कम जोत वाले किसानों को 90 प्रतिशत और इससे अधिक जोत वाले किसानों को 80 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। इसके लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है।