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तीन लोगों को उम्रकैद
अमर उजाला/गोंडा
Updated Tue, 19 Jul 2016 10:47 PM IST
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कोर्ट
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जमीन के विवाद में धर्मात्मा प्रसाद की गोली मारकर हत्या करने के तीन आरोपियों को सत्र न्यायाधीश जी श्रीदेवी ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता अंबरीश यादव के मुताबिक इटियाथोक थाना क्षेत्र के तारी परसोहिया नौवा गांव निवासी जगदम्मा प्रसाद तिवारी ने 13 अगस्त 2008 को थाना इटियाथोक में तारी परसोहिया नौवा गांव के रहने वाले राजेंद्र कुमार तिवारी, सिद्धनाथ तिवारी व देवनरायन के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जिसमें कहा गया कि 12 अगस्त 2008 को उसका बेटा धर्मात्मा प्रसाद तिवारी खेत को जाने के लिए निकला था। तभी घर के बगल घात लगाए बैठे राजेंद्र, सिद्धनाथ व देव नरायन ने उसे पकड़ लिया और उसे थोड़ी दूर ले जाकर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी।
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गोली की आवाज सुनकर घर के लोग दौड़े तो हमलावरों ने फायरिंग की और धमकी देते हुए भाग निकले। सत्र परीक्षण के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता ने गवाहों के बयान दर्ज कराए। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस को सुना और पत्रावली का अवलोकन कर अभियुक्त राजेंद्र कुमार तिवारी, सिद्धनाथ तिवारी व देव नरायन को हत्या में दोष सिद्ध करते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही तीनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें दो-दो वर्ष अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता अंबरीश यादव के मुताबिक इटियाथोक थाना क्षेत्र के तारी परसोहिया नौवा गांव निवासी जगदम्मा प्रसाद तिवारी ने 13 अगस्त 2008 को थाना इटियाथोक में तारी परसोहिया नौवा गांव के रहने वाले राजेंद्र कुमार तिवारी, सिद्धनाथ तिवारी व देवनरायन के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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जिसमें कहा गया कि 12 अगस्त 2008 को उसका बेटा धर्मात्मा प्रसाद तिवारी खेत को जाने के लिए निकला था। तभी घर के बगल घात लगाए बैठे राजेंद्र, सिद्धनाथ व देव नरायन ने उसे पकड़ लिया और उसे थोड़ी दूर ले जाकर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी।
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गोली की आवाज सुनकर घर के लोग दौड़े तो हमलावरों ने फायरिंग की और धमकी देते हुए भाग निकले। सत्र परीक्षण के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता ने गवाहों के बयान दर्ज कराए। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस को सुना और पत्रावली का अवलोकन कर अभियुक्त राजेंद्र कुमार तिवारी, सिद्धनाथ तिवारी व देव नरायन को हत्या में दोष सिद्ध करते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही तीनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें दो-दो वर्ष अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी।