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ससुराल में युवक पर चाकू से हमला

Sun, 23 Apr 2017 11:02 PM IST
अमर उजाला/गोंडा
अमर उजाला/गोंडा Updated Sun, 23 Apr 2017 11:02 PM IST
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In the in-laws attack the youth with a knife
सीएचसी में घायल युवक - फोटो : अमर उजाला
सीतारामपुर ग्रंट गांव के मजरा खुटेहना में रविवार को अपनी पत्नी को मायके से लाने गए युवक को उसके ससुरालियों ने चाकू घोंप दिया। गंभीर हालत में उसे सीएचसी बभनजोत लाया गया, यहां से उसे जिला अस्पताल भेज दिया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि विवाद पत्नी को विदा न करने को लेकर हुआ। इस मामले में युवक की मां ने खोड़ारे थाने में तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। 
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सिद्धार्थनगर जनपद के भवानीगंज थाना क्षेत्र के बढ़नी चाफा गांव के मजरा उदितडीह के रहने वाले रामचंद्र यादव (22) ने बताया कि वह मुंबई में प्राइवेट कंपनी में काम करता है। रामचंद्र के मुताबिक उसकी शादी एक साल पहले गोंडा के खोड़ारे थाना क्षेत्र के सीतारामपुर ग्रंट गांव के मजरा खुटेहना निवासी लक्ष्मन यादव की बेटी कुसुम के साथ हुई थी।
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रामचंद्र ने बताया कि उसके ससुर लक्ष्मन यादव ने उसे फोन कर पत्नी की विदाई करने के लिए मुंबई से बुलाया था। रामचंद्र के मुताबिक सुबह जब वह मुंबई से ससुराल पहुंचा तो पत्नी को विदा न करने को लेकर विवाद हो गया और उसके साले ननकऊ, अशोक व राहुल ने उसे जमकर पीटा और चाकू घोंप दिया।
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चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीण रामचंद्र को लेकर सीएचसी बभनजोत पहुंचे। यहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देख उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इस मामले में रामचंद्र की मां जमुना देवी ने थाना खाड़ारे में ननकऊ, अशोक व राहुल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। थानाध्यक्ष खोड़ारे विनोद यादव ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। 


संवेदनहीनता : सीएचसी के बाहर ढाई घंटे तक तड़पता रहा युवक      
सीतारामपुर ग्रंट गांव के मजरा खुटेहना में अपनी पत्नी को उसके मायके से लाने गए रामचंद्र को ससुराल वालों ने चाकू घोंप दिया। उसकी चीख सुनकर गांव वालों ने उसे सीएचसी पहुंचाया, मगर सीएचसी में ताला लटकता मिला। यहां लोगों ने डॉक्टर को फोन लगाया तो मोबाइल स्विच ऑफ था, फार्मासिस्ट भी नहीं आए। स्वास्थ्यकर्मियों की संवेदनहीनता का आलम यह रहा कि ढाई घंटे तक रामचंद्र सीएचसी के सामने तड़पता रहा, मगर उसका इलाज करने कोई नहीं आया। ढाई घंटे बाद फार्मासिस्ट संजय कुमार पहुुंचे तब उसका इलाज शुरू हुआ। लोग 108 एंबुलेंस को फोन लगाते रहे। मगर वह भी तब पहुंची जब रामचंद्र को जिला अस्पताल लाने के लिए प्राइवेट गाड़ी में शिफ्ट किया जाने लगा। बाद में 108 एंबुलेंस से उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल भेज दिया गया। 
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