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हत्यारे को सात वर्ष की कैद
अमर उजाला ब्यूरो/गोंडा
Updated Sat, 28 Jan 2017 11:52 PM IST
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महिला की गैर इरादतन हत्या करने के आरोपी को अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ ने सात वर्ष के सश्रम कारावास व पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन के मुताबिक करनैलगंज के गाड़ी बाजार निवासी अनिल कु्मार ने 23 जनवरी 2013 में कोतवाली करनैलगंज में दीनानाथ भट्ट पुत्र स्वर्गीय रमेश भट्ट निवासी मोहल्ला गाड़ी बाजार करनैलगंज के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जिसमें कहा गया कि अनिल के पिता जगदीश भारती व माता किरन मयी देवी मोहल्ला गाड़ी बाजार में रहते थे। 23 जनवरी की शाम साढ़े 6 बजे उसके पिता सामान खरीदने बाजार गए थे। उनके बाजार जाने पहले दीनानाथ उसके घर पर आया था और पिता से नौकरी के बारे में बातचीत की।
मगर पिता ने उसे नौकरी देने से मना कर दिया, जब पिता बाजार जाने लगे तो वह भी चला गया। पिता बाजार से वापस लौटे तो देखा की माता किरन मयी देवी चारपाई के बगल में नीचे गिरी पड़ी थीं और उनके सिर पर गंभीर चोट लगी थी, खून बह रहा था। वहां से थोड़ी दूर पर रखा सीमेंट का गमला टूटा पड़ा था।
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माता को अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। अनिल के मुताबिक पिता के नौकरी देने से इन्कार करने पर दीनानाथ भट्ट ने माता की गमले से वारकर घायल कर दिया। जिससे उनकी मौत हो गई। सत्र परीक्षण के दौरान अभियोजन ने अदालत पर गवाहों का बयान कराया।
अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ संजय कुमार शुक्ल ने दीनानाथ भट्ट को किरन मयी देवी की गैर इरादतन हत्या में दोषसिद्ध करतेद हुए सात साल के सश्रम कारावास की सजा व पांच हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
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अभियोजन के मुताबिक करनैलगंज के गाड़ी बाजार निवासी अनिल कु्मार ने 23 जनवरी 2013 में कोतवाली करनैलगंज में दीनानाथ भट्ट पुत्र स्वर्गीय रमेश भट्ट निवासी मोहल्ला गाड़ी बाजार करनैलगंज के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जिसमें कहा गया कि अनिल के पिता जगदीश भारती व माता किरन मयी देवी मोहल्ला गाड़ी बाजार में रहते थे। 23 जनवरी की शाम साढ़े 6 बजे उसके पिता सामान खरीदने बाजार गए थे। उनके बाजार जाने पहले दीनानाथ उसके घर पर आया था और पिता से नौकरी के बारे में बातचीत की।
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मगर पिता ने उसे नौकरी देने से मना कर दिया, जब पिता बाजार जाने लगे तो वह भी चला गया। पिता बाजार से वापस लौटे तो देखा की माता किरन मयी देवी चारपाई के बगल में नीचे गिरी पड़ी थीं और उनके सिर पर गंभीर चोट लगी थी, खून बह रहा था। वहां से थोड़ी दूर पर रखा सीमेंट का गमला टूटा पड़ा था।
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माता को अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। अनिल के मुताबिक पिता के नौकरी देने से इन्कार करने पर दीनानाथ भट्ट ने माता की गमले से वारकर घायल कर दिया। जिससे उनकी मौत हो गई। सत्र परीक्षण के दौरान अभियोजन ने अदालत पर गवाहों का बयान कराया।
अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ संजय कुमार शुक्ल ने दीनानाथ भट्ट को किरन मयी देवी की गैर इरादतन हत्या में दोषसिद्ध करतेद हुए सात साल के सश्रम कारावास की सजा व पांच हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।