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गैर इरादतन हत्या में दंपती को सात साल की कैद
amar ujala
Updated Fri, 10 Feb 2017 11:32 PM IST
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राबर्ट्सगंज कचहरी में सोमवार को विरोध प्रदर्शन करते अधिवक्ता।
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बुजुर्ग की गैर इरादतन हत्या करने के आरोपी पति-पत्नी को अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय सतेन्द्र कुमार ने सात साल के कारावास व पांच-पाच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता विनय कुमार सिंह के मुताबिक थाना नवाबगंज क्षेत्र के खजुरिया कटरा भोगचंद गांव के रहने वाले रामकरन पुत्र संतराम ने 15 सितंबर 2011 को थाना नवाबगंज में तिलकराम पुत्र लोलई व गीता देवी पत्नी तिलकराम निवासी खजुरिया कटरा भोगचंद के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमे रामकरन ने कहा कि उसका खेत के विवाद को लेकर तिलकराम से मुकदमा चल रहा था।
मुकदमे में उसके पिता संतराम के पक्ष में फैसला हो गया था। मगर तिलकराम खेत नहीं खाली कर रहे थे। इसी रंजिश को लेकर 12 सितंबर 2011 की रात 9 बजे तिलकराम व उसकी पत्नी गीता देवी लाठी-डंडा लेकर उसके दरवाजे पर आ गए और उसके पिता से अभद्रता करने लगे, जब उसके पिता ने मना किया तो उन्हें लाठी-डंडे से मारपीट कर घायल कर दिया। शोर मचाने पर गांव के लोग आ गए तो दोनों धमकी देते हुए चले गए।
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सत्र परीक्षण के दौरान शासकीय अधिवक्ता ने अदालत पर गवाहों का बयान कराया। अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय ने गवानों के बयान को सुना व पत्रावली का अवलोकन कर संतराम की गैर इरादतन हत्या के आरोप में अभियुक्त तिलकराम व गीता देवी पर आरोप साबित होने पर हुए सात-सात साल के कारावास व पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्तों को दो-दो माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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शासकीय अधिवक्ता विनय कुमार सिंह के मुताबिक थाना नवाबगंज क्षेत्र के खजुरिया कटरा भोगचंद गांव के रहने वाले रामकरन पुत्र संतराम ने 15 सितंबर 2011 को थाना नवाबगंज में तिलकराम पुत्र लोलई व गीता देवी पत्नी तिलकराम निवासी खजुरिया कटरा भोगचंद के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमे रामकरन ने कहा कि उसका खेत के विवाद को लेकर तिलकराम से मुकदमा चल रहा था।
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मुकदमे में उसके पिता संतराम के पक्ष में फैसला हो गया था। मगर तिलकराम खेत नहीं खाली कर रहे थे। इसी रंजिश को लेकर 12 सितंबर 2011 की रात 9 बजे तिलकराम व उसकी पत्नी गीता देवी लाठी-डंडा लेकर उसके दरवाजे पर आ गए और उसके पिता से अभद्रता करने लगे, जब उसके पिता ने मना किया तो उन्हें लाठी-डंडे से मारपीट कर घायल कर दिया। शोर मचाने पर गांव के लोग आ गए तो दोनों धमकी देते हुए चले गए।
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सत्र परीक्षण के दौरान शासकीय अधिवक्ता ने अदालत पर गवाहों का बयान कराया। अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय ने गवानों के बयान को सुना व पत्रावली का अवलोकन कर संतराम की गैर इरादतन हत्या के आरोप में अभियुक्त तिलकराम व गीता देवी पर आरोप साबित होने पर हुए सात-सात साल के कारावास व पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्तों को दो-दो माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।